नई दिल्ली9 घंटे पहले
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ठगी का शिकार हो चुके लोगों से फ्रॉड करने वाले एक गैंग का खुलासा हुआ है। इस मामले में दो महिला समेत बारह लोगों को अरेस्ट किया गया है। इन्होंने कई फर्जी वेबसाइटें बना रखी थी। पीड़ित लोग जब इन वेबसाइटों पर शिकायत दर्ज कराते तो उनसे फीस के तौर पर रकम मांगी जाती थी। एक साल में गैंग 1.7 करोड़ रुपए लोगों से ठग चुका है। आरोपियों की पहचान नोएडा निवासी पी सिंह, एस पांडे, ओबी श्रीवास्तव, रीना, सुमन, पीड़ी कुमार, ए कुमार, कालकाजी निवासी ऐ शर्मा, सीलमपुर निवासी एम वसीम, के सिंह, ए अली और एम नदीम के तौर पर हुई।
साइबर सेल डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया एक पीड़ित ने बताया था वह अपने साथ ठगी की शिकायत लेकर www.jansurakshakendra.gov.in पर एफआईआर दर्ज करा रहा था। इस दौरान वेबसाइट पर मौजूद नंबर से उसके पास कॉल आई। फ़ोन करने वाले ने बताया वे भारत सरकार के साथ मिलकर साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए काम कर रहे हैं। आपकी शिकायत पर केस दर्ज किया जा रहा है। कंप्लेंट दर्ज करने के नाम पर उनसे 2850 रुपए लिए गए। इसके बाद उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
7 लैपटॉप, 25 फाेन, एक कार व 52 हजार नकद बरामद
पुलिस जांच में पता चला एक गैंग लोगों की मदद के नाम पर ठगी कर रहा है। आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बता लोगों को धोखा दे रहे हैं। पुलिस ने टेक्निकल डाटा और पेमेंट गेट-वे से जानकारी जुटाई गई। जिससे पता चला बड़ी संख्या में ऐसे लोग ठगे गए हैं। 7 अन्य पीड़ित भी साइबर सेल में शिकायत करने आए। पुलिस टीम ने मामले की छानबीन के दौरान 2 महिलाओं सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 7 लैपटॉप, 25 मोबाइल, एक मारुति कार और 52 हजार रुपए नकद बरामद हुए।