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Authority News : ग्रेटर नोएडा की सड़कों से उड़ती धूल पर बड़ा प्रहार!, 37 प्रमुख मार्गों पर चला ‘डस्ट फ्री मिशन’, अब चमकेंगी सड़कें और सुधरेगी हवा की सेहत, धूल के खिलाफ जंग का आगाज़ ग्रेटर नोएडा को ‘नो डस्ट सिटी’ बनाने निकला प्राधिकरण, प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर शुरू हुआ

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर उड़ती धूल, खराब होती वायु गुणवत्ता और नागरिकों की सेहत पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और धूलमुक्त बनाने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने विशेष संयुक्त सफाई अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 37 प्रमुख सड़कों को डस्ट फ्री बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। खास बात यह है कि इस बार केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि परियोजना और उद्यान विभाग की टीमें भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी हैं।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर शुरू हुआ यह विशेष अभियान 24 जून से 11 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सड़कों की मैकेनिकल और मैनुअल सफाई, धूल हटाने, पानी के छिड़काव, फुटपाथों की सफाई और सड़क किनारे जमा मलबे को हटाने जैसे कई कार्य एक साथ किए जाएंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य केवल अस्थायी सफाई नहीं बल्कि धूल की समस्या का स्थायी समाधान तैयार करना है।

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शुरू हुआ मिशन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने स्थानीय निकायों को सड़कों पर जमा धूल कम करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का मानना है कि शहर में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण सड़क किनारे जमा धूल और निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा है। यदि इसे समयबद्ध तरीके से हटाया जाए तो वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों की नियमित निगरानी भी की जाएगी। सड़क को साफ करने के आठ दिन बाद दोबारा निरीक्षण और सफाई कराई जाएगी ताकि धूल दोबारा जमा न हो सके।

इन प्रमुख मार्गों पर चलेगा विशेष सफाई अभियान
पहले चरण में जिन 37 प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के सबसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं। एपेक्स कोर्ट सोसाइटी से एसकेए ग्रीन, एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी, एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन, सीवीटेक सोसाइटी से एल्डिको सोसाइटी, जीएनआईडीए फ्लैट से आयरिश प्लैटिनम सोसाइटी, ईकोटेक-12 की आंतरिक सड़कें, सेक्टर-2 की सड़कें, नॉलेज पार्क-5, सेक्टर-16, सेक्टर-36, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री प्वाइंट से कासना टी-प्वाइंट, जीटा-1, पाई-2, डीएमआईसी से डाढ़ा गोलचक्कर और दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं।

मैकेनिकल स्वीपिंग से लेकर वॉटर स्प्रिंकलर तक, कई स्तरों पर होगी सफाई
इस अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें सड़क की सतह से धूल हटाएंगी, जबकि मैनुअल सफाई के जरिए फुटपाथ, डिवाइडर और किनारों की गंदगी साफ की जाएगी। इसके अलावा वॉटर स्प्रिंकलर और वॉटर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि हवा में धूल के कण उड़ने से रोके जा सकें।
वरिष्ठ प्रबंधक स्वास्थ्य एवं अभियान के नोडल अधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि हर सड़क को ‘नो डस्ट’ घोषित करने से पहले उसकी कई स्तरों पर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर और प्रबंधक मौके पर निरीक्षण करेंगे और संतुष्ट होने के बाद ही सड़क को धूलमुक्त माना जाएगा।

गड्ढों की भी होगी मरम्मत, हरियाली बढ़ाने की तैयारी
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे केवल सफाई अभियान के रूप में नहीं बल्कि ‘कंपोजिट क्लीनिंग मिशन’ के रूप में चलाया जा रहा है। यदि किसी सड़क पर गड्ढे पाए जाते हैं तो उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी। सड़क किनारे खुले हिस्सों पर एंड-टू-एंड पेवमेंट और ग्रासिंग (घास लगाने) की योजना भी बनाई गई है ताकि भविष्य में धूल की समस्या दोबारा पैदा न हो।
उद्यान विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क किनारे हरित पट्टियों का विकास किया जाए। इससे न केवल धूल नियंत्रित होगी बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।

सभी विभागों की संयुक्त भागीदारी से बनेगा मॉडल शहर
प्राधिकरण का मानना है कि शहर को स्वच्छ और धूलमुक्त बनाने के लिए केवल एक विभाग की कोशिश पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग, परियोजना विभाग और उद्यान विभाग को संयुक्त रूप से इस अभियान में शामिल किया गया है। प्रत्येक मार्ग के लिए वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो सफाई कार्यों की निगरानी करेंगे।

नागरिकों से भी सहयोग की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सड़कों पर निर्माण सामग्री न फैलाएं, कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
उन्होंने कहा कि यदि नागरिक और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो ग्रेटर नोएडा को देश के सबसे स्वच्छ और व्यवस्थित शहरों में शामिल किया जा सकता है।

स्वच्छ हवा, स्वच्छ सड़कें और बेहतर जीवन की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क की धूल वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। ऐसे में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह अभियान केवल सफाई कार्यक्रम नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह अभियान सफल होता है तो आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा एनसीआर के सबसे स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाले शहरों में शामिल हो सकता है।

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