नोएडा
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Noida MLA News : “नोएडा की सियासत में बड़ा गेमचेंजर? महिला आरक्षण की चर्चा से बदलेगा पूरा पॉलिटिकल समीकरण!”, “2027 नहीं, 2032 में दिख सकता है असर”
ग्रेटर नोएडा/नोएडा | रफ़्तार टूडे नोएडा की राजनीति इन दिनों एक संभावित बड़े बदलाव की आहट से गरमा गई है।…
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Good News : ग्रेटर नोएडा सेक्टर बीटा 1 गेट नंबर 1 पर वाटर कूलर व RO का लोकार्पण, परशुराम जयंती व अक्षय तृतीया पर जनसेवा की मिसाल
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा बीटा-1 भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर RWA बीटा-1 द्वारा…
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Noida News : सोरखा कांड से सन्नाटा, नाबालिग से दरिंदगी पर उबाल, नोएडा सिटीजन फोरम पहुंचा पीड़ित परिवार के द्वार—न्याय की लड़ाई में साथ खड़े होने का संकल्प, NCF का संवेदनशील हस्तक्षेप
नोएडा, रफ़्तार टूडे । नोएडा के सोरखा डूब क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई दिल दहला देने वाली…
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Kavi Sammelan News : “कविता बनी समरसता की आवाज, नोएडा में वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का भव्य कवि सम्मेलन”, साहित्य, संस्कृति और समाज का संगम—कुमार विश्वास की प्रस्तुति ने बांधा समां
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-91 स्थित पंचशील बालक इंटर कॉलेज में सामाजिक एकता, सांस्कृतिकमूल्यों और राष्ट्रीय समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा एक भव्य ‘कविसम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह साहित्यिक और सांस्कृतिक संध्या शाम 5 बजे से शुरू होकर देर शामतक उत्साह और ऊर्जा से भरपूर माहौल में सम्पन्न हुई। “गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति” इस भव्य आयोजन में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से बजरंग लालबांगड़, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, अभिनेता बिंदु दारा सिंह, संदीप मारवाह (फाउंडर, एशियन एकेडमी ऑफफिल्म एंड टीवी), भाजपा नेता एवं लोकसभा संयोजक प्रणीत भाटी, भाजपा नेता सुरेंद्र नागर तथा एम3एम नोएडाके मैनेजिंग डायरेक्टर यश गर्ग शामिल रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और युवाओं की भागीदारी ने इसेजन–जन का उत्सव बना दिया। “कवियों की प्रस्तुति ने जीता दिल” कवि सम्मेलन में मंच पर देश के जाने–माने कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कुमार विश्वास, रमेश मुस्कान, सुदीप भोला, हेमंत पांडेय, अल्पना पांडेय कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम सेसामाजिक मुद्दों, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों पर प्रभावशाली प्रकाश डाला। भाजपा नेता एवं लोकसभा संयोजक प्रणीत भाटी ने कहा कि वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेन “कवि सम्मेलन केमाध्यम से हमने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर संवाद और समरसता को बढ़ावा देने का प्रयासकिया है। हमारा उद्देश्य एक समावेशी और जागरूक समाज का निर्माण करना है।” “दीप प्रज्वलन और मंत्रोच्चार से हुआ शुभारंभ” कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के सामूहिकजाप ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। साथ ही, उपस्थित लोगों ने प्राणायाम और योगाभ्यास मेंभाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी ग्रहण किया। “समरसता और संवाद का मंच बना कवि सम्मेलन” इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शहरी समाज और वनवासी (आदिवासी) एवं वंचित समुदायों के बीच संवादस्थापित करना और आपसी समझ को मजबूत करना रहा। फाउंडेशन का मानना है कि जब समाज के विभिन्न वर्गएक मंच पर आते हैं, तो समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। “कुमार विश्वास की ओजपूर्ण प्रस्तुति रही मुख्य आकर्षण” कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण कुमार विश्वास की ओजपूर्ण प्रस्तुति रही। उनकी कविताओं और विचारों नेश्रोताओं को भावविभोर कर दिया और एकता, राष्ट्रप्रेम तथा नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। “आयोजक का संदेश—समावेशी समाज की ओर कदम” मयूर कालरा कार्यकारी अध्यक्ष एवं संयोजक, ने कहा कि कवि सम्मेलन के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों कोएक मंच पर लाकर संवाद और समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन काउद्देश्य एक जागरूक, समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण करना है। “देशभर में सक्रिय संगठन, निरंतर प्रयास जारी” वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिमबंगाल, असम, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सक्रिय है और वंचित वर्गों के उत्थान केलिए निरंतर कार्य कर रहा है। “कविता के माध्यम से जुड़ता समाज” यह भव्य कवि सम्मेलन न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने औरसमरसता का संदेश फैलाने का एक प्रभावी माध्यम भी बना। इस आयोजन ने यह साबित किया कि साहित्य औरसंस्कृति समाज को जोड़ने की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
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YSS News : भक्ति की लहर ने नोएडा को झकझोरा, हज़ारों लोगों ने अनुभव की भक्तिमय कीर्तन कीपरिवर्तनकारी शक्ति, 100 वर्ष पूर्ण होने पर YSS के नोएडा आश्रम में भक्तिमय कीर्तन का आयोजन
नोएडा, रफ़्तार टूडे। एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर, योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़इण्डिया (YSS) के नोएडा आश्रम में भक्तिमय कीर्तन और ध्यान की एक अत्यंत प्रेरणादायक संध्या आयोजितहुई, जिसमें हज़ारों से अधिक प्रतिभागियों ने शांति और आंतरिक उत्थान के शक्तिशाली सामूहिक अनुभव में भागलिया। यह कार्यक्रम 18 अप्रैल, 1926 की ऐतिहासिक संध्या को स्मरण कराता है, जब परमहंस योगानन्दजी ने न्यूयॉर्कके कार्नेगी हॉल में पश्चिमी जगत् के सामने भक्तिमय कीर्तन का परिचय कराया था। 2,800 सीटों वाला वह हॉलउमड़ पड़ा था, हज़ारों लोग “ओ गॉड ब्यूटीफुल” (O God Beautiful) के कीर्तन में सम्मिलित हुए थे, जिससेगहन आध्यात्मिक परिवर्तन का वातावरण निर्मित हुआ था, जो उनके मंच छोड़ने के बाद भी जारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए, स्वामी स्मरणानन्दजी ने (अंग्रेज़ी में) और स्वामी अद्यानन्दजी (हिन्दी में) ने इसशताब्दी के गहरे महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। स्वामी स्मरणानन्दजी ने बल दिया कि “आत्म–शक्ति सेपरिपूर्ण संगीत ही वास्तविक विश्वव्यापी संगीत है, जो सभी हृदयों द्वारा समझा जा सकता है,” इस प्रकार भक्तिमयकीर्तन की सार्वभौमिकता को परमात्मा तक पहुँचने के प्रत्यक्ष मार्ग के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने आगे समझाया कि भक्तिमय कीर्तन केवल एक संगीतमय अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिकआध्यात्मिक अभ्यास है। योगानन्दजी की शिक्षाओं के अनुसार, यह मन को एकाग्र करता है, भक्ति जाग्रत करता हैऔर चेतना को अंतर्मुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि कीर्तन ध्यान में “आधी लड़ाई” को जीतने के समान है, क्योंकि यह साधक को शीघ्रता से गहन जागरूकता और आंतरिक शांति की अवस्था में ले जाता है। योगानन्दजी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि भक्तिमय कीर्तन, चेतना का उत्थान करता है और भक्ति को जाग्रत करता है लय और राग के माध्यम से एकाग्रता को सशक्त बनाता है चिंता, भय और बेचैनी को दूर करने में सहायक है, गहरे ध्यान और आंतरिक निश्चलता का मार्ग प्रशस्त करता है। स्पंदनों की शक्ति के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर परिवर्तन ला सकता है संध्या का मुख्य आकर्षण ब्रह्मचारी भास्करानन्द जी के नेतृत्व में, संन्यासियों के साथ एक तल्लीन कर देने वालाभक्तिमय कीर्तन सत्र था। पवित्र कीर्तन “ओ गॉड ब्यूटीफुल” (God Beautiful) से आरंभ होकर, यह सत्रअंग्रेज़ी और हिन्दी में कॉस्मिक चैंट्स की शृंखला के माध्यम से आगे बढ़ा, जो संक्षिप्त ध्यानमय विरामों से परिपूर्णथा। जैसे ही अनेकों स्वर एक साथ उठे, वातावरण भक्ति की गहराई से ओतप्रोत हो गया। अनेक प्रतिभागियों नेआंतरिक निश्चलता, भावनात्मक मुक्ति और आध्यात्मिक उत्थान का अनुभव किया—जो 1926 की मूल घटनाकी प्रतिध्वनि थी, जब उपस्थित लोगों ने ईश्वर–साक्षात्कार तथा शरीर, मन और आत्मा की चंगाई का अनुभवकिया था। स्वामी स्मरणानन्दजी ने यह भी बताया कि भक्तिमय कीर्तन एक कला है, जिसमें निष्ठा, भावना और आंतरिकतल्लीनता आवश्यक है। सच्चा कीर्तन, उन्होंने कहा, शब्दों और ध्वनि से परे जाकर साधक को परमात्मा से जोड़देता है। कार्यक्रम का समापन स्वामी अद्यानन्द जी के संक्षिप्त संबोधन से हुआ, जिन्होंने उपस्थित लोगों को वाईएसएस(YSS) की शिक्षाओं के और अधिक अध्ययन के लिए प्रेरित किया, जिसमें राजयोग का मार्ग शामिल है, जोभक्ति, ध्यान और संतुलित जीवन का समन्वय करता है। विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। यह नोएडा सभा एक वैश्विक शताब्दी समारोह का हिस्सा थी, जिसमें उसी दिन संयुक्त राज्य अमेरिका के कार्नेगीहॉल में एक समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया गया—जो भक्ति की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से विश्वभर केहृदयों को जोड़ता है।…
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