Breaking News : ग्रेटर नोएडा की जनता का इंतजार खत्म!, मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सौगात, अब जेवर एयरपोर्ट तक नहीं बदलनी पड़ेगी गाड़ियां, 25 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात से शहर को मिली नई रफ्तार, 20 रुपये में होगा सफर और प्रदूषण भी रहेगा जीरो, ग्रेटर नोएडा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक शुरू हुई आधुनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा, चार रूटों से जुड़े गांव, सेक्टर और प्रमुख संस्थान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा और आसपास के लाखों लोगों के लिए वर्षों से जिस सार्वजनिक परिवहन सुविधा का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार अब हकीकत बन गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा वासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा का शुभारंभ कर दिया है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने के साथ ही अब यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अलग-अलग साधनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि आधुनिक वातानुकूलित ई-बसों के जरिए सीधे और आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा।
वाह! अब जेवर एयरपोर्ट तक सफर होगा आसान, सस्ता और शानदार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। वहीं ग्रेटर नोएडा में दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। प्रदेश स्तर पर कुल 45 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया गया, जिनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों को 11-11 बसें आवंटित की गई हैं। लखनऊ में 12 बसें शुरू की गई हैं।
अब निजी वाहनों पर निर्भरता होगी कम, सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी नई पहचान
अब तक ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए निजी वाहन, टैक्सी या कई बार अलग-अलग साधनों का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद हजारों यात्रियों को सीधी और किफायती सुविधा मिल सकेगी।
इस सेवा से न केवल आम लोगों के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण कम करने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
20 रुपये से शुरू होगा किराया, अधिकतम 50 रुपये में पहुंचेगा यात्री एयरपोर्ट
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा सिंह ने बताया कि यात्रियों के लिए न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट के लिए प्रत्येक घंटे बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक एसी बसों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें—वातानुकूलित सुविधा, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सीसीटीवी कैमरे, आरामदायक सीटें, सुरक्षित यात्रा व्यवस्था पर्यावरण अनुकूल बैटरी तकनीक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
चार अलग-अलग रूटों से जुड़ेगा पूरा ग्रेटर नोएडा
इस नई सेवा के तहत चार प्रमुख रूट निर्धारित किए गए हैं, जिनके माध्यम से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, दनकौर, कासना, स्वर्णनगरी, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट, यथार्थ हॉस्पिटल, गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी सहित अनेक महत्वपूर्ण स्थान सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ जाएंगे।
रूट नंबर-1
चार मूर्ति से शुरू होकर डी मार्ट, बिसरख मोड़, पुलिस लाइन, कलेक्ट्रेट, परी चौक, गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी, दनकौर और जेवर कट होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगी।
कुल दूरी : 68 किलोमीटर
स्टॉपेज : 23
रूट नंबर-2
चार मूर्ति, गोल्फ फॉरेस्ट, मकौड़ा, ओमिक्रोन, कासना, जिम्स हॉस्पिटल, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, गौड़ यमुना सिटी होते हुए एयरपोर्ट तक।
कुल दूरी : 82 किलोमीटर
स्टॉपेज : 32
रूट नंबर-3
मकौड़ा रोटरी, गामा-2, शारदा हॉस्पिटल, एक्सपो मार्ट, पी-7, आम्रपाली, जीबीयू, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, दनकौर और रबूपुरा मार्ग से एयरपोर्ट तक।
कुल दूरी : 55 किलोमीटर
स्टॉपेज : 23
रूट नंबर-4
इकोटेक-16, वैभव हेरिटेज, गैलेक्सी रोटरी, तिलपता, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट, ओमिक्रोन-3, स्वर्णनगरी, यथार्थ हॉस्पिटल, जीबीयू और दनकौर से होकर एयरपोर्ट तक।
कुल दूरी : 74 किलोमीटर
स्टॉपेज : 27
लंबे समय से थी सिटी बस सेवा की मांग
दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के लोगों की लंबे समय से सार्वजनिक बस सेवा की मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि तीनों प्राधिकरणों और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह परियोजना धरातल पर उतर सकी है और आने वाले समय में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम
बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक बसों से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ईंधन की खपत भी घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यही प्रणाली स्मार्ट और सतत शहरों की पहचान बनेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, एसीईओ एसके सिंह, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ लक्ष्मी वी.एस. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे।



