अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sat, 04 Dec 2021 09:01 PM IST
सार
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने आईएनएक्स मीडिया के निदेशक और सीईओ रहे पीटर मुखर्जी को राहत प्रदान की है।
पीटर मुखर्जी (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI
अदालत ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में आरोपी पीटर मुखर्जी को जमानत प्रदान कर दी। मामला पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से जुड़ा है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने आईएनएक्स मीडिया के निदेशक और सीईओ रहे पीटर मुखर्जी को राहत प्रदान की है। अदालत ने इससे पहले उनकी जमानत याचिका लंबित होने के दौरान अंतरिम जमानत प्रदान की थी।
सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति प्रदान करने में अनियमितता के आरोप में 15 मई 2017 को मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी का आरोप था कि इसके लिए 2007 में 305 करोड़ की घूस दी गई थी। उस दौरान पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केस दर्ज किया था।
पी. चिदंबरम को इस मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त 2019 को और ईडी ने 16 अक्तूबर 2019 को गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सीबीआई के मामले में 22 अक्तूबर 2019 को जमानत प्रदान की थी। वहीं ईडी के मामले में उन्हें चार दिसंबर 2019 को जमानत मिली थी।
सीबीआई ने कार्ति को भ्रष्टाचार मामले में फरवरी 2018 में गिरफ्तार किया था। कार्ति को मार्च 2018 में जमानत मिली थी। उसे धन शोधन मामले में भी जमानत मिल चुकी है।
विस्तार
अदालत ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में आरोपी पीटर मुखर्जी को जमानत प्रदान कर दी। मामला पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से जुड़ा है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने आईएनएक्स मीडिया के निदेशक और सीईओ रहे पीटर मुखर्जी को राहत प्रदान की है। अदालत ने इससे पहले उनकी जमानत याचिका लंबित होने के दौरान अंतरिम जमानत प्रदान की थी।
सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति प्रदान करने में अनियमितता के आरोप में 15 मई 2017 को मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी का आरोप था कि इसके लिए 2007 में 305 करोड़ की घूस दी गई थी। उस दौरान पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केस दर्ज किया था।
पी. चिदंबरम को इस मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त 2019 को और ईडी ने 16 अक्तूबर 2019 को गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सीबीआई के मामले में 22 अक्तूबर 2019 को जमानत प्रदान की थी। वहीं ईडी के मामले में उन्हें चार दिसंबर 2019 को जमानत मिली थी।
सीबीआई ने कार्ति को भ्रष्टाचार मामले में फरवरी 2018 में गिरफ्तार किया था। कार्ति को मार्च 2018 में जमानत मिली थी। उसे धन शोधन मामले में भी जमानत मिल चुकी है।
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