CM Environment Breaking News : “मुख्यमंत्री के हरियाली सपने पर चला आरा!”, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-2 में एक बिल्डर ने प्रोजेक्ट प्रमोशन के नाम पर रातों-रात काट डाले पेड़, जनता भड़की, जिम्मेदार विभाग मौन, वन विभाग और प्राधिकरण की चुप्पी सवालों के घेरे में

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
जब पूरा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 37 करोड़ पौधारोपण अभियान को साकार करने में जुटा है, तब ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-2 में एक बिल्डर ने इस हरित पहल को ठेंगा दिखा दिया है।
नीलय स्क्वायर बिल्डर पर आरोप है कि उसने अपने प्रोजेक्ट को सड़क से ‘दिखने लायक’ बनाने के लिए रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर के ज़रिए कई पुराने पेड़ जड़ से उखाड़ फेंके। यह घटना न केवल प्रकृति से खिलवाड़ है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की निष्क्रियता का भी काला सच उजागर करती है।
मुख्यमंत्री का हरियाली मिशन बन रहा है शिकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में चलाए जा रहे हरियाली महाअभियान के तहत पूरे प्रदेश में 37 करोड़ पौधे, जबकि सिर्फ गौतमबुद्ध नगर जिले में 11 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य तय किया गया था।
यह अभियान हर जिले में हरियाली बढ़ाने और वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी इसके ठीक उलट दिख रही है।
पेड़ प्रोजेक्ट में बाधा नहीं, फिर क्यों काटे गए?
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेड़ प्रोजेक्ट के रास्ते में नहीं थे, न ही निर्माण कार्य में कोई रुकावट पैदा कर रहे थे।
बावजूद इसके, नीलय स्क्वायर बिल्डर ने अपने प्रोजेक्ट को सर्विस रोड से “खुले में दिखाने” की नीयत से इन पेड़ों को काटने का दुस्साहस किया।
सोशल एक्टिविस्ट सविता शर्मा ने की वीडियोग्राफी, मच गया हड़कंप
घटना की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता सविता शर्मा मौके पर पहुंचीं और पेड़ों की कटाई का लाइव वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
उन्हें देखकर जेसीबी व ट्रैक्टर के ऑपरेटर मौके से फरार हो गए। स्थानीय निवासियों ने भी इस पर्यावरणीय अपराध का विरोध करते हुए बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग और प्राधिकरण की चुप्पी सवालों के घेरे में
इस घटना को लेकर नोएडा प्राधिकरण और वन विभाग की चुप्पी से लोग नाराज हैं। अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा, न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही की गई है।
“जब सरकार खुद पौधारोपण कर रही है, तो फिर ऐसे बिल्डरों को खुली छूट क्यों दी जा रही है?”
— स्थानीय निवासी, सेक्टर अल्फा-2
लोगों की मांगें: बिल्डर पर भारी जुर्माना और मशीनें जब्त हों
सेक्टर अल्फा-2 के लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- ✅ बिल्डर पर भारी जुर्माना लगाया जाए
- ✅ कटे पेड़ों के स्थान पर दोगुने पौधे लगवाए जाएं
- ✅ जेसीबी और ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस कार्रवाई हो
- ✅ प्राधिकरण और वन विभाग से जवाबदेही तय की जाए
क्या है नियम और कानून?
उत्तर प्रदेश में किसी भी पेड़ को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बिना पेड़ काटना वन अधिनियम की धारा 21 और 26 के तहत दंडनीय अपराध है।
यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती, तो यह नियमों का खुला उल्लंघन और पर्यावरणीय अपराधों को प्रोत्साहन माना जाएगा।
आगे क्या?
सूत्रों की मानें तो रफ्तार टुडे की रिपोर्ट के बाद प्राधिकरण और वन विभाग के कुछ अधिकारी मामले को “देखने” की तैयारी में हैं, लेकिन कोई लिखित या आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ✅ नीलय स्क्वायर बिल्डर ने बिना अनुमति रातों-रात काटे कई पेड़
- ✅ पेड़ प्रोजेक्ट में बाधा नहीं थे, सिर्फ दृश्यता के लिए काटे गए
- ✅ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने किया विरोध
- ✅ जेसीबी-ट्रैक्टर लेकर मौके से भागे कर्मचारी
- ✅ प्राधिकरण और वन विभाग अब तक मौन
- ✅ पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन
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