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Jewar Kisan Aandolan News : यमुना प्राधिकरण पर भड़के किसान, तिरथली गांव की महापंचायत में जताई नाराज़गी, 31 गांवों के किसानों ने लगाए गंभीर आरोप, 20 जून तक नहीं मानी गई मांगे तो रोक देंगे निर्माण कार्य


जेवर, रफ्तार टुडे।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों में प्राधिकरण की नीतियों को लेकर भारी असंतोष है। रविवार को जेवर के सेक्टर 29 स्थित तिरथली गांव में किसान कल्याण परिषद के नेतृत्व में एक विशाल महापंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें 31 गांवों के किसानों ने भाग लिया और अपनी उपेक्षा व समस्याओं को लेकर प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार नाराज़गी जाहिर की।


“विकास की कीमत पर किसानों की अनदेखी”

महापंचायत के मुख्य वक्ता और किसान कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर त्यागी ने मंच से कहा,

“प्राधिकरण विकास के नाम पर किसानों की बेशकीमती जमीनों को औने-पौने दामों में ले रहा है, और बदले में न तो उचित मुआवजा दे रहा है और न ही पुनर्वास की व्यवस्था कर रहा है।”

उन्होंने कहा कि किसानों को शिक्षा, बिजली, पानी, रोजगार और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।


7% आबादी भूखंड और नौकरी का वादा अधूरा

परिषद के महामंत्री सुशील शर्मा ने प्राधिकरण की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा:

“भूमि अधिग्रहण के समय प्राधिकरण ने 7% आबादी भूखंड देने का वादा किया था, लेकिन आज तक हजारों किसान उस वादे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। न तो किसी को नौकरी दी गई और न ही पुराने बसे गांवों की समस्याओं का कोई समाधान हुआ है।”


भूमिहीनों के लिए सौ-सौ गज प्लॉट की मांग

किसान नेता रिंकू भाटी ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा:

“गांवों की नाली, चकरोड, चारागाह और खेल मैदान की जमीन प्राधिकरण ने मुफ्त में अधिग्रहित कर ली है। इसके बदले गरीब मजदूरों और भूमिहीनों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट निशुल्क दिए जाने चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस जमीन पर अब व्यावसायिक निर्माण और प्रोजेक्ट खड़े किए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा है।


एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं की मांग

किसान नेता उदयवीर सिंह ने कहा:

“जिस प्रकार से जेवर एयरपोर्ट के लिए विस्थापित लोगों को बेहतर प्लानिंग के तहत आबादी भूखंड और पुनर्वास मिल रहा है, उसी तरह अन्य प्राधिकरण क्षेत्रों में भी विस्थापित किसानों को वैसी ही सुविधा दी जानी चाहिए।”


लेखपालों और अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप

महापंचायत में कई वक्ताओं ने लेखपालों और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि समस्याओं को लेकर बार-बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई सार्थक समाधान नहीं हुआ।

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यमुना प्राधिकरण पर भड़के किसान, तिरथली गांव की महापंचायत में जताई नाराज़गी

20 जून को आंदोलन की चेतावनी

पंचायत में पारित प्रस्ताव में किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि:

“अगर 20 जून 2025 तक प्राधिकरण ने हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो हम क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को रोक देंगे। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू किया जाएगा।”


किसान कल्याण परिषद ने बनाई मांगों की सूची

महापंचायत में किसान कल्याण परिषद की ओर से प्रमुख मांगें निम्नलिखित रूप में प्रस्तुत की गईं:

  1. 7% आबादी भूखंड का तत्काल आवंटन
  2. हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी
  3. भूमिहीनों को मुफ्त प्लॉट
  4. गांवों की मूलभूत सुविधाओं का पुनः निर्माण
  5. अधिग्रहण के दौरान छूटी हुई जमीनों का मुआवजा
  6. गांवों की चारागाह व चकरोड भूमि पर कब्जा न किया जाए
  7. किसान प्रतिनिधियों से नियमित वार्ता के लिए प्राधिकरण में स्थायी संवाद समिति की स्थापना

गांव-गांव जाकर चलाया जाएगा जनजागरण अभियान

किसान कल्याण परिषद के सदस्यों ने घोषणा की कि वे अगले कुछ हफ्तों में प्राधिकरण क्षेत्र के सभी गांवों में जनजागरण अभियान चलाएंगे और किसानों को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए एकजुट करेंगे।


प्राधिकरण की चुप्पी पर सवाल

महापंचायत में यह भी सवाल उठे कि जब किसान पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं, तो यमुना प्राधिकरण प्रशासन चुप क्यों है?

“क्या विकास केवल बिल्डरों और कंपनियों के लिए है? किसानों के बिना तो ये जमीन ही नहीं होती,” एक बुजुर्ग किसान ने भावुक स्वर में कहा।


राजनीतिक समर्थन भी दिखा

हालांकि महापंचायत को गैर-राजनीतिक मंच बताया गया, लेकिन कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूर्व प्रधान और क्षेत्रीय पंचायत सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने खुलकर किसानों की मांगों का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि वे जिला प्रशासन तक किसानों की बात पहुंचाएंगे।

इस मौके पर सुधीर त्यागी, सुशील शर्मा, भोलु शर्मा, विष्णु शर्मा, मोहाजम खान, शीड प्रधान, रिंकू भाटी, मनोज भाटी
उदयवीर सिंह, लखराज, देवदत्त, विष्णु, धर्मिंद्रा शर्मा, गिरराज शर्मा, केशान शर्मा सहित सेकेंडों किसान मौजूद थे।


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