ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश के खिलाफ प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। दनकौर क्षेत्र के ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर गांव में प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब 62,500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के आकलन के मुताबिक मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत प्राधिकरण की टीम लगातार ऐसे क्षेत्रों में अभियान चला रही है, जहां जमीन पर चारदीवारी या अन्य निर्माण कर अवैध कॉलोनी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
चारदीवारी बनाकर की जा रही थी अवैध प्लॉटिंग की तैयारी
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर में कुछ लोगों द्वारा अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर कब्जा कर चारदीवारी और अन्य अवैध निर्माण कराया जा रहा था। आरोप है कि इस जमीन पर आगे अवैध रूप से प्लॉट काटकर कॉलोनी बसाने की तैयारी की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

खसरा संख्या 40 और 41 पर 37,500 वर्ग मीटर में कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक विजय रावल ने बताया कि ननवा का राजपुर में खसरा संख्या 40 और 41 की करीब 37,500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। यहां परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम में प्रबंधक राकेश बाबू और मिथिलेश कुमार समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण और चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
अटाई मुरादपुर में भी 25 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त
इसी अभियान के तहत प्राधिकरण की टीम ने अटाई मुरादपुर में भी कार्रवाई की। यहां खसरा संख्या 626 की करीब 25,000 वर्ग मीटर जमीन पर अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल 62,500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
125 करोड़ रुपये आंकी गई जमीन की कीमत
प्राधिकरण के मुताबिक, दोनों स्थानों पर मुक्त कराई गई जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी कीमत की जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश को प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया है। अधिसूचित क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग से न केवल प्राधिकरण की योजनाओं पर असर पड़ता है, बल्कि भविष्य में यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए भी कानूनी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
CEO के निर्देश पर लगातार जारी है अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश के बाद अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण और अवैध कॉलोनाइजेशन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से जहां करोड़ों रुपये की जमीन को कब्जे से बचाया गया है, वहीं अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश कर रहे लोगों को भी सख्त संदेश गया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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