धार्मिक
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Kavi Sammelan News : “कविता बनी समरसता की आवाज, नोएडा में वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का भव्य कवि सम्मेलन”, साहित्य, संस्कृति और समाज का संगम—कुमार विश्वास की प्रस्तुति ने बांधा समां
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-91 स्थित पंचशील बालक इंटर कॉलेज में सामाजिक एकता, सांस्कृतिकमूल्यों और राष्ट्रीय समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा एक भव्य ‘कविसम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह साहित्यिक और सांस्कृतिक संध्या शाम 5 बजे से शुरू होकर देर शामतक उत्साह और ऊर्जा से भरपूर माहौल में सम्पन्न हुई। “गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति” इस भव्य आयोजन में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से बजरंग लालबांगड़, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, अभिनेता बिंदु दारा सिंह, संदीप मारवाह (फाउंडर, एशियन एकेडमी ऑफफिल्म एंड टीवी), भाजपा नेता एवं लोकसभा संयोजक प्रणीत भाटी, भाजपा नेता सुरेंद्र नागर तथा एम3एम नोएडाके मैनेजिंग डायरेक्टर यश गर्ग शामिल रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और युवाओं की भागीदारी ने इसेजन–जन का उत्सव बना दिया। “कवियों की प्रस्तुति ने जीता दिल” कवि सम्मेलन में मंच पर देश के जाने–माने कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कुमार विश्वास, रमेश मुस्कान, सुदीप भोला, हेमंत पांडेय, अल्पना पांडेय कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम सेसामाजिक मुद्दों, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों पर प्रभावशाली प्रकाश डाला। भाजपा नेता एवं लोकसभा संयोजक प्रणीत भाटी ने कहा कि वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेन “कवि सम्मेलन केमाध्यम से हमने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर संवाद और समरसता को बढ़ावा देने का प्रयासकिया है। हमारा उद्देश्य एक समावेशी और जागरूक समाज का निर्माण करना है।” “दीप प्रज्वलन और मंत्रोच्चार से हुआ शुभारंभ” कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के सामूहिकजाप ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। साथ ही, उपस्थित लोगों ने प्राणायाम और योगाभ्यास मेंभाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी ग्रहण किया। “समरसता और संवाद का मंच बना कवि सम्मेलन” इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शहरी समाज और वनवासी (आदिवासी) एवं वंचित समुदायों के बीच संवादस्थापित करना और आपसी समझ को मजबूत करना रहा। फाउंडेशन का मानना है कि जब समाज के विभिन्न वर्गएक मंच पर आते हैं, तो समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। “कुमार विश्वास की ओजपूर्ण प्रस्तुति रही मुख्य आकर्षण” कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण कुमार विश्वास की ओजपूर्ण प्रस्तुति रही। उनकी कविताओं और विचारों नेश्रोताओं को भावविभोर कर दिया और एकता, राष्ट्रप्रेम तथा नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। “आयोजक का संदेश—समावेशी समाज की ओर कदम” मयूर कालरा कार्यकारी अध्यक्ष एवं संयोजक, ने कहा कि कवि सम्मेलन के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों कोएक मंच पर लाकर संवाद और समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन काउद्देश्य एक जागरूक, समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण करना है। “देशभर में सक्रिय संगठन, निरंतर प्रयास जारी” वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिमबंगाल, असम, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सक्रिय है और वंचित वर्गों के उत्थान केलिए निरंतर कार्य कर रहा है। “कविता के माध्यम से जुड़ता समाज” यह भव्य कवि सम्मेलन न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने औरसमरसता का संदेश फैलाने का एक प्रभावी माध्यम भी बना। इस आयोजन ने यह साबित किया कि साहित्य औरसंस्कृति समाज को जोड़ने की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
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YSS News : भक्ति की लहर ने नोएडा को झकझोरा, हज़ारों लोगों ने अनुभव की भक्तिमय कीर्तन कीपरिवर्तनकारी शक्ति, 100 वर्ष पूर्ण होने पर YSS के नोएडा आश्रम में भक्तिमय कीर्तन का आयोजन
नोएडा, रफ़्तार टूडे। एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर, योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़इण्डिया (YSS) के नोएडा आश्रम में भक्तिमय कीर्तन और ध्यान की एक अत्यंत प्रेरणादायक संध्या आयोजितहुई, जिसमें हज़ारों से अधिक प्रतिभागियों ने शांति और आंतरिक उत्थान के शक्तिशाली सामूहिक अनुभव में भागलिया। यह कार्यक्रम 18 अप्रैल, 1926 की ऐतिहासिक संध्या को स्मरण कराता है, जब परमहंस योगानन्दजी ने न्यूयॉर्कके कार्नेगी हॉल में पश्चिमी जगत् के सामने भक्तिमय कीर्तन का परिचय कराया था। 2,800 सीटों वाला वह हॉलउमड़ पड़ा था, हज़ारों लोग “ओ गॉड ब्यूटीफुल” (O God Beautiful) के कीर्तन में सम्मिलित हुए थे, जिससेगहन आध्यात्मिक परिवर्तन का वातावरण निर्मित हुआ था, जो उनके मंच छोड़ने के बाद भी जारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए, स्वामी स्मरणानन्दजी ने (अंग्रेज़ी में) और स्वामी अद्यानन्दजी (हिन्दी में) ने इसशताब्दी के गहरे महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। स्वामी स्मरणानन्दजी ने बल दिया कि “आत्म–शक्ति सेपरिपूर्ण संगीत ही वास्तविक विश्वव्यापी संगीत है, जो सभी हृदयों द्वारा समझा जा सकता है,” इस प्रकार भक्तिमयकीर्तन की सार्वभौमिकता को परमात्मा तक पहुँचने के प्रत्यक्ष मार्ग के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने आगे समझाया कि भक्तिमय कीर्तन केवल एक संगीतमय अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिकआध्यात्मिक अभ्यास है। योगानन्दजी की शिक्षाओं के अनुसार, यह मन को एकाग्र करता है, भक्ति जाग्रत करता हैऔर चेतना को अंतर्मुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि कीर्तन ध्यान में “आधी लड़ाई” को जीतने के समान है, क्योंकि यह साधक को शीघ्रता से गहन जागरूकता और आंतरिक शांति की अवस्था में ले जाता है। योगानन्दजी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि भक्तिमय कीर्तन, चेतना का उत्थान करता है और भक्ति को जाग्रत करता है लय और राग के माध्यम से एकाग्रता को सशक्त बनाता है चिंता, भय और बेचैनी को दूर करने में सहायक है, गहरे ध्यान और आंतरिक निश्चलता का मार्ग प्रशस्त करता है। स्पंदनों की शक्ति के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर परिवर्तन ला सकता है संध्या का मुख्य आकर्षण ब्रह्मचारी भास्करानन्द जी के नेतृत्व में, संन्यासियों के साथ एक तल्लीन कर देने वालाभक्तिमय कीर्तन सत्र था। पवित्र कीर्तन “ओ गॉड ब्यूटीफुल” (God Beautiful) से आरंभ होकर, यह सत्रअंग्रेज़ी और हिन्दी में कॉस्मिक चैंट्स की शृंखला के माध्यम से आगे बढ़ा, जो संक्षिप्त ध्यानमय विरामों से परिपूर्णथा। जैसे ही अनेकों स्वर एक साथ उठे, वातावरण भक्ति की गहराई से ओतप्रोत हो गया। अनेक प्रतिभागियों नेआंतरिक निश्चलता, भावनात्मक मुक्ति और आध्यात्मिक उत्थान का अनुभव किया—जो 1926 की मूल घटनाकी प्रतिध्वनि थी, जब उपस्थित लोगों ने ईश्वर–साक्षात्कार तथा शरीर, मन और आत्मा की चंगाई का अनुभवकिया था। स्वामी स्मरणानन्दजी ने यह भी बताया कि भक्तिमय कीर्तन एक कला है, जिसमें निष्ठा, भावना और आंतरिकतल्लीनता आवश्यक है। सच्चा कीर्तन, उन्होंने कहा, शब्दों और ध्वनि से परे जाकर साधक को परमात्मा से जोड़देता है। कार्यक्रम का समापन स्वामी अद्यानन्द जी के संक्षिप्त संबोधन से हुआ, जिन्होंने उपस्थित लोगों को वाईएसएस(YSS) की शिक्षाओं के और अधिक अध्ययन के लिए प्रेरित किया, जिसमें राजयोग का मार्ग शामिल है, जोभक्ति, ध्यान और संतुलित जीवन का समन्वय करता है। विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। यह नोएडा सभा एक वैश्विक शताब्दी समारोह का हिस्सा थी, जिसमें उसी दिन संयुक्त राज्य अमेरिका के कार्नेगीहॉल में एक समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया गया—जो भक्ति की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से विश्वभर केहृदयों को जोड़ता है।…
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Galgotia University News : “ज़िंदगी की ठोकरों से जीत का रास्ता—गलगोटिया यूनिवर्सिटी में जया किशोरी जी ने युवाओं को सिखाया ‘फेलियर नहीं, फीडबैक है असफलता
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय एक बार फिर ज्ञान, प्रेरणा औरसकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया, जब यहां देश की प्रसिद्ध कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरीने युवाओं को जीवन का मूल मंत्र दिया। एक न्यूजपेपर द्वारा आयोजित “जीवाजली: विचारों से बदलाव तक” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। पूरा सभागार ऊर्जा, उत्साह और सीखने की चाह से भरा हुआ नजरआया। जया किशोरी जी के विचारों ने छात्रों के मन में नई दिशा और सोच को जन्म दिया। “असफलता हार नहीं, सीख है”—युवाओं के दिल को छू गया संदेश अपने संबोधन में जया किशोरी जी ने सबसे अहम बात कही—“असफलता वास्तव में असफलता नहीं होती, बल्किवह एक सीख होती है।” उन्होंने बताया कि जीवन में हर व्यक्ति को चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो व्यक्तिइनसे भागने के बजाय उनका समाधान खोजता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियाँ हीइंसान को मजबूत बनाती हैं और असली सफलता उन्हीं के हिस्से आती है, जो गिरकर भी उठना जानते हैं। “तुलना छोड़ो, खुद की पहचान बनाओ”—युवाओं को दिया आत्मविश्वास का मंत्र जया किशोरी जी ने युवाओं को सबसे बड़ी कमजोरी ‘तुलना’ से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्तिकी अपनी अलग यात्रा और अलग क्षमता होती है, इसलिए दूसरों से तुलना करना खुद के साथ अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो व्यक्ति खुद पर ध्यान केंद्रित करता है और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है, वहीजीवन में वास्तविक सफलता हासिल करता है। “समय ही सबसे बड़ा धन”—हर पल का महत्व समझाया समय के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “समय एक बार चला जाए तो कभी वापस नहीं आता।” उन्होंनेविद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने समय का सही उपयोग करें, क्योंकि यही समय भविष्य का निर्माण करताहै। बेकार की गतिविधियों में समय गंवाने के बजाय उसे सीखने, आत्मविकास और लक्ष्य प्राप्ति में लगाना चाहिए। “रिश्तों का संतुलन ही असली खुशी”—सफलता के साथ संवेदनाएं भी जरूरी जया किशोरी जी ने रिश्तों के महत्व पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सफलता, पद औरपैसे के पीछे भागते हुए अपने संबंधों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असली खुशी रिश्तों के संतुलन में ही होतीहै। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ समय बिताएं और जीवन मेंसंतुलन बनाए रखें। “सिर्फ सुनना नहीं, करना जरूरी”—मोटिवेशन को बनाओ एक्शन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोटिवेशन तभी काम करता है, जब उसे जीवन में लागू किया जाए। सिर्फप्रेरणादायक बातें सुनना काफी नहीं होता, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और दिनचर्या में उतारना ही असली बदलावलाता है। “स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्म–नियंत्रण—सफलता की असली कुंजी” जया किशोरी जी ने छात्रों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाते हुए कहा कि सहीखान–पान, पर्याप्त नींद और संतुलित जीवनशैली बेहद जरूरी है। उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), आत्म–नियंत्रण औरअनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की सलाह दी। साथ ही आत्म–संदेह को दूर कर आत्मविश्वास केसाथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। “भावनाओं से नहीं, तर्क से लें निर्णय”—युवाओं को दिया स्पष्ट दिशा–निर्देश उन्होंने कहा कि भावनाएं अक्सर अस्थायी होती हैं, जबकि तर्क लंबे समय तक सही दिशा दिखाते हैं। इसलिएजीवन के महत्वपूर्ण निर्णय भावनाओं के बजाय सोच–समझकर लेने चाहिए। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने पूछे सवाल, मिले सरल और प्रेरक जवाब कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपने सवाल रखे। जया किशोरी जी ने हर प्रश्न का बेहदसरल, सहज और प्रेरणादायक उत्तर दिया, जिससे छात्रों को अपने जीवन की समस्याओं को समझने और हलकरने की दिशा मिली। सम्मान समारोह के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन…
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Ram Katha News : “राम कथा के 9वे दिन बरसी ‘अमृत वाणी, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक की भावपूर्ण व्याख्यासे भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, रामायण के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के ऐछर–बिरोड़ा, सेक्टर पाई-1 स्थित रामलीला मैदान में श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वाधान मेंआयोजित श्रीराम कथा का नवां दिन भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस पावन अवसर परअंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करदिया। कथा के दौरान उन्होंने धर्म, सत्य और मर्यादा के गूढ़ संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए जीवन जीनेकी सही दिशा बताई। “रामायण सिखाती है जीवन जीने की कला—महाराज जी का संदेश” कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज जी ने श्रीराम कथा के अंतिम दिवस का वर्णन करते हुए कहा कि रामायणकेवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। उन्होंने बताया कि यह हमें आदर, सेवा, त्याग और मर्यादा का महत्व सिखाती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरों की संपत्ति पर कभीअधिकार नहीं जताना चाहिए, चाहे वह कितनी ही मूल्यवान क्यों न हो। “सीताहरण से लेकर रावण वध तक—मार्मिक प्रसंगों ने किया भावुक” कथा के दौरान महाराज जी ने सीताहरण, लंका दहन, राम–रावण युद्ध और विभीषण के राज्याभिषेक जैसेमहत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। इन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि बुराई औरअसत्य कभी स्थायी नहीं होते, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। “सेवा ही सच्ची भक्ति—दीन–दुखियों की मदद का दिया संदेश” कथा में यह भी बताया गया कि भगवान कण–कण में विराजमान हैं और उनकी सच्ची भक्ति दीन–दुखियों औरजरूरतमंदों की सेवा में निहित है। महाराज जी ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान वनवासियों और आदिवासियों के कष्ट दूरकिए, उसी प्रकार हमें भी समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करनी चाहिए। “संगठन में शक्ति—समाज की बुराइयों को खत्म करने का आह्वान” कथा व्यास ने अपने प्रवचन में संगठन की शक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जब अच्छे लोग एकजुट होते हैं, तो समाज की बुराइयों का अंत निश्चित होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलावलाने के लिए संगठित हों। “हनुमान भक्ति और राम नाम का महत्व—जीवन में शामिल करने की सीख” कथा के समापन पर महाराज जी ने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान के नाम का सुमिरन औरकीर्तन जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भक्ति हमें मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाती है। “यजमानों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति” आज की कथा के मुख्य यजमान श्री हरवीर मावी रहे, जबकि सह–यजमान के रूप में शेर सिंह भाटी और धीरजशर्मा उपस्थित रहे। दैनिक यजमान के रूप में पीपी शर्मा जी ने भी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रचारकईश्वर दयाल जी, स्वामी सुशील जी महाराज, प्रांत प्रचारक वेदपाल जी, जिला प्रचारक नेम पाल जी, अध्यक्ष आनंदभाटी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। “भक्ति, ज्ञान और प्रेरणा का संगम—राम कथा बनी आत्मिक ऊर्जा का स्रोत” रामलीला मैदान में आयोजित यह श्रीराम कथा न केवल एक धार्मिक आयोजन रही, बल्कि यह श्रद्धालुओं के लिएआत्मिक शांति, प्रेरणा और जीवन के मूल्यों को समझने का एक सशक्त माध्यम भी बनी। इस आयोजन ने यहसिद्ध कर दिया कि आज भी श्रीराम के आदर्श और रामायण के संदेश समाज को दिशा देने में उतने ही प्रासंगिक हैंजितने पहले थे।
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Noida Punjabi Baisakhi News : “नोएडा में गूंजा ‘सत श्री अकाल’ का जयघोष—ढोल की थाप, शबद कीर्तन और लंगर सेवा के संग बैसाखी महोत्सव बना एकता, संस्कृति और आस्था का भव्य उत्सव!”, पंजाबी विकास मंच द्वारा सेक्टर-12 गुरुद्वारा साहिब में भव्य आयोजन, 600 से अधिक संगत ने लिया आशीर्वाद
नोएडा, रफ़्तार टूडे । नोएडा के सेक्टर-12 स्थित गुरुद्वारा साहिब में सोमवार, 13 अप्रैल 2026 की शाम एक ऐसा दृश्य…
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Greater Noida: राम जन्म की गूंज से भाव-विभोर हुआ ग्रेटर नोएडा, भक्ति-भाव और भव्यता का अद्भुत संगमबना रामलीला मैदान, राम कथा में जन्मोत्सव का दिव्य उत्सव
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा के ऐछर बिरोड़ा सेक्टर पाई-1 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्री रामकथा का माहौल इन दिनों पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा में डूबा हुआ है। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वाधान मेंचल रहे इस भव्य आयोजन का चौथा दिन विशेष रूप से आस्था, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजरआया। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज की अमृतमयी वाणी ने कथा स्थल पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओंको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके प्रवचनों ने न केवल राम कथा के गूढ़ अर्थों को सरलता से समझाया, बल्कि भक्तोंके हृदय में भक्ति की ज्योति भी प्रज्वलित की। राम जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन, भाव–विभोर हुए श्रद्धालु आज की कथा में महाराज जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का अत्यंत जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंनेबताया कि किस प्रकार महाराज दशरथ ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाइयों—भरत, लक्ष्मण औरशत्रुघ्न—के जन्म पर भव्य उत्सव मनाया। कथा के दौरान यह भी बताया गया कि देवी–देवता स्वयं विभिन्न रूपों में अयोध्या पहुंचे, ताकि वे प्रभु श्रीराम केदर्शन कर सकें। इस दिव्य प्रसंग का वर्णन इतना प्रभावशाली था कि पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजउठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। राम जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन, भाव–विभोर हुए श्रद्धालु आज की कथा में महाराज जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का अत्यंत जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंनेबताया कि किस प्रकार महाराज दशरथ ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाइयों—भरत, लक्ष्मण औरशत्रुघ्न—के जन्म पर भव्य उत्सव मनाया। कथा के दौरान यह भी बताया गया कि देवी–देवता स्वयं विभिन्न रूपों में अयोध्या पहुंचे, ताकि वे प्रभु श्रीराम केदर्शन कर सकें। इस दिव्य प्रसंग का वर्णन इतना प्रभावशाली था कि पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजउठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। पंडाल में सजी राम जन्म की झांकी, भक्ति में झूमे श्रद्धालु कथा के साथ–साथ पंडाल में भी प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने नृत्य, भजन और कीर्तन के माध्यम से अपनी भक्ति अर्पित की। पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या नगरी स्वयं धरती पर उतर आई हो। हर ओर भक्ति, उल्लासऔर श्रद्धा का संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। हनुमान जी की भक्ति का संदेश, जीवन में सुमिरन का महत्व कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अपने प्रवचन में हनुमान जी की भक्ति और समर्पण का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम के नाम का सुमिरन अपने जीवन का आधार बनाया, उसीप्रकार हर व्यक्ति को भी ईश्वर के नाम का स्मरण और कीर्तन अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है, और राम कथा के माध्यम से व्यक्तिअपने जीवन की दिशा को सही मार्ग पर ले जा सकता है। यजमानों की भागीदारी और आयोजन की गरिमा आज के कथा कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में हरवीर मावी उपस्थित रहे, जबकि सह–यजमान के रूप में शेरसिंह भाटी और धीरज शर्मा ने भागीदारी निभाई। वहीं दैनिक यजमान के रूप में राम अवतार जी और नीतीशउपाध्याय जी ने कथा में अपनी श्रद्धा अर्पित की। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया और सामूहिक रूप से इस धार्मिक आयोजन को सफलबनाने में योगदान दिया। गणमान्य व्यक्तियों और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी राम कथा में आज कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी देखने को मिली। वरिष्ठप्रचारक ईश्वर दयाल जी, स्वामी सुशील जी महाराज, प्रांत प्रचारक वेदपाल जी, जिला प्रचारक नेम पाल जी सहितअनेक गणमान्य लोगों ने कथा में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। इसके अलावा क्षेत्र के कई प्रमुख नागरिक, समाजसेवी और सैकड़ों श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंनेपूरे आयोजन को भक्ति के महासागर में बदल दिया…
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‘भक्ति की बयार में डूबा ग्रेटर नोएडा, श्री राम कथा में अमृत वाणी ने बांधा समां’, जीवन के हर रिश्ते और हरसमस्या का मिला समाधान”, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से गृहस्थ जीवन की सीख”
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब Shri Dharmik Ramlila Committee के तत्वावधान में रामलीला मैदान, ऐछर बिरोड़ा सेक्टर पाई-1 में आयोजितश्री राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक Atul Krishna Bhardwaj की अमृतमयी वाणी ने कथा को ऐसा भावपूर्ण रूप दिया कि श्रोता पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए। “राम कथा का महात्म्य—पाप से पुण्य और मोक्ष तक का मार्ग” कथा के दूसरे दिन महाराज जी ने श्री राम कथा के अद्भुत महात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि यह केवल एकधार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार मनुष्यपाप कर्मों में उलझ जाता है और राम कथा के माध्यम से वह कैसे इन बंधनों से मुक्त होकर भवसागर से पार पासकता है। महाराज जी के अनुसार, राम कथा व्यक्ति के भीतर आत्मचिंतन और सुधार की प्रेरणा जगाती है। “शिव–पार्वती विवाह प्रसंग से गृहस्थ जीवन की सीख” कथा के दौरान माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह प्रसंग को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इस प्रसंग के माध्यम से Shiva और Parvati के जीवन से प्रेरणा लेते हुए महाराज जी ने बताया कि एक आदर्शगृहस्थ जीवन कैसा होना चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि किन बातों को परिवार में साझा करना चाहिए और किन बातों को गोपनीय रखनाबेहतर होता है, ताकि रिश्तों में संतुलन बना रहे। “रिश्तों का महत्व और जीवन के व्यवहारिक नियम” महाराज जी ने अपने प्रवचन में जीवन के कई व्यवहारिक नियमों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि पिता, मित्र, स्वामी और गुरु के घर बिना बुलाए भी जाया जा सकता है, लेकिन किसी भी समारोहमें बिना निमंत्रण के जाना उचित नहीं होता। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हर रिश्ते का अपना महत्वहोता है और उन्हें निभाने के लिए धैर्य, समझ और संवेदनशीलता आवश्यक है। “गृहस्थ जीवन में तनाव का समाधान—सरल और सटीक मार्गदर्शन” आज के भागदौड़ भरे जीवन में परिवारों के बीच बढ़ते तनाव पर भी महाराज जी ने विशेष रूप से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि कैसे छोटे–छोटे मतभेद बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं और इन्हें समय रहते संवाद और समझदारीसे सुलझाया जा सकता है।…
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श्री राम मेहंदीपुर बालाजी सेवा संघ के सानिध्य में भव्य जागरण, देशभर के कलाकारों ने सजाई भक्ति महफिल
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। अल्फा-1 स्थित शिव मंदिर परिसर में 4 अप्रैल को श्री राम मेहंदीपुर बालाजी सेवा संघ, ग्रेटर नोएडा के तत्वावधान में श्री मेहंदीपुर बालाजी के सानिध्य में श्री हनुमत जन्मोत्सव के पावन अवसर परआयोजित विशाल जागरण एवं भंडारा भक्ति और आस्था का अद्भुत केंद्र बन गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओंकी भारी भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र देर रात तक भजन–कीर्तन से गुंजायमान रहा। इस भव्य आयोजन में करीब 10,000 श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां भक्तों ने प्रसादग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और भव्यता ने सभी को प्रभावितकिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा परम श्रद्धेय आदरणीय सांवरमल गोयल गुरु जी द्वारा बाबा की पावन दिव्यज्योत का प्रचलन, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने ज्योत के दर्शन करअपनी मनोकामनाएं मांगीं। भक्ति संध्या में देश के विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। ज्योति माही(बनारस), विष्णु बुजावासी (वृंदावन), शर्मा सिस्टर्स (कानपुर), कुमकुम सूर्यवंशी (खुर्जा) और छोटी सपना(अमरोहा) ने अपने मधुर भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “जय श्री राम” और “बाबा की जय” के जयघोषसे पूरा परिसर गूंज उठा। इस सफल आयोजन में संदीप गोयल, नवीन कुलश्रेष्ठ, नितिन संगल, निर्देश मित्तल, सुभाष अग्रवाल, सौरभअग्रवाल, मनोज गुप्ता, सरोज गुप्ता, रवी गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और आयोजन कोभव्य स्वरूप प्रदान किया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ–साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरणबनकर उभरा।
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Big Breaking : “भक्ति की बयार में झूम उठा ऐच्छर-बिरौड़ा!, कलश यात्रा से गूंजी रामलीला भूमि, श्रीराम कथा ने बांधा आस्था का अद्भुत समागम”, “अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक की अमृत वाणी—राम कथा में डूबे श्रद्धालु”
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। सोमवार, 6 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर-बिरौड़ा क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का…
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