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Noida MP News : “पसीने की कीमत, सेहत की इज्जत, नोएडा में श्रमिक दिवस पर ऐसा मेगा हेल्थ महोत्सव, जहां इलाज ही नहीं—सम्मान, संवेदना और सुरक्षा का भी हुआ भव्य संगम”, शुभारंभ गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा द्वारा फीता काटकर किया गया

नोएडा, रफ़्तार टूडे।अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2026 के अवसर पर नोएडा के जिला संयुक्त चिकित्सालय में आयोजित “श्रमिक मेगा हेल्थ कैंप” ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों और उद्देश्य जनकल्याण का हो, तो एक साधारण चिकित्सा शिविर भी समाज के सबसे मेहनतकश वर्ग के लिए उत्सव बन सकता है। यह आयोजन केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रमिकों के सम्मान, जागरूकता और उनके योगदान को सलाम करने का एक मानवीय मंच बनकर सामने आया।

उद्घाटन के साथ ही दिखी सेवा भावना की झलक

कार्यक्रम का शुभारंभ गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के बाद दोनों ने पूरे कैंप का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर श्रमिक को समय पर, सम्मानपूर्वक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए।यह संदेश स्पष्ट था—“स्वास्थ्य सेवा कोई सुविधा नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।

”सुबह से उमड़ा जनसैलाब, दिखी जरूरत की सच्चाई

कैंप की शुरुआत होते ही अस्पताल परिसर में श्रमिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबी कतारें इस बात का संकेत थीं कि समाज के इस वर्ग को ऐसी सेवाओं की कितनी आवश्यकता है। पंजीकरण काउंटर से लेकर जांच कक्ष तक हर जगह व्यवस्थित प्रबंधन देखने को मिला। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम ने सामूहिक प्रयासों से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रमिक को अव्यवस्था या देरी का सामना न करना पड़े।

मुफ्त जांच, दवाइयां और विशेषज्ञ परामर्श—सब एक छत के नीचे

इस मेगा हेल्थ कैंप की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां श्रमिकों को पूरी तरह निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।कैंप में शामिल प्रमुख सेवाएं—ब्लड प्रेशर और शुगर जांचईसीजी और अन्य जरूरी टेस्ट

विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श

जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयों का वितरण

डॉक्टरों ने विशेष रूप से डायबिटीज,

हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी जीवन

शैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया। साथ ही यह भी समझाया कि नियमित जांच और समय पर इलाज से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।

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शुभारंभ गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा द्वारा फीता काटकर किया गया

जब सम्मान मिला—भावुक हो उठा माहौल

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया, जब अस्पताल के हाउसकीपिंग स्टाफ को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।सांसद डॉ. महेश शर्मा और सीएमएस डॉ. अजय राणा ने उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया और उनके योगदान को सराहा।

इस मौके पर सांसद डॉ महेश शर्मा ने कहा—“श्रमिक हमारे समाज की रीढ़ हैं। अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने वाले कर्मचारी ही असली स्वास्थ्य योद्धा हैं।”उन्होंने कोरोना काल के दौरान इन कर्मचारियों की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान अमूल्य और प्रेरणादायक है।

जागरूकता पर भी रहा खास फोकस

यह कैंप केवल इलाज तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने श्रमिकों को—बीमारियों के शुरुआती लक्षण पहचान ने

समय पर उपचार लेने

व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने

संतुलित आहार अपनाने

कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। यह प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि जागरूकता ही किसी भी समाज को स्वस्थ बनाने की पहली सीढ़ी होती है।

श्रमिकों ने जताई खुशी, बताया राहत भरा अनुभव

कैंप में आए श्रमिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि एक ही स्थान पर जांच, डॉक्टर की सलाह और दवाइयां मिलना उनके लिए बहुत बड़ी राहत है।कुछ श्रमिकों ने यह भी स्वीकार किया कि वे काम की व्यस्तता के चलते अक्सर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं, लेकिन ऐसे कैंप उन्हें समय रहते सचेत होने का अवसर देते हैं।

भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे आयोजन

कार्यक्रम के अंत में सीएमएस डॉ. अजय राणा ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के मेगा हेल्थ कैंप नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और व्यापक बनाने के लिए संसाधनों और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं, एक सामाजिक संदेश

यह आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया कि जब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी बेहतर सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।श्रमिक दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बना, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक जिम्मेदारी और सम्मान की जीवंत मिसाल भी साबित हुआ।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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