Greater Noida Authority News : अब हर नल में होगा पर्याप्त पानी!, ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को मिल रही जल संकट से मुक्ति, बन रहे 4 भूमिगत जलाशय, गंगाजल और भूजल का होगा मिश्रण, तय समय में पूरा होगा निर्माण, प्राधिकरण ACEO प्रेरणा सिंह का लक्ष्य - हर सेक्टर और सोसाइटी को मिले निर्बाध जल आपूर्ति

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
तेज़ी से बढ़ती आबादी, उभरती नई-नई हाउसिंग सोसाइटियाँ और जल संकट की बढ़ती शिकायतों के बीच ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को जल संकट से राहत दिलाने की दिशा में प्राधिकरण ने चार भूमिगत जलाशयों (Underground Reservoirs – UGRs) के निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ा दिया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर पानी की उपलब्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
4 जगह बन रहे हैं भूमिगत जलाशय, तय समय में पूरा होगा निर्माण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग द्वारा टेकजोन-4, सेक्टर-2, सेक्टर-3 और ईटा-2 में ये चार भूमिगत जलाशय बनाए जा रहे हैं। इनकी कुल लागत लगभग ₹10 करोड़ है। प्राधिकरण के वरिष्ठ जल प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि इनका निर्माण इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
| स्थान | क्षमता (केएलडी) |
|---|---|
| टेकजोन-4 | 10,000 केएलडी |
| सेक्टर-2 | 6,000 केएलडी |
| सेक्टर-3 | 3,000 केएलडी |
| ईटा-2 | 1,500 केएलडी |
कहां-कहां पहुंचेगा पानी? — जानिए किस यूजीआर से कौन-कौन सी सोसाइटियाँ लाभान्वित होंगी
टेकजोन-4 से लाभ पाने वाली प्रमुख 19 सोसाइटियाँ:
- हिमालया प्राइड, चेरी काउंटी, फ्यूजन होम्स, ग्रीन आर्क, जेएम फ्लोरेंस, स्प्रिंग मीडोज, समृद्धि, मेफेयर, ला रेजिडेंशिया, हवेलिया, एनएक्स वन, गौर सौंदर्यम, निराला एस्टेट, ऐस एस्पायर, लेजर पार्क, रॉयल नेस्ट, गैलेक्सी वेगा, पंचतत्व, आम्रपाली लेजर पार्क
यह जलाशय इन सोसाइटियों और संस्थानों को गंगाजल व भूजल मिश्रित पानी की पर्याप्त आपूर्ति देगा।
सेक्टर-2 से लाभ:
- ब्लॉक A, B, C, D, E, F
- इरोज संपूर्णनम, निराला सोसाइटी
सेक्टर-3 से लाभ:
- जनता फ्लैट, ब्लॉक A, B, C, D
ईटा-2 जलाशय:
- 1500 केएलडी क्षमता वाला यह यूजीआर आसपास के रिहायशी इलाकों में जल वितरण की स्थिति में बड़ा सुधार करेगा।
प्राधिकरण का लक्ष्य — हर सेक्टर और सोसाइटी को मिले निर्बाध जल आपूर्ति
प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने कहा:
“जल विभाग को यूजीआर के निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के सेक्टरों व सोसाइटियों में जलापूर्ति को और बेहतर बनाया जा सके।”
इस बयान से स्पष्ट है कि प्राधिकरण जल संकट को लेकर गंभीर है और समाधान की दिशा में कार्य कर रहा है।
गंगाजल + भूजल का होगा वैज्ञानिक मिश्रण — मिलेगा साफ और निरंतर जल स्रोत
प्राधिकरण इन जलाशयों के माध्यम से गंगाजल और भूजल का मिश्रित वितरण करेगा, जिससे पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी और सप्लाई में निरंतरता बनी रहेगी। यह मॉडल तकनीकी दृष्टि से भी प्रभावशाली माना जा रहा है।
- ✅ गंगाजल से आएगी शुद्धता
- ✅ भूजल से मिलेगा दबाव और आपूर्ति निरंतरता
- ✅ जल गुणवत्ता में सुधार
- ✅ टैंकर डिपेंडेंसी होगी कम
जल संकट को कहिए अलविदा — ग्रेटर नोएडा अब बन रहा है स्मार्ट वॉटर नेटवर्क वाला शहर
ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में लाखों की आबादी निवास करती है। गर्मियों में यहां पानी की समस्या बड़ी चुनौती बन जाती थी, लेकिन अब जलाशयों के निर्माण से यह संकट स्थायी रूप से दूर हो सकता है।
- नई सोसाइटियों के लिए भविष्य की जरूरतों का ख्याल रखा गया है
- इन जलाशयों से न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि जल प्रबंधन भी अधिक संगठित और प्रभावी होगा
स्मार्ट शहर की ओर एक और कदम — जल आपूर्ति में आएगी क्रांति
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा उठाया गया यह कदम स्मार्ट सिटी योजना की दिशा में भी अहम है। जहां आमतौर पर नगर विकास में पानी की आपूर्ति को नजरअंदाज किया जाता है, वहीं यहां पर इस जरूरत को प्राथमिकता दी जा रही है।
निष्कर्ष — “पानी की कमी नहीं, अब सिर्फ योजना की ज़रूरत है”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इस पहल से साफ़ हो गया है कि शहर भविष्य की आबादी और आवश्यकताओं के लिए तैयार हो रहा है।
यदि सभी कार्य तय समय में पूरे हो गए, तो आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट पानी के मामले में आत्मनिर्भर हो सकते हैं।
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