शिक्षाग्रेटर नोएडा

Sharda University NEP 2020 News : शारदा विश्वविद्यालय में “एनईपी 2020, विकसित भारत @ 2047” सेमिनार का समापन, नई अंतर्दृष्टियों से शिक्षा नीति को मिली दिशा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन ने “एनईपी 2020: विकसित भारत @ 2047 की ओर रोडमैप – चुनौतियां और अवसर” विषय पर दो दिवसीय आईसीएसएसआर सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह सेमिनार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण को लेकर आयोजित हुआ।

प्रमुख वक्ता और विषय चर्चा

समापन समारोह में केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब के कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने एनईपी 2020 की सिफारिशों को शिक्षा के बदलाव का आधार बताया और इसे भारत के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल कहा।

सेमिनार में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और छात्रों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में एनईपी 2020 के क्रियान्वयन में संभावनाएं और चुनौतियां, शिक्षा में प्रौद्योगिकी का समावेश, लचीले पाठ्यक्रम मॉडल, और आलोचनात्मक सोच के विकास पर चर्चा हुई।


एनईपी 2020 की प्राथमिकताओं पर जोर

सेमिनार में प्रस्तुत विचारों और शोध पत्रों में इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:

  1. लचीला और अनुभवात्मक पाठ्यक्रम: छात्रों के समग्र विकास और नवाचार को बढ़ावा देना।
  2. प्रौद्योगिकी का उपयोग: शिक्षा में डिजिटल उपकरणों के माध्यम से समान अवसर प्रदान करना।
  3. कौशल विकास: रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देना।
  4. क्षेत्रीय भाषाओं का समावेश: शिक्षा में भाषाई विविधता को बढ़ावा देना।

चुनौतियों पर चर्चा और समाधान

पैनल चर्चाओं में एनईपी 2020 के क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों जैसे:

शिक्षा में डिजिटल विभाजन,

बुनियादी ढांचे की कमी,

और शिक्षक प्रशिक्षण पर विचार किया गया।

वक्ताओं ने इन चुनौतियों को हल करने के लिए सरकारी सहयोग, प्राइवेट-सरकारी साझेदारी, और अनुभवात्मक शिक्षा को अहम बताया।

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शोध पत्र प्रस्तुतियां

कई शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन और विचार प्रस्तुत किए, जिनमें कौशल विकास और पाठ्यक्रम पुनर्गठन पर जोर दिया गया। शोध में बताया गया कि कैसे एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से भारत शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।


आयोजन समिति का योगदान

सेमिनार की सफलता में डॉ. सरिता वर्मा, डॉ. रिंकल शर्मा, डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, डॉ. दिशा महेश्वरी, डॉ. कृतिका गोसाईं, और अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासनिक टीम, जिसमें सुश्री मनीषा बंसल, सुश्री नेहा गोयल, और श्री दीपक कुमार शामिल थे, ने भी सराहनीय योगदान दिया।

समापन समारोह के दौरान प्रोफेसर-इन-चार्ज डॉ. सरिता वर्मा ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।


2047 का दृष्टिकोण: विकसित भारत

यह सेमिनार शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली में सुधार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रेरणा देता है। इसने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में नई अंतर्दृष्टि और स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया।


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