रोहतकएक घंटा पहले
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हरियाणा सरकार ने 2013 बैच के आईपीएस धीरज कुमार सेतिया को निलंबित कर दिया है। वह सुनारिया, रोहतक में तृतीय आईआरबी में कमांडेंट के पद पर तैनात थे। निलंबन अवधि के दौरान वह पुलिस मुख्यालय पंचकूला के साथ संबद्घ रहेंगे। खास बात यह है कि आइपीएस धीरज सेतिया का 24 नवंबर को ही यहां पर तबादला हुआ है। इससे पहले वह कुछ दिनों के लिए कुरूक्षेत्र के एसपी भी रहे थे।
गुरुग्राम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में आइपीएस धीरज सेतिया जांच में शामिल नहीं हुए, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन आदेश शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग राजीव अरोड़ा ने जारी किए। एसटीएफ ने नोटिस भेजकर सेतिया को बीते सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। एसटीएफ उनका पूरा दिन इंतजार करती रही। सरकार ने इसका कड़ा संज्ञान लिया और सेतिया के कदम को अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई कर दी।
अल्फा कंपनी के ठिकानों पर हुई थी चोरी
दरअसल, गुरुग्राम में कुछ दिन पहले अल्फा कंपनी के ठिकानों पर अगस्त माह में चोरी हुई थी। इस मामले में गैंगस्टर विकास लगरपुरिया का नाम भी सामने आया था। उस समय चोरी लाखों की बताई गई थी, लेकिन बाद में जांच एसटीएफ को दी गई। इसमें पता चला कि चोरी लाखों की नहीं, बल्कि करोड़ों की हुई थी। एसटीएफ की जांच शुरू होने के बाद दिल्ली के दो फाइनेंसरों ने करीब एक करोड़ से अधिक रकम और सोने के साथ सरेंडर कर दिया था। इस मामले में पूछताछ के बाद तीन डाक्टरों के नाम भी आए थे। जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल में बंद है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो एसटीएफ की तरफ से उस समय कमिश्नरी में तैनात रहे डीसीपी धीरज सेतिया को नोटिस भेजा गया था। जिसमें उन्हें जांच में शामिल होना था। बताया जा रहा है कि आइपीएस धीरज सेतिया जांच में शामिल नहीं हुए। चर्चा है कि उसी मामले को लेकर आइपीएस सेतिया को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंशन के दौरान उन्हें पंचकूला मुख्यालय में रहना होगा। 16 दिन पहले आइआरबी सुनारिया में तबादला होकर आए आइपीएस सेतिया के सस्पेंड का पता चलते ही मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रोहतक में तैनाती से पहले वह कुरूक्षेत्र के एसपी भी रहे थे। खास बात यह है कि कुरूक्षेत्र एसपी के पद पर भी वह मात्र एक माह तक ही रहे थे