Ramayana Villa In CM Yogi Bulldozer News : रामायण विला बना ‘रामबाण बुलडोजर’ का निशाना, अच्छेजा में 8 करोड़ की अवैध जमीन पर चली प्राधिकरण की कार्रवाई, 4000 वर्ग मीटर भूमि पर जेसीबी का कहर

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
एक बार फिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यह साबित कर दिया कि अवैध कब्जा और कॉलोनाइज़र चाहे कितना भी बड़ा सपना देख लें, कानून के बुलडोजर के सामने उनका साम्राज्य नहीं टिक सकता। इस बार प्राधिकरण की तेज़ कार्रवाई का शिकार बना ग्राम अच्छेजा, जहां ‘रामायण विला’ के नाम से एक अवैध कॉलोनी खड़ी की जा रही थी। लेकिन गुरुवार को जैसे ही 6 जेसीबी मशीनें और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, कॉलोनी का सपना ध्वस्त होता नजर आया।
रामायण के नाम पर अवैध कॉलोनी! मगर ‘राम-राज्य’ में नहीं चलेगा अतिक्रमण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को जानकारी मिली थी कि अच्छेजा गांव में अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर कुछ लोग ‘रामायण विला’ के नाम से एक अवैध कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। कॉलोनी का नाम जितना पवित्र था, उसका मकसद उतना ही गैरकानूनी। कॉलोनाइज़र लगभग 4000 वर्ग मीटर जमीन पर सड़कों की कटाई, प्लॉटिंग और अस्थायी निर्माण शुरू कर चुके थे। बिना किसी नक्शे की मंजूरी और वैधानिक प्रक्रिया के ये काम रात-दिन चल रहा था।
प्राधिकरण की तगड़ी योजना, कॉलोनी काटने वालों की उड़ गई नींद
प्राधिकरण ने सीईओ एन. जी. रवि कुमार के निर्देश पर इस मामले को गंभीरता से लिया और विशेष रणनीति के तहत तीनों वर्क सर्किल की टीमें, बिसरख थाना पुलिस, और एसीपी दीक्षा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ अच्छेजा गांव में धावा बोला। बुलडोजर की गर्जना और पुलिस की सख्ती देख कर मौके पर मौजूद लोग भाग खड़े हुए।

6 जेसीबी और 2 डंपर, 3 घंटे का ऑपरेशन और 8 करोड़ की जमीन मुक्त
करीब 3 घंटे तक चले इस अभियान में अवैध रूप से कब्जाई गई लगभग 4000 वर्ग मीटर जमीन को मुक्त कराया गया। इस भूमि की अनुमानित कीमत 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्राधिकरण की टीम ने 6 जेसीबी मशीनों और 2 डंपरों की मदद से सड़कें, दीवारें, सीमांकन आदि को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
रफ़्तार टुडे की मुहिम बनी बुलडोजर का ट्रिगर
यह कार्रवाई यूं ही नहीं हुई। रफ़्तार टुडे ने लगातार अच्छेजा गांव में हो रही इस अवैध गतिविधि को उजागर किया था। चैनल की रिपोर्टिंग ने प्राधिकरण को हरकत में ला दिया और जनता के सामने इस अनियमितता को रखने में अहम भूमिका निभाई। इसी मीडिया की सजगता का परिणाम है कि अब आम नागरिकों को ऐसे फर्जीवाड़े से बचाने के लिए प्राधिकरण खुलकर कार्रवाई कर रहा है।
एसीईओ प्रेरणा सिंह का सख्त संदेश: “बिना मंजूरी बनाएंगे तो मिट्टी में मिला देंगे”
कार्यवाही के बाद एसीईओ प्रेरणा सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि अच्छेजा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आता है और यहां बिना प्राधिकरण की अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः अवैध माना जाएगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि भविष्य में भी अगर इस प्रकार की गतिविधि पाई गई, तो उससे जुड़े लोगों पर एफआईआर के साथ-साथ जुर्माना और ज़मीन जब्ती जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जागरूक बनें, फंसने से पहले पूछें: जमीन खरीदने से पहले करें वेरिफिकेशन
प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में किसी भी प्रकार की जमीन खरीदने या निवेश करने से पहले, संबंधित भूखंड या प्लॉट की जानकारी प्राधिकरण से जरूर लें। बहुत से लोग लो-रेट प्लॉट, आकर्षक नामों वाली कॉलोनियों और फर्जी रजिस्ट्रेशन के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं।
कॉलोनाइज़र बनाम कानून: जीत हमेशा कानून की ही होगी
इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चाहे अतिक्रमण करने वाले कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून की नज़रों से बच पाना असंभव है। रामायण विला जैसे नामों से मासूम लोगों को फंसाने वाले कॉलोनाइज़र अब कानूनी शिकंजे में आने लगे हैं और प्राधिकरण ऐसे सभी मामलों में पूरी तैयारी और सख्ती के साथ मैदान में है।
कब्जा माफियाओं के लिए कड़ा संदेश, आम लोगों के लिए राहत
इस प्रकार की कार्रवाइयां केवल प्राधिकरण की कार्यशैली ही नहीं दर्शातीं, बल्कि कब्जा माफियाओं को सख्त संदेश भी देती हैं। साथ ही यह उन आम लोगों के लिए राहत की बात है जो ईमानदारी से अपना घर बनाने का सपना देखते हैं। अवैध कॉलोनी नष्ट होने से भविष्य के धोखे और परेशानियों से भी बचा जा सकता है।
आगे क्या? प्राधिकरण की नजरें अब अन्य संदिग्ध स्थलों पर

सूत्रों के अनुसार, अच्छेजा के अलावा प्राधिकरण की रडार पर कई अन्य गांव भी हैं जहां अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनीकरण की शिकायतें मिली हैं। निकट भविष्य में वहां भी इस तरह की बुलडोजर कार्यवाही देखने को मिल सकती है। साथ ही, प्राधिकरण अब ऐसी गतिविधियों पर ड्रोन और सैटेलाइट मैपिंग के ज़रिए भी नजर रखने की योजना बना रहा है।
निष्कर्ष: रामायण का नाम पवित्र है, उसका इस्तेमाल अवैध कारोबार के लिए नहीं
‘रामायण विला’ जैसे पवित्र नाम का उपयोग कर लोगों को लुभाने और धोखा देने की कोशिश निश्चित ही निंदनीय है। इस खबर से यह सिखने की जरूरत है कि जमीन का मामला बेहद संवेदनशील होता है, और ज़रा सी लापरवाही आपकी ज़िंदगी भर की कमाई को मिट्टी में मिला सकती है।
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