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Yashodha Medicity News : यशोदा मेडिसिटी ने क्रिटिकल केयर में रचा नया इतिहास, उत्तर भारत में पहली बार शुरू हुई एडवांस्ड VitalGo Total Lift Bed टेक्नोलॉजी, गंभीर मरीजों की रिकवरी होगी पहले से ज्यादा तेज, मानसिक स्वास्थ्य और बेडसोर से बचाव में भी कारगर, सांस, हृदय और मांसपेशियों को मिलेगा बेहतर सहयोग

यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का उद्देश्य केवल मरीज की जान बचाना नहीं है, बल्कि उसे जल्द से जल्द सामान्य जीवन में वापस लाना भी है। उन्होंने कहा, "VitalGo Total Lift Bed को अपनाना हमारे अस्पताल की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत हम मरीजों को विश्वस्तरीय और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। आज आईसीयू में शुरुआती पुनर्वास चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

गाजियाबाद, रफ़्तार टूडे। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज और उनकी तेजी से रिकवरी के क्षेत्र में यशोदा मेडिसिटी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल यशोदा मेडिसिटी ने पैरामाउंट बेड के सहयोग से उत्तर भारत की पहली एडवांस्ड VitalGo Total Lift Bed (TLB) टेक्नोलॉजी को अपनी क्रिटिकल केयर सेवाओं में शामिल किया है। अस्पताल का दावा है कि यह अत्याधुनिक तकनीक आईसीयू में भर्ती मरीजों की शुरुआती पुनर्वास (Early Rehabilitation) प्रक्रिया को नई दिशा देगी और गंभीर मरीजों के उपचार की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगी।

गंभीर मरीजों की रिकवरी होगी पहले से ज्यादा तेज

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पारंपरिक आईसीयू बेड की तुलना में VitalGo Total Lift Bed मरीजों को सुरक्षित तरीके से लेटी हुई अवस्था से खड़े होने की स्थिति तक लाने में सक्षम है। यह पूरी प्रक्रिया मरीज को बेड के सुरक्षित सहारे के साथ कराई जाती है, जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीज भी बिना अतिरिक्त जोखिम के शुरुआती फिजिकल एक्टिविटी शुरू कर सकते हैं। आधुनिक वेट-बेयरिंग सिस्टम के कारण यह तकनीक उन मरीजों के लिए भी उपयोगी है जो लंबे समय तक आईसीयू में भर्ती रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी, शारीरिक निष्क्रियता, फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी, संक्रमण का खतरा और रिकवरी में देरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। नई तकनीक इन चुनौतियों को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगी।

डॉ. पी. एन. अरोड़ा बोले— अब सिर्फ जान बचाना नहीं, बेहतर जीवन देना भी लक्ष्य

यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का उद्देश्य केवल मरीज की जान बचाना नहीं है, बल्कि उसे जल्द से जल्द सामान्य जीवन में वापस लाना भी है। उन्होंने कहा, “VitalGo Total Lift Bed को अपनाना हमारे अस्पताल की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत हम मरीजों को विश्वस्तरीय और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। आज आईसीयू में शुरुआती पुनर्वास चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। यह तकनीक हमारे डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और विशेषज्ञों को मरीजों की अधिक सुरक्षित, प्रभावी और तेज रिकवरी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।”

सांस, हृदय और मांसपेशियों को मिलेगा बेहतर सहयोग

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक मरीज की श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है, बलगम बाहर निकालने में सहायता मिलती है, ऑक्सीजन स्तर में सुधार आता है तथा वेंटिलेटर से जुड़े निमोनिया (Ventilator Associated Pneumonia) और भोजन के फेफड़ों में जाने जैसी जटिलताओं का खतरा कम होता है। इसके साथ ही मरीज को धीरे-धीरे खड़े होने की स्थिति में लाकर रक्त संचार को बेहतर बनाया जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर अधिक स्थिर रहता है और रक्त के थक्के बनने की संभावना भी कम हो जाती है।

मानसिक स्वास्थ्य और बेडसोर से बचाव में भी कारगर

डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक आईसीयू में भर्ती रहने वाले मरीज अक्सर भ्रम (Delirium) और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। VitalGo Total Lift Bed मरीज को समय-समय पर सुरक्षित रूप से खड़ा करने और शरीर की प्राकृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे मानसिक सतर्कता बनी रहती है और रिकवरी तेज होती है।

साथ ही लंबे समय तक एक ही स्थिति में लेटे रहने से बनने वाले बेडसोर (Pressure Ulcers) की संभावना भी काफी कम हो जाती है।

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उत्तर भारत में पहली बार शुरू हुई एडवांस्ड VitalGo Total Lift Bed टेक्नोलॉजी

कई गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए उपयोगी

अस्पताल के अनुसार यह अत्याधुनिक बेड मैकेनिकल वेंटिलेशन, ECMO तथा अन्य लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मौजूद मरीजों के लिए भी सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा हृदय, छाती, रीढ़ की हड्डी, ट्रांसप्लांट, पेट और ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे मरीजों के लिए भी यह तकनीक बेहद लाभकारी मानी जा रही है।

न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, गंभीर जलन, मांसपेशियों की कमजोरी तथा लंबे समय तक आईसीयू में भर्ती रहने वाले मरीजों के उपचार में भी इससे बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विश्वस्तरीय सुरक्षा फीचर्स से लैस है तकनीक

VitalGo Total Lift Bed में पावर पेशेंट बूस्टिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक री-पोजिशनिंग, इंटीग्रेटेड लाइन मैनेजमेंट, एडवांस्ड मोबिलिटी सपोर्ट और आधुनिक सुरक्षा तंत्र उपलब्ध हैं। इसमें मैनुअल CPR रिलीज, सेफ्टी डैम्पर्स, टिल्टिंग सब-फ्रेम तथा एडवांस्ड फॉल प्रोटेक्शन जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। अस्पताल के अनुसार यह बेड अंतरराष्ट्रीय IEC 60601-2-52 सुरक्षा मानकों का पालन करता है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होती है।

क्रिटिकल केयर सेवाओं को मिलेगा नया आयाम

यशोदा मेडिसिटी का मानना है कि इस तकनीक के शामिल होने से अस्पताल की क्रिटिकल केयर सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक समन्वित टीम के रूप में मरीजों की देखभाल कर सकेंगे, जिससे इलाज के साथ-साथ उनकी शारीरिक क्षमता और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की क्रिटिकल केयर केवल जीवन बचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मरीज को जल्द स्वस्थ कर सामान्य जीवन में लौटाने पर केंद्रित होगी। उत्तर भारत में पहली बार VitalGo Total Lift Bed टेक्नोलॉजी को अपनाकर यशोदा मेडिसिटी ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और मरीज-केंद्रित आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नया मानक स्थापित किया है।

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