YEIDA Authority News : यमुना एक्सप्रेसवे पर बसाया जाएगा नया स्मार्ट सिटी, नोएडा एयरपोर्ट के पास 8,000 हेक्टेयर में विकसित होगा आधुनिक शहर, सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी को भी मिलेगी नई रफ्तार, मास्टर प्लान तैयार करने के लिए जारी हुआ टेंडर, यमुना एक्सप्रेसवे बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा विकास कॉरिडोर
यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर भूमि पर नया शहर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने हेतु विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जा रहा है। यह शहर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से लैस होगा।

यमुना प्राधिकरण, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन नोड के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में एक नए स्मार्ट सिटी के विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे आधुनिक आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त एक संपूर्ण स्मार्ट शहरी इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही लंबे समय से विवादों और कानूनी अड़चनों में फंसी नोएडा सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को भी नई गति मिलने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद अब प्राधिकरण ने रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास विकसित होगा विश्वस्तरीय स्मार्ट शहर
यमुना प्राधिकरण के अनुसार, प्रस्तावित नया शहर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक आवासीय सेक्टर, औद्योगिक क्षेत्र, आईटी एवं बिजनेस हब, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, स्कूल, होटल, शॉपिंग मॉल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, हरित क्षेत्र और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्राधिकरण का कहना है कि यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को केवल औद्योगिक कॉरिडोर तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आधुनिक जीवनशैली का प्रमुख केंद्र बनाएगी।
मास्टर प्लान तैयार करने के लिए जारी हुआ टेंडर
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (TEFR) और मास्टर प्लान तैयार करने हेतु विशेषज्ञ कंसल्टेंसी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण द्वारा जारी टेंडर के अनुसार—एजेंसियां 5 अगस्त तक अपनी बोलियां जमा कर सकेंगी। 7 अगस्त को तकनीकी बोलियां खोली जाएंगी। चयनित एजेंसी को 6 महीने में फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके बाद 4 महीने में मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस प्रकार लगभग 10 महीनों के भीतर पूरे शहर का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद शासन की स्वीकृति मिलते ही विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने दी जानकारी
यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर भूमि पर नया शहर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने हेतु विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जा रहा है। यह शहर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से लैस होगा।
सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी को भी मिलेगा नया जीवन
यमुना क्षेत्र के साथ-साथ नोएडा सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को भी पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्पोर्ट्स सिटी में वर्ष 2021 से निर्माण कार्य विभिन्न कानूनी और वित्तीय विवादों के कारण रुका हुआ था। इसके चलते हजारों फ्लैट खरीदार लंबे समय से अपने घरों का इंतजार कर रहे थे।
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद नोएडा प्राधिकरण ने SC-2 प्लॉट में रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए जॉइंट डेवलपर्स को शामिल करने की अनुमति दे दी है। इससे आर्थिक संकट झेल रहे बिल्डरों को नए निवेशक और तकनीकी साझेदार मिल सकेंगे तथा अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी आएगी।
हजारों फ्लैट खरीदारों को मिलेगी राहत
अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त डेवलपमेंट मॉडल लागू होने के बाद रुकी हुई परियोजनाओं में निर्माण कार्य दोबारा शुरू होगा। इससे हजारों फ्लैट खरीदारों को लंबे इंतजार के बाद अपने घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि यह निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास भी मजबूत करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खुला विकास का रास्ता
अधिकारियों के अनुसार हाल ही में लगभग 300 एकड़ के SC-2 प्लॉट के लेआउट को मंजूरी मिल चुकी है और कई बिल्डरों ने भवन मानचित्र (लेआउट) स्वीकृति के लिए आवेदन भी कर दिया है। SC-2 क्षेत्र में 24 सब-लीज्ड बिल्डर परियोजनाएं हैं, जबकि SC-1 क्षेत्र में 27 परियोजनाएं शामिल हैं। मई में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब SC-1 के लेआउट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा विकास कॉरिडोर
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउसिंग, औद्योगिक इकाइयों और अब नए स्मार्ट शहर की योजना के साथ यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र उत्तर भारत का सबसे बड़ा आर्थिक एवं शहरी विकास केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, रियल एस्टेट को नई गति मिलेगी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विश्वस्तरीय शहरी विकास का नया मॉडल स्थापित होगा।



