कहा कि 21वीं सदी का भारत एक से एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। बेहतर सड़क, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन का निर्माण हो रहा है। ये सभी लोगों का जीवन बदलकर रख देते हैं। सभी वर्ग का जीवन इससे प्रभावित होता है और इससे बहुत लाभ मिलता है। इन प्रोजेक्ट की ताकत और बढ़ जाती है जब इनके साथ लास्ट माइल कनेक्टिविटी हो। नोएडा एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी बेहतरीन मॉडल बनेगा। रेलवे से लेकर मेट्रो तक हर तरह के मोड से कनेक्ट होगा।
पीएम ने कहा कि नोएडा पूरे उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे बनेगा। आज जिस तेजी से एविएशन क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है उनके लिए भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बहुत बड़ी भूमिका होगी। यह एयरपोर्ट विमानों के रखरखाव, देखभाल व मेंटेनेंस का केंद्र बनेगा, जो देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी और देश के युवाओं को रोजगार देगी।
कहा कि आज भी हम अपने 85 प्रतिशत विमानों को एमआरओ सेवा के लिए विदेश भेजते हैं जिसमें 15000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। जिसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों को जाता है लेकिन ये एयरपोर्ट इस स्थिति को भी बदलने में मदद करेगा। इस एयरपोर्ट के माध्यम से मल्टीमीडिया कार्गो हब की भी संकल्पना पूरी हो रही है। हम सभी ये जानते हैं जिन राज्यों की सीमा समुद्र से सटे होते हैं उनके लिए बंदरगाह सबसे बड़ी ताकत होती है लेकिन यूपी जैसे राज्यों के लिए यही भूमिका एयरपोर्ट की होती है।
पीएम ने कहा, यह एयरपोर्ट एक्सपोर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सीधा जुड़ेगा। छोटे किसान यहां से सीधे जल्द खराब होने वाले वस्तुओं को एक्सपोर्ट कर सकेंगे। सभी आसपास के जिलों को एक्सपोर्ट के लिए बहुत लाभ होगा। हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान सुचारू रूप से चलाने के लिए हजारों लोगों की जरूरत होती है जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा। हमने इस सोच को बदला कि दिल्ली में एयरपोर्ट है लेकिन अन्य आसपास के जिलों को भी एयरपोर्ट चाहिए। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से टूरिज्म बढ़ता है। जैसे माता वैष्णो देवी और चारधाम में हेलिकॉप्टर सेवा आने से वहां टूरिज्म बढ़ा है। आजादी के सात दशक बाद यूपी को वो मिलना शूरू हुआ है जिसका वो हकदार रहा है।
डबल इंजन की सरकार से यूपी देश का सबसे विकसित राज्य बन रहा है। रैपिड रेल कॉरिडोर हो, मेट्रो रेल कनेक्टिविटी हो, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हों यह आधुनिक यूपी की नई पहचान बन रहे हैं। यूपी को ताने सुनने के लिए मजबूर कर दिया गया था। कभी गरीबी, कभी उद्योगों के अभाव के ताने, खराब सड़कों के ताने, अपराध के ताने। यूपी के लोगों का यही सवाल था कि क्या कभी यहां की सकारात्मक छवि बन पाएगी कि नहीं। पहले की सरकार ने यूपी में जो अभाव अंधकार बनाए रखा, झूठे सपने दिखाए, वही यूपी आज अंतरराष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है।