Galgotia University News : वैश्विक रैंकिंग और नवाचार में गलगोटिया विश्वविद्यालय की उड़ान, मुख्यमंत्री योगी ने की खुलकर सराहना, जी-स्केल लर्निंग मॉडल की प्रशंसा, सीईओ डॉ ध्रुव गलगोटिया ने जताया आभार

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष संवाद के दौरान क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स और टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) रैंकिंग्स में विश्वविद्यालय के प्रभावशाली प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक अग्रणी उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गलगोटिया विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर प्रदेश की सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बातचीत के दौरान शिक्षा में उत्कृष्टता, नवाचार आधारित शिक्षण और वैश्विक सहयोग की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज शिक्षा, आधारभूत ढांचे और वैश्विक सहभागिता के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य का विकास मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है। इस क्रम में उन्होंने विश्वस्तरीय अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों की सराहना की और आने वाले वर्षों में वैश्विक रैंकिंग में और बेहतर प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय को प्रोत्साहित किया।
जी-स्केल लर्निंग मॉडल की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने गलगोटिया विश्वविद्यालय की छात्र-केंद्रित शिक्षा दर्शन—जी-स्केल (गलगोटियास स्टूडेंट-सेंटर्ड एक्टिव लर्निंग इकोसिस्टम)—की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल इमर्सिव, पर्सनलाइज़्ड और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग को बढ़ावा देता है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार होते हैं। विश्वविद्यालय का यह लर्निंग फ्रेमवर्क सिंगापुर की Nanyang Technological University के INSPIRE मॉडल से प्रेरित है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है।
एआई, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर शिक्षा एवं शोध तथा ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में गलगोटिया विश्वविद्यालय की पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भविष्य उन्मुख शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अगली पीढ़ी की इंडस्ट्री के लिए तैयार करने के साथ-साथ भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
ग्रेटर नोएडा का वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर बना ताकत
मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे वैश्विक स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर की भी चर्चा की, जिसमें आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अहम बताया। उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी, वैश्विक फैकल्टी सहभागिता और छात्र मोबिलिटी को नई गति मिलेगी। गलगोटिया विश्वविद्यालय का बढ़ता वैश्विक फैकल्टी नेटवर्क, विज़िटिंग प्रोफेसर्स और अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग इसके अंतरराष्ट्रीय अकादमिक कद को और मजबूत कर रहे हैं।
सीईओ डॉ ध्रुव गलगोटिया ने जताया आभार
इस अवसर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्साहवर्धक शब्द विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि क्यूएस और टीएचई रैंकिंग्स में मिली सफलता, जी-स्केल लर्निंग इकोसिस्टम, तथा एआई, सेमीकंडक्टर और ड्रोन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में की जा रही पहलें विश्वविद्यालय को वास्तविक रूप से भविष्य उन्मुख अकादमिक संस्थान बना रही हैं। उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए एक वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में योगदान देना है।
भविष्य के लिए तैयार संस्थान
यह उपलब्धि गलगोटिया विश्वविद्यालय के नवाचार, शोध और उद्योगोन्मुख वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने के मिशन को और सशक्त करती है। अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, वैश्विक फैकल्टी सहभागिता और भविष्य केंद्रित शैक्षणिक पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालय निरंतर छात्रों को तेजी से बदलती वैश्विक दुनिया के लिए तैयार कर रहा है। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि गलगोटिया विश्वविद्यालय को भारत के सबसे प्रगतिशील और भविष्य के लिए तैयार उच्च शिक्षण संस्थानों की अग्रणी पंक्ति में स्थापित करती है।



