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Noida Authority News : नोएडा के लाखों घर खरीदारों के लिए राहत की घंटी!, OTS स्कीम से खुलेगी बंद रजिस्ट्रियों की राह, बिल्डरों पर शिकंजा और फ्लैट मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक का इंतजार खत्म होने का भरोसा, 3724 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता हुआ साफ, जानिए कैसे 2 लाख खरीदारों को मिलेगी राहत

वर्षों से फंसी रजिस्ट्रियों को लेकर नोएडा अथॉरिटी का बड़ा कदम, रियल एस्टेट सेक्टर में लौट सकता है भरोसा, OTS स्कीम से निकलेगा समाधान का रास्ता, प्राधिकरण का संदेश—खरीदारों को जल्द मिलेगी राहत

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट बाजार में लंबे समय से एक ऐसी समस्या बनी हुई थी जिसने हजारों परिवारों के सपनों को अधर में लटका रखा था। लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने वाले लोग अपने घरों में तो रह रहे थे, लेकिन उनके पास कानूनी रूप से मालिकाना हक साबित करने वाली रजिस्ट्री नहीं थी। अब ऐसे घर खरीदारों के लिए राहत की एक बड़ी किरण दिखाई दी है। नोएडा प्राधिकरण ने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) और पुनर्वास नीति के माध्यम से वर्षों से अटकी रजिस्ट्रियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।
इस कदम को न केवल हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए राहत माना जा रहा है, बल्कि विशेषज्ञ इसे नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में नया विश्वास पैदा करने वाला निर्णय भी बता रहे हैं।

बिल्डरों के बकाये ने हजारों परिवारों को बनाया परेशान
नोएडा में पिछले कई वर्षों के दौरान अनेक बिल्डर परियोजनाएं ऐसी रहीं जिनमें खरीदारों ने समय पर भुगतान कर दिया, लेकिन बिल्डरों द्वारा प्राधिकरण का बकाया जमा न करने के कारण रजिस्ट्रियां अटक गईं। इसका खामियाजा सीधे उन परिवारों को भुगतना पड़ा जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर फ्लैट खरीदे थे।
जानकारी के अनुसार करीब 22 बड़े बिल्डरों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया है। इसी वजह से लगभग 10 हजार से अधिक फ्लैटों की रजिस्ट्री वर्षों से रुकी हुई है। कई परिवारों ने बैंक लोन चुकाया, ईएमआई दी, मेंटेनेंस चार्ज जमा किए, लेकिन इसके बावजूद वे अपने घर के कानूनी स्वामित्व से वंचित रहे।

OTS स्कीम से निकलेगा समाधान का रास्ता
नोएडा प्राधिकरण ने अब इस जटिल समस्या के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस योजना का उद्देश्य बिल्डरों को एकमुश्त या आसान शर्तों के तहत बकाया राशि जमा करने का अवसर देना है ताकि रुकी हुई परियोजनाओं और रजिस्ट्रियों को आगे बढ़ाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिल्डर इस योजना का लाभ उठाते हैं तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और वर्षों से लंबित रजिस्ट्रियों का रास्ता साफ हो सकेगा।

सरकार की पुनर्वास नीति भी बनी उम्मीद की किरण
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई स्टॉल्ड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पुनर्वास नीति ने भी कई परियोजनाओं को नई जिंदगी देने का काम किया है। इस नीति के तहत बिल्डरों को कुछ शर्तों के साथ राहत दी गई, जिससे वे अपनी वित्तीय स्थिति सुधारकर बकाया भुगतान कर सकें।
इस पहल का सकारात्मक असर कई परियोजनाओं में देखने को मिला है। कई बिल्डरों ने आंशिक भुगतान शुरू कर दिया है और इससे फ्लैट खरीदारों की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।

3724 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता हुआ साफ
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार पुनर्वास योजना के अंतर्गत लाभ लेने वाले कुछ बिल्डरों द्वारा भुगतान किए जाने के बाद 3,724 फ्लैटों की रजिस्ट्री का मार्ग प्रशस्त हो चुका है।
यह आंकड़ा उन हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से अपने घर के कानूनी दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे थे। रजिस्ट्री होने के बाद खरीदारों को संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व मिलेगा और भविष्य में संपत्ति बेचने, बैंक से ऋण लेने या कानूनी दस्तावेज तैयार करने में आसानी होगी।

खरीदारों की सबसे बड़ी मांग—‘हमारी रजिस्ट्री बिल्डर के बकाये से अलग हो’
फ्लैट खरीदार लगातार यह मांग उठाते रहे हैं कि जिन्होंने अपने फ्लैट का पूरा भुगतान कर दिया है, उनकी रजिस्ट्री बिल्डर के बकाये से जोड़कर नहीं रोकी जानी चाहिए।
खरीदारों का तर्क है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है, ऐसे में बिल्डर और प्राधिकरण के बीच चल रहे वित्तीय विवाद का खामियाजा उन्हें क्यों भुगतना पड़े। यही कारण है कि विभिन्न खरीदार संगठन लगातार सरकार और प्राधिकरण से इस दिशा में ठोस नीति बनाने की मांग कर रहे हैं।

अब भी कई परियोजनाओं में बनी हुई है चुनौती
हालांकि OTS और पुनर्वास नीति से राहत मिलने लगी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। कई परियोजनाएं अभी भी कानूनी विवादों में उलझी हुई हैं। कुछ बिल्डरों के मामले राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में लंबित हैं, जबकि कुछ के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और बकाया भुगतान को लेकर जांच चल रही है। ऐसे मामलों में खरीदारों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

रियल एस्टेट बाजार में लौट सकता है विश्वास
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया तेज होती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे नोएडा बाजार पर पड़ेगा। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, संपत्तियों का मूल्य स्थिर रहेगा और नए खरीदार भी बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

प्राधिकरण का संदेश—खरीदारों को जल्द मिलेगी राहत
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि उसका लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र खरीदारों को जल्द से जल्द रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए बकायेदार बिल्डरों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
यदि यह प्रक्रिया इसी गति से आगे बढ़ती रही तो आने वाले महीनों में हजारों परिवारों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म हो सकता है और उन्हें अपने सपनों के घर का वैधानिक मालिकाना हक मिल सकेगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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