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सीआईईटी (एनसीईआरटी) की राष्ट्रीय कार्यशाला में डॉ. विनोद ‘प्रसून’ ने संसाधक के रूप में की भागीदारी

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे। एनसीईआरटी नई दिल्ली की इकाई राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी) द्वारा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कौशल कार्यक्रम के तहत ई-सामग्री निर्माण एवं उसके प्रसारण के लिए राष्ट्रीय स्तर की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 5 से 7 सितंबर तक किया गया, जिसमें कवि एवं लेखक, सीबीएसई, संसाधक तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद सिंह चौहान (डॉ. विनोद ‘प्रसून’) ने संसाधक के रूप में की भागीदारी की।
ध्यातव्य है कि डॉ. विनोद ‘प्रसून’ सीआईईटी के पीएम-ई-विद्या चैनल के लाइव कार्यक्रम में पहले भी विषय विशेषज्ञ के रूप में बच्चों और शिक्षकों के लिए प्रतिभाग कर चुके हैं और आपने सीबीएसई के हिंदी संसाधक के रूप में सौ से अधिक वेबिनारों और कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया है तथा देश-विदेश में होने वाले हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आप हिंदी में अपने नवाचारी रोचक प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं।
डॉ. विनोद ‘प्रसून’ ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कौशल अभियान के तहत हिंदी, उर्दू तथा अंग्रेज़ी विषय का ई-कंटेंट तैयार करना था, जिससे बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कौशल का संपूर्ण देश में प्रचार-प्रसार हो। कार्यशाला में एफ़एलएन (बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान) कार्यक्रम के उद्देश्यों को आधार मानकर कविता, गीत, कहानी व रेडियो एकांकी विधाओं के माध्यम से ऑडियो कंटेंट का निर्माण किया गया। इस कार्यक्रम में रिकॉर्ड किए जाने वाले कार्यक्रमों को सीआईईटी (एनसीईआरटी) के विभिन्न चैनलों, दूरदर्शन आदि के माध्यम से विद्यालयों, आँगनबाड़ी केंद्रों व विद्यार्थियों तक पहुँचाया जाएगा। इन कार्यक्रमों को देखकर विद्यार्थी सहज रूप में बुनियादी साक्षरता से जुड़ी बातें और स्वच्छता, यातायात नियम, पर्यावरण, अच्छे व बुरे स्पर्शों की पहचान, मोबाइल की लत, सामाजिक शिष्टाचार आदि व्यावहारिक विषयों के बारे में सहज व रोचक ढंग से जान सकेंगे। कार्यशाला में हिंदी, उर्दू तथा अंग्रेजी विषय विशेषज्ञ शामिल हुए और सबने अपनी-अपनी स्क्रिप्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर रेडियो स्क्रिप्ट लिखते समय किन विशेष बातों का ध्यान रखा जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समापन समारोह में सीआईईटी के संयुक्त निदेशक प्रोफ़ेसर अमरेंद्र बोहरा ने सभी विषय विशेषज्ञों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सीआईईटी के डॉ. नीलकंठ कुमार, डॉ. रिज़वान, डॉ. अमित कुमार सहित हिंदी की गूँज के राष्ट्रीय संयोजक नरेंद्र सिंह ‘नीहार’ व सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार रजनीकांत शुक्ल आदि की उपस्थिति प्रेरणादायी रही।

Gaurav sharma
Raftar

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