DM GB Nagar News : “सुरक्षा चक्र में बंधेगा गौतमबुद्धनगर”: 1 अगस्त को राष्ट्रीय मॉकड्रिल, डीएम ने की तैयारियों की गहन समीक्षा– भूकंप और औद्योगिक आपदाओं से निपटने को लेकर हर विभाग अलर्ट मोड पर, 5 प्रमुख स्थलों पर एक साथ चलेगा ‘एक्सरसाइज सुरक्षा चक्र’

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टुडे।
गौतमबुद्धनगर जनपद आगामी 1 अगस्त 2025 को एक राष्ट्रीय स्तर की आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल का गवाह बनने जा रहा है, जिसका नाम है “एक्सरसाइज सुरक्षा चक्र”। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य भूकंप और औद्योगिक आपदाओं जैसे संकटों से निपटने की तैयारियों को परखना और सभी विभागों के बीच समन्वय को मज़बूत करना है।
इस सिलसिले में नवनियुक्त जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कलैक्ट्रेट कार्यालय में एक अहम बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और तैयारी की समीक्षा की गई।
01 अगस्त को सुबह 9 बजे से एकसाथ शुरू होगी मॉकड्रिल
इस बहुप्रतीक्षित मॉकड्रिल का संचालन सुबह 9:00 बजे से किया जाएगा, जो जिले के पाँच प्रमुख स्थलों पर एक साथ चलेगी। इन स्थानों पर आपदा की अलग-अलग परिस्थितियों को दर्शाया जाएगा ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की वास्तविक समय में जांच हो सके।
मॉकड्रिल के चिन्हित प्रमुख स्थल:
- सावित्रीबाई फुले बालिका इंटर कॉलेज, ग्रेटर नोएडा
- डब्ल्यूएचओ टाउनशिप, गुरजिंदर विहार
- एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्रा. लि.
- आयुर्विज्ञान संस्थान जिम्स
- विकास भवन, सूरजपुर
इन स्थलों पर विविध प्रकार की आपदा परिस्थितियों को प्रदर्शित कर त्वरित राहत और बचाव अभियानों की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
सहायक केंद्रों की विस्तृत व्यवस्था:
| केंद्र | उद्देश्य |
|---|---|
| गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय | स्टेजिंग एरिया एवं रेस्पांडर कैंप |
| डीईओसी, कलेक्ट्रेट | कम्युनिकेशन सेंटर |
| जिलाधिकारी कार्यालय | इंसीडेंट कमांड पोस्ट |
| शारदा हॉस्पिटल | मेडिकल कैंप |
| मलकपुर स्टेडियम | राहत कैंप |
डीएम का संदेश: तैयारियों में कोई चूक न हो
डीएम मेधा रूपम ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे समय से पहले सभी स्थलों पर संसाधनों की उपलब्धता, जनशक्ति की तैनाती, एंबुलेंस व्यवस्था, रूट मैपिंग, संचार साधनों और बचाव उपकरणों की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करें।

कई महत्वपूर्ण विभाग हुए एक्टिव मोड में:
इस मॉकड्रिल में निम्नलिखित विभागों की सक्रिय भागीदारी होगी:
- पुलिस विभाग
- नगर पालिका / नगर निगम
- एनडीआरएफ
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
- पूर्ति विभाग
- नागरिक सुरक्षा संगठन
- यातायात विभाग
- एनसीसी
- विद्युत विभाग
- जल निगम
- अग्निशमन विभाग
- परिवहन विभाग
- होमगार्ड व स्वयंसेवी संस्थाएं
5 इंसीडेंट कमांडर तैनात, हर लोकेशन पर मॉनिटरिंग
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार ने बताया कि सभी स्थानों पर पांच इंसीडेंट कमांडर नियुक्त कर दिए गए हैं, जो मॉकड्रिल के दौरान स्थिति की निगरानी और समन्वय बनाए रखेंगे।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, पीएसी 49वीं बटालियन के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
मॉकड्रिल के उद्देश्य:
- आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की जांच
- विभागों के बीच आपसी समन्वय और सूचना साझाकरण की क्षमता को परखना
- स्थानीय प्रशासन की आपदा प्रबंधन योजनाओं की व्यावहारिकता का मूल्यांकन
- जनसमुदाय में आपदा के प्रति जागरूकता और तैयारियों को बढ़ाना
क्यों है मॉकड्रिल ज़रूरी?
गौतमबुद्धनगर एक तेजी से औद्योगीकृत और शहरीकृत क्षेत्र है, जहां कभी भी भूकंप या औद्योगिक रिसाव जैसी आपदाएं आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में संगठनों की तैयारियां, रेस्क्यू टाइम, मेडिकल सुविधा, यातायात नियंत्रण और संचार प्रणाली का मजबूत और तालमेलभरा संचालन ही जान बचा सकता है।
डीएम मेधा रूपम का स्पष्ट संदेश:
“यह मॉकड्रिल किसी औपचारिकता की तरह नहीं, बल्कि एक यथार्थ आधारित अभ्यास होगी। यह जनपद की आपदा प्रबंधन क्षमता को परखने और उसे और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम है। भविष्य में संभावित आपदाओं से निपटने में यह अभ्यास हमारी सबसे बड़ी तैयारी सिद्ध होगा।”
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