Fortis Hospital News : "बदलते मौसम और जहरीली हवा ने बढ़ाया फ्लू का खतरा, कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए बड़ा अलर्ट!"
सर्दी का मौसम और बढ़ता प्रदूषण बना फ्लू का ट्रिगर, ग्रेटर नोएडा में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी
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📍 ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
जैसे ही सर्दी ने दस्तक दी, वैसे ही फ्लू के मामले आसमान छूने लगे। अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सेहत पर हमला बोल दिया है। फोर्टिस हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा की डॉक्टर प्रमिला रामनिस बैठा (एडिशनल डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन) के अनुसार, हर दिन ओपीडी में आने वाले 10 में से 5-6 मरीज फ्लू की चपेट में हैं।
प्रदूषण और मौसम बदलाव बना फ्लू का बड़ा कारण
डॉक्टरों के मुताबिक, ठंडी और सूखी हवा वायरस को लंबे समय तक हवा में बनाए रखती है, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है। साथ ही, वायु प्रदूषण इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है, जिससे फ्लू के वायरस को शरीर में घर बनाने का आसान मौका मिल जाता है। ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण अधिक होने की वजह से यहां फ्लू के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं।
फ्लू के आम लक्षण – नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
⚠️ बुखार और सिरदर्द
⚠️ गले में खराश और खांसी
⚠️ सर्दी-जुकाम
⚠️ बदन दर्द और कमजोरी
⚠️ छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ
⚠️ पेट से जुड़ी दिक्कतें
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में फ्लू 5-7 दिनों में खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन अगर बुखार बना रहे, ऑक्सीजन लेवल गिरे, या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ग्रेटर नोएडा में बढ़ते मामले, हर उम्र के लोग हो रहे शिकार
📌 ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में फ्लू के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है।
📌 बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा।
📌 प्रदूषण और इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से युवा भी हो रहे हैं शिकार।
📌 अस्पतालों में हर रोज़ 50% मरीज फ्लू से पीड़ित आ रहे हैं।
फ्लू से बचने के लिए क्या करें? डॉक्टर की सलाह
✅ बिना मास्क पहने बाहर न निकलें – धूल और प्रदूषित हवा से बचाव करें।
✅ हर साल फ्लू का टीका लगवाएं – डॉक्टरों के अनुसार, फ्लू वैक्सीन 70-80% सुरक्षा देती है।
✅ बाहर से आने के बाद हाथ-मुंह धोएं – वायरस से बचने के लिए यह बेहद ज़रूरी है।
✅ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हेल्दी डाइट लें – जिंक, मैग्नीशियम और प्रोबायोटिक्स का सेवन करें।
✅ नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें – शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी है।
क्या करें अगर फ्लू हो जाए?
⚕️ खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
⚕️ भाप लें और गरारे करें, ताकि गले की खराश से राहत मिले।
⚕️ पैरासिटामोल या एंटीहिस्टामिन जैसी दवाइयों का सेवन करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही।
⚕️ घर पर आराम करें और खुद को आइसोलेट करें, ताकि दूसरों को संक्रमण न फैले।
क्या फ्लू खतरनाक हो सकता है?
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए फ्लू गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में यह निमोनिया, ब्रोंकाइटिस या सांस की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष: बदलते मौसम में सेहत का रखें ध्यान!
फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सावधानी रखना बेहद ज़रूरी है। अगर आप भी सर्दी-खांसी, बुखार या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो लापरवाही न करें। समय पर डॉक्टर से सलाह लें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। बचाव ही सबसे अच्छा इलाज है!
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