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Tikri-singhu Border Will Be Opened For Vehicles By Sunday Afternoon Road Repair Work Continues – किसानों की घर वापसी : टिकरी और सिंघु बॉर्डर को आज दोपहर तक आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा, सड़क मरम्मत का काम जारी 

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:52 AM IST

सार

किसानों की वापसी के साथ ही कुंडली बॉर्डर पर करीब आठ किलोमीटर तक का मार्ग खाली हो जाएगा। 50 फीसदी से अधिक किसान पहले ही लौट चुके हैं।

घर वापसी कर रहे किसान
– फोटो : अमर उजाला

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सिंघु और टीकरी बॉर्डर से किसानों के अपने घर की तरफ रुख करने के बाद रविवार दोपहर से दोनों सीमाओं को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। किसान सड़क पर बनाए गए अपने ढांचा को हटाकर घर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। वहीं पुलिस किसानों को रोकने के लिए लगाए गए सभी तरह के बेरीकेड को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। 

उम्मीद है कि गाजीपुर बॉर्डर को 14 दिसंबर की शाम या 15 दिसंबर की सुबह वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पुलिस बॉर्डर के आस पास के रास्तों पर लगाए गए सभी बेरिकेड को हटा रही है। जिसमें कंक्रीट और लोहे के कटीले तार के बेरिकेड शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की सडक से सभी तरह के बेरिकेड हटाने के बाद दोपहर तक बॉर्डर को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।

वहीं बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि किसान अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। पुलिस ने सड़कों पर लगाए गए बैरिकेड को हटवा रही है। सड़कों की मरम्मत का काम भी चल रहा है और उम्मीद है कि सुबह दस बजे के बाद बॉर्डर को खोल दिया जाएगा। धरना खत्म करने की घोषणा के बाद दोनों बॉर्डरों से शुक्रवार के बाद शनिवार को भी पूरे दिन किसान यहां से जाते दिखाई दिए। ऐसे में पुलिस भी यहां पर चौकस है। किसानों की संख्या कम होते ही पुलिस ने भी बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 

शनिवार को सड़क के एक तरफ बनाए गए सीमेंट बैरियर, सडक पर लगाई गई कील व कटीले तार को हटाने कार्य दिन भर चलता रहा। इसके लिए मजदूरों और जेसीबी मशीन से मदद ली जा रही है। पुलिस ने अपने रहने के लिए बनाए गए अस्थायी ढांचा को भी हटा रही है। अक्तूबर माह में टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर एक कैरिजवे पर पैदल व बाइक सवारों की आवाजाही के लिए पांच फुट का रास्ता खोला गया था। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसान अपने घर चले गए हैं। जो बचे हैं वह रविवार तक वापस चले जाएंगे। उसके बाद रविवार दोपहर तक बॉर्डर को खोल दिया जाएगा। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों ने 13 दिसंबर तक खाली करने का समय मांगा है। उम्मीद है कि सारे बैरिकेड हटाने के बाद 14 दिसंबर की शाम या फिर 15 दिसंबर की सुबह से बॉर्डर को खोल दिया जाएगा।

विस्तार

सिंघु और टीकरी बॉर्डर से किसानों के अपने घर की तरफ रुख करने के बाद रविवार दोपहर से दोनों सीमाओं को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। किसान सड़क पर बनाए गए अपने ढांचा को हटाकर घर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। वहीं पुलिस किसानों को रोकने के लिए लगाए गए सभी तरह के बेरीकेड को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। 

उम्मीद है कि गाजीपुर बॉर्डर को 14 दिसंबर की शाम या 15 दिसंबर की सुबह वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पुलिस बॉर्डर के आस पास के रास्तों पर लगाए गए सभी बेरिकेड को हटा रही है। जिसमें कंक्रीट और लोहे के कटीले तार के बेरिकेड शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की सडक से सभी तरह के बेरिकेड हटाने के बाद दोपहर तक बॉर्डर को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।

वहीं बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि किसान अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। पुलिस ने सड़कों पर लगाए गए बैरिकेड को हटवा रही है। सड़कों की मरम्मत का काम भी चल रहा है और उम्मीद है कि सुबह दस बजे के बाद बॉर्डर को खोल दिया जाएगा। धरना खत्म करने की घोषणा के बाद दोनों बॉर्डरों से शुक्रवार के बाद शनिवार को भी पूरे दिन किसान यहां से जाते दिखाई दिए। ऐसे में पुलिस भी यहां पर चौकस है। किसानों की संख्या कम होते ही पुलिस ने भी बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 

शनिवार को सड़क के एक तरफ बनाए गए सीमेंट बैरियर, सडक पर लगाई गई कील व कटीले तार को हटाने कार्य दिन भर चलता रहा। इसके लिए मजदूरों और जेसीबी मशीन से मदद ली जा रही है। पुलिस ने अपने रहने के लिए बनाए गए अस्थायी ढांचा को भी हटा रही है। अक्तूबर माह में टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर एक कैरिजवे पर पैदल व बाइक सवारों की आवाजाही के लिए पांच फुट का रास्ता खोला गया था। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसान अपने घर चले गए हैं। जो बचे हैं वह रविवार तक वापस चले जाएंगे। उसके बाद रविवार दोपहर तक बॉर्डर को खोल दिया जाएगा। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों ने 13 दिसंबर तक खाली करने का समय मांगा है। उम्मीद है कि सारे बैरिकेड हटाने के बाद 14 दिसंबर की शाम या फिर 15 दिसंबर की सुबह से बॉर्डर को खोल दिया जाएगा।

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