Noida MP News : ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा ने दिया आश्वासन, व्यापारियों का आक्रोश और सुझाव

नोएडा, रफ्तार टुडे। ऑनलाइन ट्रेडिंग के बढ़ते प्रभाव और इससे छोटे व मध्यम कारोबारियों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम सौंपा। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम सौंपा। यह ज्ञापन नोएडा के स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा को संस्था के NCR अध्यक्ष व जिला चेयरमैन सुनील गुप्ता और जिला अध्यक्ष सुधीर चंद्र पोरवाल के नेतृत्व में दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में उद्योगपतियों और व्यापारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सांसद डॉ. महेश शर्मा का आश्वासन
कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि वह व्यापारियों की समस्याओं को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा,
“व्यापारी वर्ग भारतीय जनता पार्टी का अभिन्न अंग है। उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है।”
डॉ. महेश शर्मा ने व्यापारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों को समर्थन देने की बात कही।
छोटे कारोबारियों पर मंडरा रहा संकट
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण छोटे और मध्यम कारोबारियों का व्यापार लगभग 75% तक कम हो गया है। इसमें मुख्यतः विदेशी कंपनियों की भूमिका है, जो देश के छोटे कारोबारियों को बाजार से बाहर कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग दो करोड़ छोटे कारोबारियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। जब इन कारोबारियों के परिवार और कर्मचारियों को शामिल किया जाता है, तो यह आंकड़ा लगभग 20 करोड़ लोगों तक पहुंचता है।
सुनील गुप्ता ने कहा,
“अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में 20 करोड़ देशवासियों को रोजगार का संकट झेलना पड़ेगा।”

विदेशी कंपनियों पर निशाना
सुनील गुप्ता ने कहा कि विदेशी कंपनियां बहुत कम रोजगार पैदा कर रही हैं, जबकि भारी मुनाफा कमाकर भारत से बाहर भेज रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के बीच सामंजस्य बनाकर दोनों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करे।
व्यापारियों का आक्रोश और सुझाव
कार्यक्रम में कई व्यापारियों और पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। उनका कहना था कि ऑनलाइन ट्रेडिंग ने छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बढ़ते खर्चे, दुकान का किराया और घटती आय के कारण कई छोटे व्यापारी अपने कारोबार बंद करने की कगार पर हैं।
व्यापारियों ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो अगले 5-10 वर्षों में छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे वरिष्ठ महासचिव अमित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, संरक्षक डीपी गोयल, राजकुमार गर्ग, रवि कांत मिश्रा, महासचिव राहुल भाटिया और वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
साथ ही, महिला व्यापार मंडल की सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और ऑनलाइन ट्रेडिंग के दुष्प्रभावों पर अपने विचार रखे।

व्यापारियों की मांग
व्यापारियों ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं:
- ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के बीच संतुलन बनाने के लिए नीति तैयार की जाए।
- विदेशी कंपनियों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
- छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जाए।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए करों और नियमों को सख्त किया जाए।
आने वाले कदम
कार्यक्रम में निर्णय लिया गया कि यदि व्यापारियों की मांगों को जल्द ही सुना नहीं गया, तो वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे और आंदोलन की योजना बनाएंगे।
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