Breaking News : “सम्मान, समर्पण और संबल का संगम!”, शिक्षामित्रों के चेहरे खिले, मंच से मिला मान-सम्मान और बढ़े मानदेय का उपहार, ग्रेटर नोएडा से गोरखपुर तक गूंजा ‘शिक्षा सेवा का सम्मान’, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने जताया समर्थन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शिक्षा व्यवस्था की जड़ों को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों के लिए यह दिन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और धैर्य का सार्वजनिक सम्मान था। प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि के फैसले के बाद आयोजित “शिक्षामित्र सम्मान एवं मानदेय वितरण समारोह” ने शिक्षामित्रों के मनोबल को नई ऊंचाई दी। गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया, वहीं इसका सजीव प्रसारण पूरे प्रदेश में किया गया।
गोरखपुर से ग्रेटर नोएडा तक—एक साथ जुड़ा सम्मान का उत्सव
प्रदेश के विभिन्न जनपदों की तरह गौतम बुद्ध नगर में भी इस कार्यक्रम का आयोजन बड़े स्तर पर किया गया। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के ऑडिटोरियम में शिक्षामित्रों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गोरखपुर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया। इस दौरान माहौल भावनात्मक भी था और उत्साहपूर्ण भी—क्योंकि मंच पर चल रहे हर शब्द और हर सम्मान को उपस्थित शिक्षामित्र अपने जीवन के अनुभवों से जोड़कर महसूस कर रहे थे।
मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह, सरकार के फैसले की सराहना
ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जसवंत सिंह सैनी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्रों ने शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मानदेय वृद्धि को “सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक” बताते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षामित्रों के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा।
विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने जताया समर्थन
कार्यक्रम में मौजूद तेजपाल सिंह नागर ने भी शिक्षामित्रों को बधाई देते हुए कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि उनके योगदान की स्वीकृति है।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनसे अपेक्षा है कि वे भविष्य में भी उसी समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
वहीं अमित चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 628 शिक्षामित्रों और 38 अनुदेशकों को इस मानदेय वृद्धि का सीधा लाभ मिला है।
शिक्षामित्रों के लिए ‘नई शुरुआत’ का संकेत
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि प्रदेश सरकार अब शिक्षामित्रों के योगदान को अधिक गंभीरता से स्वीकार कर रही है। वर्षों से सीमित संसाधनों और कम मानदेय में काम कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। कार्यक्रम में मौजूद कई शिक्षामित्रों ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम में प्रशासनिक स्तर पर भी मजबूत उपस्थिति देखने को मिली। मेधा रूपम, डॉ. शिवाकांत द्विवेदी और राहुल पंवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन अधिकारियों ने शिक्षामित्रों के योगदान को सराहा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
संस्था और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का संदेश
इस आयोजन का एक बड़ा संदेश यह भी रहा कि जब सरकार, प्रशासन और शिक्षण समुदाय एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाता है। राजेश गुप्ता की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम संस्थागत सहयोग का भी एक बेहतरीन उदाहरण बना।
सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सम्मान समारोह केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह एक नई जिम्मेदारी भी सौंपते हैं। अब जब शिक्षामित्रों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिल रहा है, तो उनसे अपेक्षा भी बढ़ेगी कि वे शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों की भागीदारी और सीखने के स्तर को और बेहतर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की ओर एक मजबूत कदम
प्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है। इससे न केवल शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सकेगा।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक बनकर उभरा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें काम करने वाले हर व्यक्ति का सम्मान भी उतना ही जरूरी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह, विधायक दादरी तेजपाल नागर, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ,महानगर अध्यक्ष नोएडा महेश चौहान, डीएम मेधा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, जीएनआईओटी कॉलेज के चेयरमैन राजेश गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार सहित अन्य लोग मौजूद थे।



