ओएसडी क्रांति शेखर सिंह के मुताबिक, सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करते समय मौजूदा समय में ट्रकों की आवाजाही, औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं और शहर के प्रमुख प्रवेश-निकास मार्गों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रकों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भविष्य में बढ़ने वाली लॉजिस्टिक जरूरतों के अनुरूप सड़क नेटवर्क का विकास करना है।
नोएडा, रफ्तार टुडे। शहर में लगातार बढ़ती मालवाहक वाहनों की संख्या और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सिटी लॉजिस्टिक प्लान (CLP) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस योजना का उद्देश्य शहर में ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना, प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक दबाव कम करना और भविष्य की लॉजिस्टिक जरूरतों के हिसाब से सड़क नेटवर्क को विकसित करना है। प्राधिकरण ने यह ड्राफ्ट करीब 24 घंटे के ट्रैफिक डेटा के विस्तृत विश्लेषण के बाद तैयार किया है।
दरअसल, नोएडा देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों में शामिल है। शहर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, वेयरहाउस, कंपनियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। इसके चलते रोजाना बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन नोएडा में प्रवेश करते हैं और शहर के अलग-अलग हिस्सों में आवाजाही करते हैं। ट्रकों की बढ़ती संख्या का असर शहर के प्रमुख मार्गों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर भी दिखाई देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
तैयार किए गए ड्राफ्ट में शहर के विभिन्न प्रवेश और निकास बिंदुओं पर ट्रकों की आवाजाही का समय, अलग-अलग मार्गों पर मालवाहक वाहनों की संख्या और उनके आवागमन के पैटर्न का अध्ययन किया गया है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रकों की संख्या, उनके आने-जाने का समय और माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख रास्तों को भी अध्ययन में शामिल किया गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि किस क्षेत्र में कितने मालवाहक वाहन पहुंचते हैं और उनके आवागमन से किन मार्गों पर दबाव बढ़ता है।
प्राधिकरण ने एनसीआर के अन्य जिलों से रोजाना नोएडा आने वाले ट्रकों की संख्या का भी अध्ययन किया है। 24 घंटे के ट्रैफिक डेटा के आधार पर तैयार किए गए इस ड्राफ्ट में ट्रकों की आवाजाही से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। इसका मकसद केवल वर्तमान यातायात व्यवस्था को बेहतर करना ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में शहर में बढ़ने वाली लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए भी पहले से बेहतर व्यवस्था तैयार करना है।
खास बात यह है कि केंद्र सरकार की ओर से देश के 25 राज्यों के 100 से अधिक शहरों में सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की योजना शुरू की गई है। इसी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के नोएडा के साथ-साथ वाराणसी और मुरादाबाद को भी शामिल किया गया है। नोएडा में इस दिशा में सर्वे का काम जून तक पूरा किया जाना था। सर्वे पूरा होने के बाद अब प्राधिकरण ने ड्राफ्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सिटी लॉजिस्टिक प्लान को अंतिम रूप देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक विशेष समिति का गठन भी किया है। समिति की अध्यक्षता एसीईओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इसमें सिविल और नियोजन विभाग के महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक तथा औद्योगिक विभाग के एजीएम को शामिल किया गया है। इसके साथ ही आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को भी समिति में स्थान दिया गया है, ताकि लॉजिस्टिक व्यवस्था तैयार करते समय सड़क, यातायात और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ देखा जा सके।
समिति अब तैयार किए गए ड्राफ्ट की समीक्षा करेगी। समीक्षा के दौरान ट्रकों की मौजूदा आवाजाही, औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों, शहर के प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों और भविष्य में बढ़ने वाली माल ढुलाई की आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ड्राफ्ट को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे आगे शासन स्तर पर भी भेजा जा सकता है।
ओएसडी क्रांति शेखर सिंह के मुताबिक, सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करते समय मौजूदा समय में ट्रकों की आवाजाही, औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं और शहर के प्रमुख प्रवेश-निकास मार्गों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रकों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भविष्य में बढ़ने वाली लॉजिस्टिक जरूरतों के अनुरूप सड़क नेटवर्क का विकास करना है।
नोएडा के तेजी से बढ़ते औद्योगिक विस्तार को देखते हुए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि मालवाहक वाहनों के लिए पहले से निर्धारित और व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाता है तो इससे प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों तक माल की आवाजाही भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
प्राधिकरण की योजना है कि मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था और भविष्य की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए। इसके लिए ट्रकों के रूट, प्रवेश-निकास व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और सड़क नेटवर्क की क्षमता को ध्यान में रखा जाएगा। ड्राफ्ट पर समिति की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद योजना को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
इस तरह नोएडा का सिटी लॉजिस्टिक प्लान शहर में बढ़ती मालवाहक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित और व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। यदि योजना के मुताबिक सड़क नेटवर्क और ट्रक मूवमेंट व्यवस्था विकसित होती है तो औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ शहर के सामान्य यातायात पर मालवाहक वाहनों के दबाव को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

Comments (0)
Leave a Comment