फरीदाबाद2 घंटे पहले
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दिल्ली-हरियाणा में बिजली संकट को देखते हुए रेलवे अपनी पूरी क्षमता के साथ मालगाड़ियों के जरिए कोयला पहुंचाने में लगा है। एक सप्ताह में 3.81 लाख टन से अधिक कोयला पहुंचाया जा चुका है। खास बात ये है कि कोयला संकट से निपटने के लिए मालगाड़ियों को 32 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा रहा है।
औसतन ये मालगाड़ियां 25 से 28 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाती हैं। पैसेंजर ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए मालगाड़ियों को साइड में रोककर चलाया जाता है। लेकिन अब पैसेंजर ट्रेनों के साथ साथ मालगाड़ियों को भी बगैर रोके चलाया जा रहा है। 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक रेलवे कोयला से लदी 100 मालगाड़ियों को दिल्ली व हरियाणा भेज चुका है। मालगाड़ियों का परिचालन बाधित न हो, इसके लिए लोको पायलट व गार्डों से हालात सामान्य न होने तक अवकाश पर न जाने की सलाह दी गई है।
एक मालगाड़ी में 3828 टन कोयला आ रहा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से रेलवे के जरिए कोयला दिल्ली हरियाणा पहुंचाया जा रहा है। एक मालगाड़ी में कुल 3828 टन कोयला लोड कर लाया जा रहा है। एक सप्ताह में फरीदाबाद-पलवल सेक्शन से कुल 100 मालगाड़ियां दिल्ली हरियाणा भेजी जा चुकी हैं। यनि कुल 381896 टन कोयला पहुंचाया जा चुका है।
पांच मिनट के अंदर चलाई जा रही गाड़ियां
रेलवे सूत्रों ने बताया कि दिल्ली डिवीजन समेत अन्य डिवीजन से होकर आने वाली मालगाड़ियों के लोको पायलट व गार्ड को संबंधित स्टेशन पर ड्यूटी खत्म करने के बाद दूसरे स्टाफ को पांच मिनट के अंदर चेंज कर ट्रेनों को चलाया जा रहा है। इसके लिए जीएम स्तर पर मॉनिटरिंग हो रही है। गाड़ी को आगे ले जाने वाले लोको पायलट व गार्ड को पहले ही स्टेशन पर बुलाकर तैयार रखा जा रहा है। जैसे यदि कोई लोको पायलट व गार्ड मुगलसराय से चला और उसे इलाहाबाद तक आना है तो वहां पहले ही स्टाफ तैयार खड़ा रहेेगा।
नियंत्रण कक्षों में चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग
रेलवे सूत्रों ने बताया कि सभी डिवीजनों में नियंत्रण कक्षों से मालगाड़ियों के समयपालना की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। महाप्रबंधक व मंडल रेल प्रबंधक स्तर के अधिकारी भी इस काम में लगे हैं। रेलवे सूत्रों ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे को पूर्व मध्य रेलवे, पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, पूर्व तटीय रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से लोडेड कोल रैक प्राप्त होता है। इसके बाद उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे में स्थित यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के बिजली संयंत्रों को आपूर्ति की जा रही है। टूंडला, प्रयागराज, झांसी और आगरा में नियंत्रण कक्षों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारी कोयला रैक के परिवहन की निगरानी कर रहे हैं।
रिपोर्ट: भोला पांडेय