Trading Newsग्रेटर नोएडा वेस्टताजातरीननोएडासोसाइटी

Breaking News : "सपनों की इमारत पर मातम का साया! ग्रेटर नोएडा के ATS प्रोजेक्ट में टूटी सेफ्टी बेल्ट, कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई दो मजदूरों की जिंदगी, निर्माण सुरक्षा पर फिर उठे बड़े सवाल", सेक्टर-152 के एटीएस प्रोजेक्ट में हुआ दर्दनाक हादसा, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 स्थित एक निर्माणाधीन हाईराइज प्रोजेक्ट में गुरुवार को हुआ दर्दनाक हादसा दो परिवारों के लिए जिंदगीभर का जख्म बन गया। आलीशान इमारतों और आधुनिक सुविधाओं के वादों के बीच काम कर रहे दो मजदूरों की जान उस समय चली गई, जब शटरिंग के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए लगाई गई सेफ्टी बेल्ट ही जवाब दे गई। कुछ ही पलों में दोनों मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर पड़े और अस्पताल पहुंचने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे के बाद एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सेक्टर-152 के एटीएस प्रोजेक्ट में हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 में स्थित निर्माणाधीन एटीएस पिक्चरेस्क रिप्रीव (ATS Picturesque Reprieve) परियोजना में गुरुवार को नियमित रूप से शटरिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान ऊंचाई पर काम कर रहे दो मजदूरों की सेफ्टी बेल्ट अचानक टूट गई। सुरक्षा उपकरण के फेल होते ही दोनों मजदूर कई फीट नीचे जा गिरे।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथी मजदूरों और कर्मचारियों ने तत्काल दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही पूरे परिसर में शोक का माहौल फैल गया।

पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे दोनों मजदूर
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान रईसुल हक (24 वर्ष) पुत्र बदिओर जमाल और अब्दुल समद (45 वर्ष) पुत्र सादात रहमान के रूप में हुई है। दोनों पश्चिम बंगाल के निवासी थे और रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आए हुए थे।
बताया जा रहा है कि दोनों मजदूर लंबे समय से निर्माण कार्य से जुड़े हुए थे और रोजाना की तरह गुरुवार को भी अपने काम में लगे हुए थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दिन उनके जीवन का आखिरी दिन साबित होगा।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही थाना नॉलेज पार्क पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
पुलिस ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर हाईराइज प्रोजेक्ट्स में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। यदि सुरक्षा उपकरण ही विफल हो जाएं तो मजदूरों की जान खतरे में पड़ना स्वाभाविक है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
रईसुल हक और अब्दुल समद की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि दो परिवारों के सपनों के टूटने की कहानी भी है। अपने परिवारों का सहारा बनने के लिए घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर आए इन मजदूरों की मौत ने उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्थानीय लोगों और साथी मजदूरों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

क्या निर्माण कंपनियां सुरक्षा मानकों को गंभीरता से ले रही हैं?
ग्रेटर नोएडा और नोएडा में तेजी से बढ़ रहे हाईराइज प्रोजेक्ट्स के बीच यह घटना एक बड़ा संदेश भी दे रही है। करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता भविष्य में और भी गंभीर हादसों को जन्म दे सकता है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button