Breaking News : “ऑपरेशन अपराजेय” से स्पेशल नीड बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच!, गौतमबुद्धनगर पुलिस की अनोखी पहल, अब संवेदनशील पुलिसिंग के साथ हर जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचेगी मदद, स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस कमिश्नरेट का बड़ा कदम, अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

नोएडा, रफ़्तार टूडे। समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों में शामिल विशेष आवश्यकता वाले (स्पेशल नीड) बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक नई और अभिनव पहल की शुरुआत की है। इस पहल को नाम दिया गया है— ‘ऑपरेशन अपराजेय’। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन बच्चों और उनके परिवारों के लिए भरोसे का एक नया अध्याय है, जो विशेष देखभाल और अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता रखते हैं।
इसी अभियान के तहत शुक्रवार को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के ऑडिटोरियम में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पेशल नीड बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, उनकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दिया संवेदनशील पुलिसिंग का संदेश
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन स्पेशल नीड बच्चों के मामले में यह जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को केवल कानून व्यवस्था के दायरे में नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सहयोग की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन अपराजेय का उद्देश्य एक ऐसा मजबूत और सतत सहयोग तंत्र विकसित करना है, जिसके माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल के जरिए पुलिस केवल संकट के समय ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से ऐसे परिवारों के संपर्क में रहेगी।
देश के लिए मॉडल बन सकता है यह अभियान
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस योजना की शुरुआत गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट से की गई है, लेकिन आने वाले समय में यह पहल प्रदेश और देश के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बड़ी संख्या में माता-पिता नौकरीपेशा हैं और बच्चों की देखभाल के लिए केयर टेकर पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कई बार लापरवाही और अनुचित व्यवहार के मामले भी सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्पेशल नीड बच्चे के साथ किसी प्रकार की उपेक्षा या दुर्व्यवहार होता है, तो पुलिस की भूमिका केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से होगी पहचान
ऑपरेशन अपराजेय के अंतर्गत मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी, जहां स्पेशल नीड बच्चे निवास करते हैं। इसके बाद उनकी आवश्यकताओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित संपर्क व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इसके अलावा ऐसे बच्चों की देखभाल करने वाले केयर टेकर के सत्यापन के दौरान उनके व्यवहार, मानसिक स्थिति, जिम्मेदारी निभाने की क्षमता और आचरण का भी विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तैयार होगा विशेष डेटाबेस
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अपराजेय के अंतर्गत स्पेशल नीड बच्चों और उनसे जुड़े मामलों का एक विशेष डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को त्वरित सहायता पहुंचाने में आसानी होगी।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे ऐसे बच्चों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण अनुभव
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने स्पेशल नीड बच्चों की मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और व्यवहारिक आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे बच्चों के साथ संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण और धैर्य की आवश्यकता होती है।
इस दौरान एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज (AIRS) की डीन प्रो. (डॉ.) जयंती पुजारी, डॉ. अनुसूया के. यादव और डॉ. राम शंकर सक्सेना सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्रदान की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र और महिला सुरक्षा पुलिस उपायुक्त सुनीति भी मौजूद रहीं। दोनों अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे स्पेशल नीड बच्चों के मामलों में अतिरिक्त संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास का रिश्ता तभी मजबूत होगा, जब कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को यह महसूस होगा कि पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है।
सुरक्षा के साथ सम्मान भी है उद्देश्य
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन अपराजेय केवल सुरक्षा प्रदान करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह स्पेशल नीड बच्चों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर संरक्षण और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी भी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह अभियान हजारों परिवारों के लिए सुरक्षा और भरोसे का मजबूत आधार बनेगा।



