Delta 2 News : सेक्टर डेल्टा टू में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भड़के सेक्टरवासी, सफाई व्यवस्था का हुआ औचक निरीक्षण

ग्रेटर नोएडा, Raftar Today।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा टू में गंदगी और सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं और अनदेखी को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक आर.के. भारती और अन्य प्राधिकरण अधिकारियों को अचानक दौरा करना पड़ा। हालांकि, यह दौरा स्थानीय निवासियों के गुस्से को कम नहीं कर सका, क्योंकि उनकी शिकायतें पिछले कई महीनों से अनसुनी की जा रही थीं।
सेक्टरवासियों की नाराजगी: ‘सफाई व्यवस्था चरमरा गई है!’
सेक्टर डेल्टा टू के आरडब्ल्यूए महासचिव आलोक नागर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने क्षेत्र को गंदगी के ढेर में बदल दिया है।
पिछले कई दिनों से सेक्टर में सफाई नहीं हो रही थी, जिसे लेकर निवासियों में भारी रोष था।
सीनियर अधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर, सूखे पत्ते और नालियों में जमा गंदगी से सेक्टरवासी परेशान थे।
मच्छरों और दुर्गंध के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई समाधान नहीं निकाला गया।
स्वास्थ्य विभाग और प्राधिकरण का दौरा: मौके पर दिखी गंदगी
स्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक आर.के. भारती,
सीनियर मैनेजर चरण सिंह,
सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी और ओंकार भाटी,
ठेकेदार मुकेश नागर और अंकुर त्यागी
इन सभी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर में गंदगी और कूड़े के ढेर मिले, जिससे अधिकारियों को भी यह मानना पड़ा कि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सेक्टर की स्थिति खराब हो गई है।
महाप्रबंधक आर.के. भारती ने मौके पर ही सफाई कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी और निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अगले हफ्ते फिर से दौरा करने की घोषणा की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है या नहीं।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर सफाई में लापरवाही जारी रही, तो दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सेक्टरवासियों की मांग: समस्या का स्थायी समाधान चाहिए
सेक्टर के लोगों ने कहा कि केवल औचक निरीक्षण और चेतावनियों से कुछ नहीं होगा, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।
स्थानीय निवासियों ने मांग की कि सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मॉनिटरिंग के लिए एक सिस्टम बनाया जाए।
कुछ लोगों ने कहा कि अधिकारियों को समय-समय पर ग्राउंड विजिट करनी चाहिए, ताकि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही को पकड़ा जा सके।
इसके अलावा, सेक्टर में कूड़ेदान और डस्टबिन की संख्या बढ़ाने की भी मांग की गई, ताकि कचरा सड़कों पर ना फैले।
ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल
ग्रेटर नोएडा के कई अन्य सेक्टरों में भी सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं।
सेक्टर डेल्टा टू के इस मामले ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिरकार नगर प्राधिकरण कब तक सफाई व्यवस्था को गंभीरता से लेगा?
अगर समय रहते सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इजाफा हो सकता है।
सेक्टरवासियों ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे प्राधिकरण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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