NIET College News : डिग्री नहीं, सपनों की उड़ान का महाकुंभ!, एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के दीक्षांत समारोह-2026 में 1707 विद्यार्थियों ने थामी सफलता की मशाल, परिवारों की आंखों में दिखा गर्व और भविष्य के भारत की नई तस्वीर, ज्ञान, गौरव और उपलब्धियों के उत्सव में बदला एनआईईटी परिसर, हजारों सपनों को मिली नई पहचान
एकेटीयू के कुलपति प्रो. जयप्रकाश पांडे ने दी सफलता का मंत्र, डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने दिया आशीर्वाद, कहा- ईमानदारी और अनुशासन ही सबसे बड़ी पूंजी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जब वर्षों की मेहनत, संघर्ष, अनुशासन और सपने एक मंच पर सम्मान के साथ खड़े दिखाई दें, तो वह सिर्फ एक समारोह नहीं बल्कि भविष्य के निर्माण का उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी), ग्रेटर नोएडा में, जहां 13 जून 2026 को आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह-2026 ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अविस्मरणीय क्षणों की सौगात दी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से उपाधियां प्रदान की गईं। पूरा परिसर उपलब्धियों, उत्साह और गर्व के माहौल से सराबोर दिखाई दिया। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त किया।
1707 विद्यार्थियों ने पहनी सफलता की डिग्री, 790 से अधिक परिवार बने खुशी के साक्षी
एनआईईटी के इस भव्य दीक्षांत समारोह में कुल 1707 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 1265 अंडरग्रेजुएट और 442 पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी शामिल रहे। इस समारोह में 790 से अधिक विद्यार्थी अपने माता-पिता और परिवारजनों के साथ उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी भावनात्मक पल लेकर आया। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए वर्षों तक संघर्ष किया, उनकी आंखों में इस अवसर पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
एकेटीयू के कुलपति प्रो. जयप्रकाश पांडे ने दी सफलता का मंत्र
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ के कुलपति प्रो. (डॉ.) जयप्रकाश पांडे उपस्थित रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। अब विद्यार्थियों के सामने अवसरों और चुनौतियों से भरी दुनिया है, जहां उन्हें उत्कृष्टता, नैतिकता और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और देश को ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं से बड़ी उम्मीदें हैं, जो नवाचार और तकनीक के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने दिया आशीर्वाद, कहा- ईमानदारी और अनुशासन ही सबसे बड़ी पूंजी
एनआईईटी की चेयरपर्सन डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों, अनुशासन और कठिन परिश्रम का भी प्रतीक है जिसने विद्यार्थियों को इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जीवन में सफलता के साथ-साथ ईमानदारी, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी प्राथमिकता दें।
सीखना कभी खत्म नहीं होता : ओ.पी. अग्रवाल
एनआईईटी के प्रबंध निदेशक ओ.पी. अग्रवाल ने कहा कि डिग्री प्राप्त करना सफलता का अंत नहीं बल्कि जीवनभर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया का एक चरण मात्र है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बदलती तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में जिज्ञासु बने रहना और नई चुनौतियों को स्वीकार करना ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।

भविष्य के नेताओं और इनोवेटर्स तैयार कर रहा है एनआईईटी : डॉ. नीमा अग्रवाल
एनआईईटी की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक डॉ. नीमा अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि चरित्र, ईमानदारी और सीखते रहने की क्षमता भी सफलता का आधार बनती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईईटी से प्राप्त शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने और अपने-अपने क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करेंगे।
एनआईईटी के स्वर्णिम पलों का बना गवाह दीक्षांत समारोह
संस्थान के निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने कहा कि यह समारोह एनआईईटी के इतिहास के सबसे गौरवशाली क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि एनआईईटी केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक, कुशल पेशेवर और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले युवाओं का निर्माण कर रहा है।
रजिस्ट्रार डॉ. के.पी. सिंह ने दी समारोह की जानकारी
एनआईईटी के रजिस्ट्रार डॉ. के.पी. सिंह ने दीक्षांत समारोह की कार्यवाही और विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों की उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ज्ञान, संस्कार और नवाचार का केंद्र बन चुका है एनआईईटी
पिछले कई वर्षों में एनआईईटी ने शिक्षा, अनुसंधान, प्लेसमेंट और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में यहां के विद्यार्थियों का चयन हो रहा है और संस्थान लगातार उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान कर रहा है। दीक्षांत समारोह-2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एनआईईटी केवल इंजीनियर नहीं बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक, उद्यमी, प्रबंधक और समाज के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का कार्य कर रहा है।



