Holy Child Academy News : “मां के कदमों में जन्नत”… दादरी के होली चाइल्ड एकेडमी में मदर्स डे बना भावनाओं का महासागर, बच्चों की प्रस्तुतियों ने नम कर दीं आंखें, गीत, संगीत, नृत्य और संस्कारों के रंग में डूबा मदर्स डे समारोह, बच्चों ने कहा—“मां है तो दुनिया है”, “मां इस सृष्टि की सबसे बड़ी शक्ति”—डायरेक्टर एन.के. शर्मा
“मां का महत्व तब समझ आता है, जब मां पास नहीं होती”—एस.के. सिंह, बैंड टीम ने कार्यक्रम में भरा जोश और उत्साह

दादरी, रफ़्तार टूडे। दादरी के रेलवे रोड स्थित होली चाइल्ड एकेडमी में आयोजित मदर्स डे सेलिब्रेशन इस बार सिर्फ एक स्कूल कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि वह भावनाओं, संस्कारों और मां के प्रति सम्मान का ऐसा उत्सव बन गया, जिसने मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू लिया। विद्यालय परिसर तालियों, मुस्कुराहटों और भावुक पलों से गूंज उठा, जब बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से मां के प्रति प्रेम, समर्पण और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ऐसा माहौल बना कि कई अभिभावकों की आंखें भी नम हो गईं।
विद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजित इस विशेष समारोह में बच्चों ने गीत, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए मां के त्याग, प्रेम और संघर्ष को मंच पर जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मां के महत्व को महसूस करते हुए भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव किया।
“मां इस सृष्टि की सबसे बड़ी शक्ति”—डायरेक्टर एन.के. शर्मा
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय के डायरेक्टर एन.के. शर्मा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि—“मां इस सृष्टि की सृजनकर्ता है। एक मां अपने बच्चे की खुशी के लिए हर दुख सह लेती है, लेकिन अपने बच्चे तक दुख की आंच नहीं आने देती। मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी ताकत होती है।”
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में लोग अक्सर अपने माता-पिता को समय देना भूल जाते हैं, जबकि मां के आशीर्वाद से ही जीवन में सफलता और सुख प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी मां का सम्मान करें और हमेशा उनकी भावनाओं का आदर करें।
“मां का महत्व तब समझ आता है, जब मां पास नहीं होती”—एस.के. सिंह
विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य एस.के. सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेहद भावुक शब्दों में मां के महत्व को बताया। उन्होंने कहा—“मां का असली एहसास तब होता है, जब मां हमारे साथ नहीं होती। इसलिए हर बच्चे को चाहिए कि वह अपनी मां को पूरा सम्मान दे और उनकी हर आज्ञा का पालन करे।”
उनकी बातों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा।
प्रधानाचार्य डॉ. आर.पी. शर्मा बोले—“मां ही देती है जीवन के पहले संस्कार”
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आर.पी. शर्मा ने कहा कि दुनिया की हर मां पूजनीय है, क्योंकि वही बच्चे को जीवन के शुरुआती संस्कार देती है और उसे हर कठिनाई से बचाने की कोशिश करती है।
उन्होंने कहा कि—“एक शिक्षक जीवन में बाद में आता है, लेकिन पहला गुरु हमेशा मां होती है। मां के संस्कार ही बच्चे का भविष्य तय करते हैं।” उन्होंने बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा करने और हमेशा उनका सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
बच्चों की प्रस्तुति ने बांधा समां, मां को समर्पित गीतों से भावुक हुआ माहौल
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। गायन टीम ने बैंड के साथ मिलकर मां को समर्पित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें सुनकर पूरा सभागार भावुक हो उठा। बच्चों की मासूम आवाज और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने हर किसी का दिल जीत लिया।
इसके साथ ही रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। विद्यार्थियों ने मां के त्याग, ममता और संघर्ष को खूबसूरत तरीके से मंच पर प्रस्तुत किया।
मुख्य प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों में—मनस्वी चौहान, यशिका भारती, अनुष्का गौतम, जिज्ञासा कसाना, परिधि गुजेला, माहिन, इंसा सैफी, सोनाक्षी, यशिका बत्रा, अक्षा मालिक ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से खूब तालियां बटोरीं।
बैंड टीम ने कार्यक्रम में भरा जोश और उत्साह
विद्यालय की बैंड टीम ने भी पूरे समारोह में अलग ही ऊर्जा भर दी। गगन, विहान, रुद्र, तानिया, प्रणव, एमान, कुशाल, दीपांशु, दिव्यांश और हर्षिका ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम में समां बांध दिया। बच्चों की तालमेल और संगीत प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बच्चों ने लिया मां का सम्मान करने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने अपनी मां का सम्मान करने, उनकी बात मानने और जीवनभर उनका आदर करने का संकल्प लिया। इस दौरान कई बच्चे अपनी मां के गले लगकर भावुक भी हो गए। पूरा वातावरण प्रेम, सम्मान और अपनत्व से भर गया।
संस्कारों से जुड़ा ऐसा आयोजन बना यादगार
दादरी के होली चाइल्ड एकेडमी में आयोजित यह मदर्स डे समारोह केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बच्चों के मन में परिवार, संस्कार और मां के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को भी उतना ही महत्व देना जरूरी है।
शिक्षिकाओं ने भी साझा किए अपने विचार
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी अध्यापिका श्रीमती विनीता सिंह ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक स्वरूप दिया।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं—हेमलता सिसोदिया, संध्या शर्मा, रेखा रानी, अंजू शर्मा, पूजा गर्ग
रेनू कुलश्रेष्ठ, गीता शर्मा, निशा शर्मा, रजनी सिंह, प्रवीण भाटिया, नेहा उपाध्याय तथा शिक्षक अशोक कुमार ने भी मां के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।



