Greater Noida West News : मेंटेनेंस नहीं बढ़ाया तो अंधेरे में डूब गई पूरी सोसाइटी!, इस सोसाइटी में ‘बिजली-पानी युद्ध’, बिल्डर बनाम निवासी आमने-सामने, निवासियों का बिल्डर पर गंभीर आरोप, हाउसकीपिंग और सुरक्षा व्यवस्था भी ठप

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोज सम्पूर्णम सोसाइटी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं बंद किए जाने को लेकर बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करने पर बिल्डर ने दबाव बनाने के लिए पूरी सोसाइटी की सुविधाएं ठप कर दीं।
निवासियों का कहना है कि शुक्रवार सुबह अचानक बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जबकि एनपीसीएल के मोबाइल ऐप पर सप्लाई चालू दिखाई दे रही थी। इससे साफ है कि बिल्डर प्रबंधन ने अपने स्तर पर बिजली काटी, ताकि लोगों पर मेंटेनेंस बढ़ाने का दबाव बनाया जा सके। बिजली के साथ-साथ पानी की आपूर्ति भी कई घंटों तक बाधित रही, जिससे हजारों परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हाउसकीपिंग और सुरक्षा व्यवस्था भी ठप
मेंटेनेंस विवाद का असर केवल बिजली-पानी तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि हाउसकीपिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को भी हटा लिया गया, जिससे सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई टावरों में गार्ड तैनात नहीं थे और साफ-सफाई का कार्य भी पूरी तरह ठप रहा।
निवासियों ने विरोध स्वरूप सोसाइटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।
लिफ्ट बंद होने से टावरों में फंसे लोग
बिजली आपूर्ति बाधित होने का खामियाजा निवासियों को गंभीर रूप से भुगतना पड़ा। आरोप है कि कई टावरों में लिफ्ट अचानक बंद हो गईं, जिनमें करीब पांच लोग फंस गए। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AOA सचिव का आरोप—मेंटेनेंस बढ़ाने का बनाया जा रहा दबाव
सोसाइटी की AOA सचिव श्वेता तिवारी ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन लगातार मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का दबाव बना रहा था, जिसका निवासी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“अचानक बिना किसी वैध सूचना के सुबह करीब 10 बजे से बिजली काट दी गई। डीजी सेट भी नहीं चलाया गया। पानी की सप्लाई भी रोक दी गई। यह सब जानबूझकर किया गया, ताकि लोग परेशान होकर बिल्डर की शर्तें मानने को मजबूर हो जाएं।”
AOA अध्यक्ष बोले—बिल्डर की मनमानी, हैंडओवर भी नहीं दिया
AOA अध्यक्ष दीपांकर कुमार ने बिल्डर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सोसाइटी का अब तक विधिवत हैंडओवर नहीं दिया गया है, और रखरखाव के नाम पर लगातार मनमानी की जा रही है।
उन्होंने कहा, “सोसाइटी में पहले से ही सीपेज, निर्माण खामियों और खराब सुविधाओं की समस्या है। लोगों का सामान खराब हो रहा है। सुविधाएं घटाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मेंटेनेंस बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।”
प्राधिकरण ने लिया संज्ञान, नोटिस जारी
निवासियों की शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए बिल्डर प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। फिलहाल निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से जल्द कोई ठोस समाधान निकलेगा और सोसाइटी में मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह बहाल की जाएंगी।
निवासियों का फूटा गुस्सा, गेट पर प्रदर्शन
शाम होते-होते निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग सोसाइटी के मुख्य गेट पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। नारेबाजी हुई और बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया गया।
इसके बाद निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।
प्राधिकरण ने लिया संज्ञान
निवासियों की शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि बिल्डर द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।



