Kisan Aandolan : ग्रेटर नोएडा के किसानों की हुंकार, 'पढ़ाई और दवाई' पर वादा पूरा करो, वरना होगा महाआंदोलन!, करप्शन फ्री इंडिया संगठन का विरोध, किसानों के साथ प्रशासन की बैठक, सस्ती जमीन, मगर वादाखिलाफी!

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को सस्ती दरों पर आवंटित किए गए भूखंडों में स्थानीय किसानों को शिक्षा और इलाज में छूट देने का वादा किया गया था। लेकिन, वर्षों बाद भी यह वादा अधूरा है। अब किसानों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है और चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सस्ती जमीन, मगर वादाखिलाफी!
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कई स्कूलों और अस्पतालों को सस्ते दामों पर जमीन दी थी, लेकिन इसके बदले में एक शर्त रखी गई थी। इस शर्त के अनुसार, स्थानीय किसानों के बच्चों को स्कूलों में 25% छूट मिलनी थी और अस्पतालों को सुबह 2 घंटे और शाम 2 घंटे तक मुफ्त ओपीडी सेवा देनी थी। इसके अलावा, गरीब किसानों और गांवों के जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का भी वादा किया गया था। लेकिन, हकीकत यह है कि ज्यादातर स्कूल और अस्पताल इस शर्त को नजरअंदाज कर रहे हैं।
करप्शन फ्री इंडिया संगठन का विरोध, किसानों के साथ प्रशासन की बैठक
इस वादाखिलाफी के खिलाफ ‘करप्शन फ्री इंडिया’ संगठन के नेतृत्व में विरोध शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और बलराज हूंण के नेतृत्व में किसानों और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी नवीन कुमार और संगठन के जिला अध्यक्ष चौधरी प्रेम प्रधान के बीच यह वार्ता हुई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों और अस्पतालों को प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमों का पालन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही इन संस्थानों को पत्र भेजकर उन्हें निर्देशों का पालन करने की चेतावनी दी जाएगी।
किसानों की चेतावनी: 15 दिन में हल नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन!
बैठक के बाद, चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा, “हमारे किसान अपने हक के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अगर 15 दिनों में हमारी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो हम बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। अब यह अन्याय और वादा खिलाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इस मौके पर चौधरी बलराज हूंण, चौधरी प्रेमराज भाटी, प्रेम प्रधान, कुलबीर भाटी, गौरव भाटी, यतेंद्र नागर, दुलीचंद नागर, पवन यादव, रणधीर सिंह नागर और विजय प्रताप सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
स्थानीय किसानों की मांगें:
- स्कूलों में 25% शुल्क छूट की व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।
- सभी अस्पतालों में सुबह 2 घंटे और शाम 2 घंटे मुफ्त ओपीडी सेवा शुरू हो।
- गरीब किसानों और जरूरतमंद ग्रामीणों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिले।
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण खुद इन शर्तों का पालन सुनिश्चित करे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा!
अब देखना यह है कि प्रशासन इन वादों को पूरा करने के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है। यदि 15 दिनों के भीतर समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। यह मुद्दा अब सिर्फ किसानों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों से जुड़ा हुआ है।
क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों से किया गया वादा निभाएगा या फिर एक और आंदोलन की चिंगारी भड़केगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।
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