New Noida Authority News : “दिल्ली-नोएडा के बाद अब बसने जा रहा है ‘भविष्य का मेगा सिटी’! जून से शुरू होगा न्यू नोएडा का महाअभियान, 80 गांवों की जमीन पर खड़ा होगा 21वीं सदी का नया औद्योगिक शहर”, 800 करोड़ का बजट मंजूर, किसानों को मिलेगा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा; दादरी से खुर्जा तक बदलेगी तस्वीर

न्यू नोएडा/दादरी, रफ़्तार टूडे। दिल्ली-एनसीआर के विकास की रफ्तार अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण मिलकर एक और “सुपर सिटी” बसाने जा रहे हैं, जिसका नाम है—न्यू नोएडा। यह सिर्फ एक नया शहर नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में उद्योग, निवेश, रोजगार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
दादरी से खुर्जा के बीच करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित होने वाले दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (DNGIR) यानी न्यू नोएडा को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए बड़ा फैसला लेते हुए जून 2026 से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। सबसे अहम बात यह है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शुरुआती चरण में 800 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया गया है।
दिल्ली के बाद अब NCR का नया ग्रोथ इंजन बनेगा न्यू नोएडा
सरकारी सूत्रों और प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, न्यू नोएडा को केवल एक रिहायशी शहर के रूप में नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल और इंवेस्टमेंट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बड़े उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, आईटी सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट्स, आधुनिक आवासीय सेक्टर और हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं न्यू नोएडा को देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में बदल सकती हैं।
80 गांवों की बदलेगी किस्मत, जमीनों के दामों में भारी उछाल की उम्मीद
न्यू नोएडा परियोजना का सबसे बड़ा असर दादरी और खुर्जा के बीच पड़ने वाले गांवों पर देखने को मिलेगा। जिन 80 गांवों की जमीन इस परियोजना में शामिल की जा रही है, वहां के किसानों और जमीन मालिकों के बीच अभी से चर्चाओं का माहौल गर्म है।
किसानों को मिलेगा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा
छह अप्रैल को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया कि न्यू नोएडा के लिए किसानों को वही मुआवजा दर दी जाएगी, जो यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लागू है। अधिकारियों के मुताबिक किसानों से जमीन आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी और उन्हें 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान किया जाएगा। यह फैसला किसानों को भरोसे में लेने और विवादों से बचने के उद्देश्य से लिया गया है।
जून से शुरू होगी अधिग्रहण प्रक्रिया, बनेगी विशेष टीम
नोएडा प्राधिकरण अब इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहा है। जून 2026 से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके लिए एक विशेष टीम गठित किए जाने की तैयारी है, जो गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेगी और जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। सूत्रों के अनुसार, यह टीम किसानों की समस्याओं, दस्तावेजी प्रक्रिया, भुगतान और पुनर्वास से जुड़े मामलों पर भी काम करेगी।
नोएडा एयरपोर्ट का मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञ मानते हैं कि न्यू नोएडा की सबसे बड़ी ताकत उसका रणनीतिक स्थान है। यह पूरा क्षेत्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बेहद करीब होगा, जिससे यहां उद्योग और विदेशी निवेश आकर्षित होने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों में उत्साह, लेकिन कुछ सवाल भी बाकी
हालांकि परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है, लेकिन कुछ किसान मुआवजा दर और भविष्य की पुनर्वास नीति को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन उनकी आजीविका और अधिकारों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है।
एनसीआर का अगला “सुपर सिटी” बनने की तैयारी
न्यू नोएडा को लेकर जिस स्तर पर तैयारी हो रही है, उससे साफ है कि सरकार इसे भविष्य के सबसे बड़े शहरी और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। अगर योजनाएं समय पर पूरी हुईं, तो आने वाले वर्षों में दादरी-खुर्जा बेल्ट देश के सबसे आधुनिक और विकसित क्षेत्रों में गिनी जा सकती है।



