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Noida Update : 28 अगस्त को नोएडा में ट्विन टावर को गिराने का काउंटडाउन शुरू, ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी, परिंदा भी पर नही मार पाएगा, हाईवे समेत पूरा नोएडा होगा बंद

नोएडा, रफ्तार टुडे। सेंट्रल जोन के डीसीपी राजेश एस ने सुरक्षा व्यवस्था का घेरा बनाए जाने की तैयारी का मंगलवार को मौके पर जाकर निरीक्षण किया। डीसीपी यातायात गणेश साहा ने भी यातायात से संबंधित स्थिति देखी। प्राधिकरण अधिकार ट्विन टावर के तलों (फ्लोर) पर विस्फोटक के साथ वायरिंग करने का काम मंगलवार से शुरू हो गया। यह काम बुधवार शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। गुरुवार को दोनों टावर की फाइनल जांच होगी। दूसरी ओर, नोएडा प्राधिकरण ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जो पूरे काम पर नजर रखेगी।

टावर ध्वस्तीकरण से पहले मजबूती और बचाव के काम की निगरानी कर उनको पूरा कराएगी। इस टीम ने मंगलवार को मौके पर जाकर काम की स्थिति भी देखी। गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण की सीईओ भी काम का जायजा लेने जाएंगी और एमरॉल्ड कोर्ट के क्लब में प्राधिकरण के संबंधित विभागों के साथ बैठक करेंगी।

नोएडा प्राधिकरण की ओर से बनाई गई कमेटी में वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक मुकेश वैश्य, टीएसी के वरिष्ठ प्रबंधक प्रवीण सलोलिया और जल खंड तीन के वरिष्ठ प्रबंधक ए.के वरुण शामिल हैं। सीएपी इश्तियाक अहमद पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को मौके पर जाकर काम का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने ट्विन टावर में हो रहे काम की स्थिति देखी। इसके बाद सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट सोसाइटी के बेसमेंट में चल रही पिलर की मरम्मत का काम देखा। यहां पर 51 में से 37 पिलर की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। बचा काम बुधवार या गुरुवार शाम तक पूरा हो जाएगा।

प्राधिकरण टीम ने मरम्मत के काम की मजबूती और गेल की गैस पाइप लाइन सुरक्षित रखने के लिए की गई व्यवस्था को भी देखा। बताया गया कि गैस पाइप लाइन को शेड कुशन से कवर किया गया है। एडीफाइस एजेंसी ने दावा किया कि ध्वस्तीकरण का इस पर कोई असर नहीं होगा। इसके बाद टीम ने एक्सक्लूजन जोन का निरीक्षण किया। वे स्थान भी देखे, जहां बैरिकेडिंग कर सड़कों को बंद किया जाएगा। सीईओ ने टीम को निर्देश दिए गए हैं कि टावर के ध्वस्तीकरण में आ रहे काम पर नजर रखें। अगर कोई रुकावट आती है तो बिल्डर, एडीफाइस एजेंसी, एमरॉल्ड कोर्ट और एटीएज विलेज सोसाइटी की आरडब्ल्यूए के अलावा संबंधित विभागों से समन्वय कर उसे दूर करें।

सेंट्रल जोन के डीसीपी राजेश एस ने सुरक्षा व्यवस्था का घेरा बनाए जाने की तैयारी का मंगलवार को मौके पर जाकर निरीक्षण किया। डीसीपी यातायात गणेश साहा ने भी यातायात से संबंधित स्थिति देखी। प्राधिकरण अधिकारियों और एजेंसी की तरफ से बताया गया कि एक्सप्रेसवे के साथ बनाए गए एक्सक्लूजन जोन में जितनी भी सड़के हैं, उनको बंद किया जाना जरूरी होगा। एजेंसी की डिमांड के बाद डायवर्जन की तैयारी ट्रैफिक पुलिस ने शुरू कर दी है।

Raftar Today
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