पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 13 Dec 2021 04:35 AM IST
सार
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस लैपटॉप बैग में बम धमाका हुआ था, उस बैग में टिफिन बम के अलावा नीले रंग की एक फाइल भी थी।
गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या के लिए बदमाश वकील के वेश में रोहिणी कोर्ट में घुसे थे, उसी तरह बम धमाका करने वाला आरोपी भी फाइल लेकर कोर्ट में घुसा था। ये नीले रंग की फाइल थी और इस पर आगे पीछे कुछ भी नहीं लिखा हुआ। पुलिस इस तरह की फाइल बेचने वालों के पास जाकर आरोपी का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस को मौके से एक किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला है। रोहिणी स्थित एफएसएल ने पुष्टि कर दी है कि धमाके वाली जगह से मिला सफेद रंग का पाउडर अमोनियम नाइट्रेट है।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस लैपटॉप बैग में बम धमाका हुआ था, उस बैग में टिफिन बम के अलावा नीले रंग की एक फाइल भी थी। बैग में टिफिन और फाइल के अलावा कुछ भी नहीं था। माना जा रहा है कि आरोपी ने कोर्ट में घुसने के लिए इस फाइल का सहारा लिया। फाइल एकदम खाली है। फाइल के अंदर न तो कोई कागज मिला और न ही कुछ लिखा हुआ है।
दिल्ली पुलिस इस तरह की फाइल बेचने वालों के पास पूछताछ के लिए जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि दहशतगर्द ने बम धमाका करने के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया है। बैग से मोटरसाइकिल की बैट्री के अलावा ऐसा सामान मिला है, जिससे ये पता लगा है कि धमाका रिमोट से किया गया है। बम से गैस लीक से धमाका ठीक से हुुआ नहीं।
दो किमी तक लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी कोर्ट के अलावा कोर्ट के दो किलोमीटर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस इस दायरे में रहने वाले लोगों को फुटेज देने के लिए नोटिस दिए हैं। रोहिणी कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को अभी तक सुराग हाथ नहीं लगा है।
दिल्ली पुलिस अधिकारी इसे आतंकी वारदात मानकर जांच कर रहे हैं। स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी गैंगस्टर को इस तरह का बम धमाका करने से कोई फायदा है और न ही किसी गैंगस्टर से अभी तक के इतिहास में इस तरह की वारदात की है। दिल्ली पुलिस के अलावा एनएसजी व एनआईए भी धमाके की जांच कर रही है।
विस्तार
गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या के लिए बदमाश वकील के वेश में रोहिणी कोर्ट में घुसे थे, उसी तरह बम धमाका करने वाला आरोपी भी फाइल लेकर कोर्ट में घुसा था। ये नीले रंग की फाइल थी और इस पर आगे पीछे कुछ भी नहीं लिखा हुआ। पुलिस इस तरह की फाइल बेचने वालों के पास जाकर आरोपी का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस को मौके से एक किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला है। रोहिणी स्थित एफएसएल ने पुष्टि कर दी है कि धमाके वाली जगह से मिला सफेद रंग का पाउडर अमोनियम नाइट्रेट है।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस लैपटॉप बैग में बम धमाका हुआ था, उस बैग में टिफिन बम के अलावा नीले रंग की एक फाइल भी थी। बैग में टिफिन और फाइल के अलावा कुछ भी नहीं था। माना जा रहा है कि आरोपी ने कोर्ट में घुसने के लिए इस फाइल का सहारा लिया। फाइल एकदम खाली है। फाइल के अंदर न तो कोई कागज मिला और न ही कुछ लिखा हुआ है।
दिल्ली पुलिस इस तरह की फाइल बेचने वालों के पास पूछताछ के लिए जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि दहशतगर्द ने बम धमाका करने के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया है। बैग से मोटरसाइकिल की बैट्री के अलावा ऐसा सामान मिला है, जिससे ये पता लगा है कि धमाका रिमोट से किया गया है। बम से गैस लीक से धमाका ठीक से हुुआ नहीं।
दो किमी तक लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी कोर्ट के अलावा कोर्ट के दो किलोमीटर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस इस दायरे में रहने वाले लोगों को फुटेज देने के लिए नोटिस दिए हैं। रोहिणी कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को अभी तक सुराग हाथ नहीं लगा है।
दिल्ली पुलिस अधिकारी इसे आतंकी वारदात मानकर जांच कर रहे हैं। स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी गैंगस्टर को इस तरह का बम धमाका करने से कोई फायदा है और न ही किसी गैंगस्टर से अभी तक के इतिहास में इस तरह की वारदात की है। दिल्ली पुलिस के अलावा एनएसजी व एनआईए भी धमाके की जांच कर रही है।
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