Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा में 1000 करोड़ की जमीन से हटाया गया अतिक्रमण, तालड़ा गांव में वर्क सर्कल-8 का बड़ा अभियान, पुलिस-प्राधिकरण की संयुक्त कार्रवाई, 50 हजार वर्ग मीटर जमीन लगभग 1000 करोड़ का मूल्य की जमीन कराई गई मुक्त

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे — ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सोमवार को एक बड़ी और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए वर्क सर्कल-8 के अंतर्गत आने वाले गांव तालड़ा में लगभग 50 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस जमीन की कीमत बाजार भाव के अनुसार करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है।
योजनाबद्ध तरीके से चला अभियान
अभियान की शुरुआत सुबह ही की गई, जिसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही।
- यह जमीन प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है।
- लंबे समय से इस पर अतिक्रमण कर निर्माण और कब्जा कर लिया गया था।
- कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस दिया गया था, ताकि वे खुद अवैध कब्जा हटा लें।
अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस अभियान का नेतृत्व OSD (प्राधिकरण) एस.आर. रामनयन सिंह ने किया। उनके साथ:
- GM SR – ए.के. सिंह
- वरिष्ठ प्रबंधक – नागेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह, रतिक, प्रभात शंकर
- प्रबंधक – राकेश बाबू, स्वतंत्र वर्मा, मिथलेश कुमार, बृजेन्द्र कुशवाह
- सहायक प्रबंधक – डी.पी. श्रीवास्तव, रामकिशन
- वर्क सर्कल के तकनीकी और फील्ड सुपरवाइज़र
इन सभी ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा किया।
पुलिस की अहम भूमिका
स्थानीय पुलिस टीम ने—
- मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
- किसी भी तरह के विवाद या विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला।
- अतिक्रमण हटाने के दौरान लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया, जिससे अभियान बिना किसी रुकावट के चल सका।
50 हजार वर्ग मीटर जमीन – 100 करोड़ का मूल्य
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि:
- जमीन का कुल क्षेत्रफल लगभग 50,000 वर्ग मीटर है।
- मौजूदा बाजार दर से इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है।
- इस जमीन का उपयोग भविष्य में सार्वजनिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में किया जा सकता है।
क्यों जरूरी थी कार्रवाई?
तालड़ा गांव में यह जमीन प्राधिकरण की अधिसूचित एरिया में शामिल है।
- लंबे समय से यहां अतिक्रमण कर अस्थायी और स्थायी निर्माण कर दिए गए थे।
- इससे प्राधिकरण की विकास योजनाएं प्रभावित हो रही थीं।
- अतिक्रमण हटने से अब इस क्षेत्र में सड़क, पार्क, औद्योगिक इकाइयां या आवासीय योजनाएं शुरू की जा सकेंगी।

भविष्य की योजना
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार—
- खाली कराई गई जमीन को विकास परियोजनाओं में शामिल किया जाएगा।
- इसमें संभवतः औद्योगिक कॉम्प्लेक्स, हाउसिंग प्रोजेक्ट या ग्रीन बेल्ट बनाई जा सकती है।
- इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का बयान
OSD एस.आर. रामनयन सिंह ने कहा—
“ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारी प्राथमिकता अधिसूचित क्षेत्र की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और उसे विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल करना है।”
GM ए.के. सिंह ने बताया—
“यह अभियान पूरी योजना के साथ चलाया गया। स्थानीय पुलिस का सहयोग सराहनीय रहा। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।”
अतिक्रमण हटाने का असर
- विकास की रफ्तार: जमीन खाली होने से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी।
- सार्वजनिक हित: खाली भूमि पर पार्क, सड़क और सामुदायिक केंद्र बनाए जा सकेंगे।
- अवैध निर्माण पर रोक: इस तरह की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में डर और नियमों के पालन की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
आगे की कार्यवाही
प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि:
- जल्द ही अन्य गांवों और क्षेत्रों में भी ऐसे अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाएंगे।
- नोटिस देकर लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाएगा, अन्यथा प्राधिकरण अपनी मशीनरी से हटाएगा।
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