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ATS Builder News: नोएडा के सबसे बड़े बिल्डर एटीएस पर देश की सबसे बड़ी एजेंसी की नजर, एटीएस बिल्डर पर मनी लांड्रिंग के गंभीर आरोप, ED ने एटीएस बिल्डर को भेजा नोटिस, 63 प्रोजेक्ट रडार पर

सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को इस बात की जानकारी है कि ब्लैक एंड व्हाइट मनी का बड़ा गेम हुआ है ।

नॉएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा के सबसे बड़े बिल्डर ATS पर देश की सबसे बड़ी एजेंसी की नजर बनी हुई है। ATS बिल्डर पर मनी लांड्रिंग के गंभीर आरोप लगे है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एटीएस बिल्डर को भेजा नोटिस
एजेंसी ने बिल्डर से मांगे संबंधित कागजात, सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को इस बात की जानकारी है कि ब्लैक एंड व्हाइट मनी का बड़ा गेम हुआ है ।

एटीएस कंपनी में गोपनीय जानकारी एजेंसी को मिली है कि कई अफसर का पैसा भी लगा है कंपनी में कस्टमर से लिया गया पैसा एक प्रोजेक्ट से दूसरे प्रोजेक्ट में ट्रांसफर भी किया गया। ED ने नोएडा प्राधिकरण से पांच दिन में मांगी रिपोर्ट, यह 63 प्रोजेक्ट रडार पर।

नोएडा में ईडी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। आम्रपाली, सुपरटेक, यूनिटेक के बाद अब ED ने नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) से एटीएस ग्रुप (ATS Group) या उससे जुड़े 63 प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जुटाना के लिए कहां है। इनमें खुद एटीएस के नाम से 26 कंपनियां है एड द्वारा जमीन आवंटन से लेकर बकाया तक के बारे में जानकारी मांगी गई है। 

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ईडी ने प्राधिकरण को एक पत्र भेजा है। जिसमें 28 जून तक जानकारी देने के लिए कहा है। आशंका है कि ED को एटीएस ग्रुप और अन्य कंपनियों के बीच लेनदेन में गड़बड़ी को लेकर शिकायत मिली है। इसके बाद जानकारी मांगी गई है। ED के लखनऊ स्थित जोनल मुख्यालय के उपनिदेशक ज्वलिन तेजपाल की ओर से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को परियोजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए पत्र भेजा गया है। पत्र में 63 प्रोजेक्ट के नाम है सूचना मांगने का आधार मनी लॉन्ड्रिंग बताया गया है।

आम्रपाली, सुपरटेक, यूनिटेक के बाद अब एटीएस की बारी
ईडी के इस पत्र के बारे में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह पत्र सामने नहीं आया है। हो सकता है कि ऑफिस में डाक के जरिये आया हो। पत्र में, जो जानकारी मांगी गई है, उसको तय समय में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस बारे में एटीएस के निदेशक गीतांबर आनंद के मोबाइल पर कॉल और मैसेज कर जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ईडी नोएडा से जुड़े अन्य बिल्डरों की परियोजनाओं को लेकर भी जांच कर रहा है। आम्रपाली, सुपरटेक, यूनिटेक के अलावा थ्रीसी बिल्डर की परियोजनाएं जांच के दायरे में हैं। पिछले महीने ही ईडी ने थ्रीसी की लोटस 300 और लोटस बुलेवर्ड को लेकर जानकारी मांगी थी।

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बिल्डर पर खरीददारों ने लगाया आरोप 
शहर में करीब 70-80 हजार खरीदार फ्लैट पाने और 30 हजार से अधिक खरीदार रजिस्ट्री के इंतजार में हैं। समय पर परियोजनाएं पूरी न करने और रजिस्ट्री रुकी होने को लेकर खरीदार आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं। खरीदार लगातार आरोप लगा रहे हैं कि बिल्डरों ने उनसे लिए धन को दूसरी परियोजनाओं या अन्य व्यवसाय में लगा दिया। बिल्डर ने पैसों की हेराफेरी कर उनके साथ धोखा किया है।

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