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UP Breaking News : अब नोएडा-गाजियाबाद जाने की जरूरत नहीं!, इस जिले में बनेगा इंडस्ट्रियल हब, लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार, जानिए सरकार की नई योजना

बिजनौर, रफ्तार टुडे। बिजनौर में रोजगार और उद्योगों के नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। अब जिले के युवाओं को नौकरी और व्यवसाय के लिए नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली या गुरुग्राम की ओर नहीं भागना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के किनारे एक भव्य इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

इस प्रोजेक्ट के तहत बेल्जियम-भारतीय एग्रिस्टो मासा कंपनी ने 750 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है। इसके अलावा, कई अन्य बड़े उद्योगपति भी बिजनौर में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार की योजना इंडस्ट्रियल हब बनाकर हजारों रोजगार के अवसर पैदा करने की है।

बिजनौर का भविष्य बदलेगा यह इंडस्ट्रियल हब!

बिजनौर में सालों से एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र की मांग उठ रही थी। हालांकि, अब सरकार ने इस सपने को साकार करने की ठान ली है। नए इंडस्ट्रियल हब के लिए ज़मीन चिह्नित करने का काम शुरू हो चुका है। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के मेरठ स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पत्र भेजकर औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है।

क्या है इस इंडस्ट्रियल हब की खासियत?

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे होगा निर्माण
एनसीआर से होगी सीधी कनेक्टिविटी
गंगा नदी पर दूसरा पुल बनेगा, जिससे बिजनौर और अमरोहा का जुड़ाव मजबूत होगा
बेल्जियम-भारतीय कंपनी ने 750 करोड़ रुपये का निवेश किया
100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूमि की तलाश
400 नए निवेशकों ने रुचि दिखाई, 11,743 करोड़ के एमओयू साइन
12,187 लोगों को अब तक रोजगार मिल चुका है

रोजगार के अवसर होंगे जबरदस्त, जिले के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

इंडस्ट्रियल एरिया के निर्माण से स्थानीय निवासियों को जबरदस्त फायदा होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। जिले के अंदर ही उन्हें अच्छी कंपनियों में नौकरी करने का अवसर मिलेगा

इसके अलावा, यह इंडस्ट्रियल हब स्थानीय व्यापारियों और किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा। उद्योगों के बढ़ने से किसानों को अपनी उपज को अच्छे दामों में बेचने का मौका मिलेगा।

दिल्ली-एनसीआर से होगी सीधी कनेक्टिविटी, निवेशकों को मिलेंगी सुविधाएं

इंडस्ट्रियल हब के निर्माण के लिए बिजनौर को चुने जाने के पीछे एक बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति और बेहतरीन कनेक्टिविटी है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बनने से यह क्षेत्र सीधे दिल्ली-एनसीआर से जुड़ जाएगा।

इसके अलावा, गंगा नदी पर दूसरा पुल बनाए जाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे बिजनौर की कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। निवेशकों को यहां बेहतर सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी

सरकार की बड़ी योजना, बिजनौर को मिलेगा औद्योगिक पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के विभिन्न जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बना रही है। बिजनौर में इंडस्ट्रियल हब विकसित करने की योजना भी इसी का हिस्सा है।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य बिजनौर को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी

क्या कहते हैं स्थानीय उद्यमी और प्रशासनिक अधिकारी?

बिजनौर के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि हाईवे के निर्माण के दौरान ही इंडस्ट्रियल एरिया के लिए जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा,
“यह प्रोजेक्ट बिजनौर के आर्थिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित होगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और निवेशक यहां उद्योग लगाने में रुचि दिखा रहे हैं।”

वहीं, स्थानीय उद्योगपतियों का कहना है कि यदि सरकार पूरी तरह से सहयोग करे, तो बिजनौर उत्तर प्रदेश का अगला बड़ा इंडस्ट्रियल हब बन सकता है

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

बिजनौर के लोगों को होगा ये बड़ा फायदा!

  • युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलेगा
  • स्थानीय व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
  • किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिलेंगे
  • बिजनौर का आर्थिक विकास तेजी से होगा
  • एनसीआर से बिजनौर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी

निवेशकों के लिए बिजनौर क्यों बन रहा पहली पसंद?

बिजनौर में औद्योगिक विकास के लिए जो माहौल तैयार किया जा रहा है, वह इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। यहां सस्ती जमीन, बढ़िया कनेक्टिविटी, सरकार की तरफ से सहयोग और स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों की उपलब्धता निवेशकों को बिजनौर की तरफ खींच रही है।

अभी और कितना इंतजार करना होगा?

सरकार ने इंडस्ट्रियल हब बनाने की घोषणा कर दी है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा? विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अधिग्रहण प्रक्रिया तेजी से पूरी होती है, तो अगले 3 से 4 सालों में यहां पर उद्योगों का काम शुरू हो सकता है

बिजनौर को मिलेगी नई पहचान!

यह इंडस्ट्रियल हब बिजनौर को एक नई पहचान देने का काम करेगा। अभी तक जिले को कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह उद्योगों और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

बिजनौर में कब तक होंगे नए उद्योग स्थापित?

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू – 2025 तक पूरी होगी
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट – 2026-27 तक
पहली फैक्ट्रियों की शुरुआत – 2028 तक संभावित

निष्कर्ष – बिजनौर में रोजगार की क्रांति आने वाली है!

यदि यह योजना सफल होती है, तो बिजनौर यूपी के सबसे बड़े औद्योगिक जिलों में शामिल हो सकता है। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में भी अहम योगदान देगा


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