Bhartiya Vikas Parishad News : “सेवा, संस्कार और समर्पण का संगम, दादरी में श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा पर श्रमिकों का सम्मान, मीठे जल से मिला मान-सम्मान”, मीठा शरबत सेवा का सरल लेकिन प्रभावी माध्यम

दादरी, रफ़्तार टूडे। समाज सेवा की भावना को साकार करते हुए Bharat Vikas Parishad की दादरी शाखा ने 01 मई 2026 को श्रमिक दिवस और Buddha Purnima के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल की। इस अवसर पर श्रमिक बंधुओं के सम्मान के साथ-साथ मीठा जल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
श्रमिकों को सम्मान, सेवा का सजीव उदाहरण
कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया गया। साथ ही उन्हें उपयोगी सामग्री से युक्त किट प्रदान की गई, जिसमें आधा किलो भुना चना, गुड़, बिस्कुट और केले शामिल थे। यह पहल न केवल श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि समाज के निर्माण में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
मीठा शरबत: सेवा का सरल लेकिन प्रभावी माध्यम
भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में श्रमिकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी मीठा शरबत वितरित किया गया। लगभग 100 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया। मीठा जल वितरण का यह प्रयास मानव सेवा की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें छोटी-छोटी पहल भी बड़े सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करती हैं।
स्थानीय स्तर पर समाज सेवा का मजबूत संदेश
यह कार्यक्रम शाखा सचिव Ravindra Goyal के प्रतिष्ठान—Shri Banke Bihari Jewellers—पर आयोजित किया गया। स्थानीय स्तर पर इस तरह के आयोजनों से समाज में सहयोग, सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को बल मिलता है।
परिषद परिवार की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में N K Sharma (शाखा अध्यक्ष), Ravindra Goyal (सचिव), विजय बंसल, दिनेश सिंघल, लोकेश गर्ग, डॉ. अजय गर्ग, कमल गोयल, योगेश गर्ग, संजीव सक्सेना और रामकिशोर बंसल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण’ का साकार रूप
कार्यक्रम ने भारत विकास परिषद के मूल सिद्धांत—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण—को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
ऐसे कार्यक्रम यह साबित करते हैं कि यदि समाज के सक्षम वर्ग आगे आएं, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा जैसे अवसरों पर इस प्रकार की सेवा गतिविधियां न केवल परंपरा को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने का कार्य भी करती हैं।



