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Greater Noida West: पंचशील हाइनिश और गौड़ सिटी के नियमों का पालन न करने पर बिल्डर प्रबंधन को तत्काल नोटिस भेज दिया गया, NPCL ने कराया गौड़ सिटी-2 के 7 एवेन्यू और पंचशील हाइनिश सोसायटी में जांच हुई

एनपीसीएल के वाइस प्रेजिडेंट ऑपरेशंस सारनाथ गांगुली ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए तकनीकी टीम विभिन्न सोसायटियों में जाकर जांच की है। सोमवार देर रात तक गौड़ सिटी-2 के सातवें एवेन्यू और पंचशील हाइनिश सोसायटी में जांच हुई। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर नियमों के अनुसार मिला है, साथ ही एचटी पैनल से जुड़ी चीजों में भी कोई समस्या नहीं है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। पंचशील हाइनिश सोसाइटी से सोसायटियों में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर (Electricity Infrastructure) की जांच के लिए नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) अभियान चला रही है। इस जांच अभियान के दौरान यह खबर सामने आई है कि गौड़ सिटी-2 के सातवें एवेन्यू में ब्रेक डाउन और एनुअल मेंटिनेंस (Annual Maintenance) के लिए प्रबंधन ने एनुअल मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट (AMC) नहीं लिया है।

इस पर टीम ने तत्काल निर्देश देते हुए एएमसी लेने के निर्देश दे दिए हैं। पंचशील हाइनिश में जांच करने आई टीम को इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी कमियां मिलीं। यहां बिजली रूम (Electricity Room) में खुले में तार पड़े हुए मिले, ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए कोई अच्छी व्यवस्था नहीं मिली। यहां नियमों का पालन न करने पर बिल्डर प्रबंधन को तत्काल नोटिस भेज दिया गया।

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एनपीसीएल के वाइस प्रेजिडेंट ऑपरेशंस सारनाथ गांगुली ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए तकनीकी टीम विभिन्न सोसायटियों में जाकर जांच की है। सोमवार देर रात तक गौड़ सिटी-2 के सातवें एवेन्यू और पंचशील हाइनिश सोसायटी में जांच हुई। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर नियमों के अनुसार मिला है, साथ ही एचटी पैनल से जुड़ी चीजों में भी कोई समस्या नहीं है।

परिसर में ब्रेक डाउन और उपकरणों के रखरखाव के लिए एएमसी लेना आवश्यक होता है, जो इनके पास नहीं है। ऐसे में टीम प्रबंधन को 6 महीने के अंदर एएमसी लेने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि पंचशील हाइनिश सोसायटी में इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच में नियमों की बड़े स्तर पर अनदेखी मिली है। सोसायटी में कई जगह इंफ्रास्ट्रक्चर के पास खुले में तारों को डाला गया था। कई जगह तार भी व्यवस्थित तरीके से बिजली के उपकरणों में लगे हुए नहीं मिले। यहां 1600 केवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। पिछले दिनों ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट होने प्रबंधन रेट पर एक ट्रांसफॉर्मर लेकर आए है, जिसे सही तरीके से नहीं रखा है।

एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज । सोसायटी में लगे बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच हुई। जांच में सामने आया कि परिसर में रह रहे निवासियों की क्षमता के मुताबिक 22 ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता है, लेकिन यहां ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं। परिसर में लगभग 6500 परिवार रह रहे हैं। गर्मी के दिनों में लोड ज्यादा है, लेकिन पर्याप्त ट्रांसफॉर्मर न होने से आए दिन फॉल्ट व ट्रिपिंग होती है। इस मामले में प्रबन्धन को नोटिस जारी कर चीजों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

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16 सेक्टरों में 3-4 घंटे तक गायब रही बिजली

जिले में बिजली कटौती से लोगों को छुटकारा नहीं मिल रहा है। रात में शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में देर रात तक बिजली गायब रही। बुधवार को भी कई सेक्टरों में बिजली कटौती होती रही। शहर के 16 सेक्टरों में तीन से चार घंटे तक बत्ती गायब रही। तापमान में लगातार बढ़ोतरी की वजह से बिजली की लाइनों पर ओवरलोड है। ऐसे में रोज दूसरे सेक्टरों में केवल जलने, ट्रांसफॉर्मर में आग लगने की घटनाएं होती रही हैं। उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले बिना कटौती के बिजली सप्लाई का वादा विद्युत निगम के अधिकारियों ने किया था। अब गमीं का प्रकोप शुरू होते ही विद्युत निगम की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। रात में भी सेक्टर-71, 72, 108, 80,82, गेझा समेत गांवों में लगभग चार से पांच घंटे तक कटौती हुई। सेक्टर- 108 निवासी ने हमे बताया कि लगभग 11 बजे बिजली गुल होने के बाद कंट्रोल रूम में कई बार शिकायत की।

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