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Bjp Dadri News : “चौपाल से बदलेगा गांव का भविष्य!”, दादरी में भाजपा की ग्रामीण चौपाल, रोजगार–आजीविका पर खुला संवाद, ‘विकसित भारत’ का दिखा ज़मीनी रोडमैप, ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का संकल्प, ‘जी राम जी’ से गांवों को नई ताकत

ग्रेटर नोएडा/दादरी, रफ़्तार टूडे। जब नीति सीधे चौपाल तक पहुंचे और सवाल–जवाब गांव की मिट्टी पर हों, तब बदलाव सिर्फ भाषण नहीं रहता, बल्कि भरोसे में बदल जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा शनिवार को दादरी क्षेत्र के ग्राम कलदा–दुजाना में देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी की ओर से “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका की मजबूत नींव” अभियान के तहत कृषक–श्रमिक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकसित भारत–जी राम जी जनजागरण अभियान के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें गांव, किसान, श्रमिक और रोजगार जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।
गांव की चौपाल पर जुटी भीड़, सवाल पूछते किसान, अपनी बात रखते श्रमिक और मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि—पूरा माहौल यह संकेत दे रहा था कि अब विकास की चर्चा फाइलों से निकलकर गांव के आंगन तक पहुंच चुकी है।


ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का संकल्प
इस चौपाल में लोकसभा सांसद डॉ. महेश शर्मा, शिक्षक एमएलसी श्रीचंद शर्मा, जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर और जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों की सहभागिता ने यह साफ कर दिया कि रोजगार और आजीविका का मुद्दा गांवों की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और हर हाथ को काम मिलेगा।” उन्होंने बताया कि जी राम जी योजना के तहत अब श्रमिकों को साल में 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने का बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ पलायन रुकेगा, बल्कि गांवों में ही रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

जी राम जी’ से गांवों को नई ताकत
एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि जी राम जी योजना ग्रामीण विकास की रीढ़ साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में सड़क, नाली, तालाब, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगी। इससे गांवों में काम भी होगा और विकास भी।
वहीं दादरी विधायक तेजपाल नागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से गांवों में स्थायी आजीविका का रास्ता खुलेगा।” उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर काम मिलेगा, जिससे गांव की अर्थव्यवस्था खुद अपने पैरों पर खड़ी होगी।


25 दिन अतिरिक्त रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी और जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पहले से 25 दिन अधिक रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदिवासी और वन क्षेत्रों में रोजगार के दिन और बढ़ाए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचे।
उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। चौपाल जैसे कार्यक्रम इसी उद्देश्य को पूरा करने का सशक्त माध्यम हैं।


ग्रामीणों ने रखी खुलकर अपनी बात
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भी रोजगार, मजदूरी, पंचायत कार्यों और आजीविका से जुड़े सवाल उठाए। जनप्रतिनिधियों ने मौके पर ही कई सवालों के जवाब दिए और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। यह संवाद सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव और सरकार के बीच सीधा संवाद बनकर उभरा।

हजारों की मौजूदगी, संगठन की ताकत का प्रदर्शन
कार्यक्रम में जिला महामंत्री दीपक भारद्वाज, धर्मेंद्र कोरी, मनोज गर्ग, जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र नागर, देवा भाटी, हरेंद्र नागर, विमल पुंडीर, कर्मवीर आर्य, सचिन गौतम, महेंद्र नागर, धर्मेंद्र भाटी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ग्रामीणों की भारी भीड़ ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।


चौपाल से निकला संदेश—रोजगार ही विकास की असली कुंजी
दादरी की इस ग्रामीण चौपाल ने एक साफ संदेश दिया—विकसित भारत की नींव गांव से ही पड़ेगी। रोजगार, आजीविका और आत्मनिर्भरता के बिना विकास अधूरा है। भाजपा का यह जनजागरण अभियान गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक ठोस कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
गांव की चौपाल से उठी यह आवाज अब नीति और योजना का रूप लेकर जमीन पर उतरने को तैयार है—जहां हर खेत में उम्मीद होगी और हर हाथ में काम।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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