ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VSIET) में 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, उत्साह और तकनीकी नवाचार के संदेश के साथ मनाया गया। समारोह में राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति के वातावरण में हुई। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को याद किया।

EV Lab, Drone और Go-Kart का हुआ उद्घाटन

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर संस्थान में EV Lab, Drone और Go-Kart का भी उद्घाटन किया गया। इन आधुनिक तकनीकी सुविधाओं को विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। EV Lab के माध्यम से विद्यार्थी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे। वहीं ड्रोन तकनीक और Go-Kart के जरिए विद्यार्थियों को डिजाइन, निर्माण, नियंत्रण प्रणाली, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग तथा संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

युवा नए अवसर और समाधान तैयार करें : कलराज मिश्र

मुख्य अतिथि श्री कलराज मिश्र ने अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीकी ज्ञान और नवाचार देश की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नए अवसर पैदा करने और देश की समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान, नवाचार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका निर्णायक है और आधुनिक तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

स्वतंत्रता से नवाचार तक का संदेश

VSIET का स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और तकनीकी शिक्षा के समन्वय का उदाहरण बना। एक ओर जहां विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता के गौरव को जीवंत किया, वहीं EV Lab, Drone और Go-Kart जैसी तकनीकी सुविधाओं के उद्घाटन ने समारोह को भविष्य की तकनीक और नवाचार से जोड़ दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी है। तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से युवा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।