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Omicron Still Looks Like A Cold In The Infected Admitted In Delhi There Is No Serious Effect On The Patient – दिल्ली में भर्ती संक्रमित: अभी तक सर्दी-जुकाम जैसा दिख रहा ओमिक्रॉन, मरीज पर गंभीर असर नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 07 Dec 2021 01:12 AM IST

सार

स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ओमिक्रोन वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले सभी लोगों की टेस्टिंग करवा रही है। अभी तक कुल 27 लोग एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराये गए हैं।

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दुनिया भर में हड़कंप मचाने वाला कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट अभी तक सर्दी-जुकाम जैसा ही दिखाई दे रहा है। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती मरीजों में एक ओमिक्रॉन संक्रमित मिला है लेकिन मरीज को सिर्फ दो दिन बुखार रहने के बाद उतर गया। अब गले में खराश, बार-बार सूखी खांसी और सर्दी का विकार है। इसके अलावा मरीज को सिर दर्द की शिकायत भी है। इसकी एक वजह सर्दी भी मानी जा रही है। 

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत स्थिर है और उसे कोविड वार्ड के सामान्य कक्ष में रखा गया है। हालांकि, उनके पास आईसीयू बिस्तर बगैरह भी तैयार हैं लेकिन मरीज की हालत काफी नियंत्रित दिखाई दे रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज को देख कुछ कुछ अनुमान लगाया जा सकता है लेकिन अभी इसे जल्दबाजी में नहीं ले सकते हैं। लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए सतर्कता नियमों का पालन करना चाहिए। 

अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि पिछले साल की शुरूआत में भी कोरोना वायरस के अधिकांश मामले सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई दे रहे थे। केवल कुछ आयुवर्ग और अस्वस्थ्य रोगियों में ही जोखिम दिखाई दे रहा था लेकिन धीरे धीरे वायरस में परिवर्तन यानी म्यूटेशन हुए और संक्रमण का प्रसार काफी बड़े स्तर पर देखने को भी मिला। इसलिए अभी ओमिक्रॉन को लेकर कुछ कहना जल्दबाजी होगा लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिले साक्ष्य और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के साथ साथ अस्पताल में भर्ती मरीज की दिनचर्या पर नजर डालें तो नया वैरिएंट का कोई गंभीर असर देखने को नहीं मिल रहा है। 

उन्होंने बताया कि विदेश से आए कुल 27 में से 17 संक्रमित और छह संदिग्ध हैं। 17 में से 12 लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आई है। इनमें से 11 लोग निगेटिव हैं। ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज बीते दो दिसंबर को ही अस्पताल में भर्ती हुआ था। उन्होंने बताया कि हमारे पास जीनोम जांच की क्षमता है और हम इसकी जांच की संख्या भी बढ़ा रहे हैं। तंजानिया से लौटे 33 वर्षीय युवक की हालत अब पहले से काफी बेहतर है। 

उन्होंने बताया कि अस्पताल में 40 बिस्तरों का एक वार्ड बना है जिसमें विदेश से आने वालों को रखा जा रहा है। यहां से संक्रमित रोगियों को दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। इसके अलावा 10 बेडस का अलग से आईसीयू भी है, जो सिर्फ इन मरीजों के लिए है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को ऑक्सिजन या आईसीयू की जरूरत नहीं हुई है। 

संक्रमण से प्रभावित देशों से आने वालों की टेस्टिंग 
स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ओमिक्रोन वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले सभी लोगों की टेस्टिंग करवा रही है। अभी तक कुल 27 लोग एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराये गए हैं। इनमें से 17 पॉजिटिव हैं। एक व्यक्ति में ही ओमिक्रोन वारिएंट मिलने की पुष्टि हुई है और बाकी लोगो की जांच जारी है। सभी मरीज अस्पताल में हैं। कई ऐसे भी हैं जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं।

विस्तार

दुनिया भर में हड़कंप मचाने वाला कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट अभी तक सर्दी-जुकाम जैसा ही दिखाई दे रहा है। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती मरीजों में एक ओमिक्रॉन संक्रमित मिला है लेकिन मरीज को सिर्फ दो दिन बुखार रहने के बाद उतर गया। अब गले में खराश, बार-बार सूखी खांसी और सर्दी का विकार है। इसके अलावा मरीज को सिर दर्द की शिकायत भी है। इसकी एक वजह सर्दी भी मानी जा रही है। 

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत स्थिर है और उसे कोविड वार्ड के सामान्य कक्ष में रखा गया है। हालांकि, उनके पास आईसीयू बिस्तर बगैरह भी तैयार हैं लेकिन मरीज की हालत काफी नियंत्रित दिखाई दे रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज को देख कुछ कुछ अनुमान लगाया जा सकता है लेकिन अभी इसे जल्दबाजी में नहीं ले सकते हैं। लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए सतर्कता नियमों का पालन करना चाहिए। 

अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि पिछले साल की शुरूआत में भी कोरोना वायरस के अधिकांश मामले सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई दे रहे थे। केवल कुछ आयुवर्ग और अस्वस्थ्य रोगियों में ही जोखिम दिखाई दे रहा था लेकिन धीरे धीरे वायरस में परिवर्तन यानी म्यूटेशन हुए और संक्रमण का प्रसार काफी बड़े स्तर पर देखने को भी मिला। इसलिए अभी ओमिक्रॉन को लेकर कुछ कहना जल्दबाजी होगा लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिले साक्ष्य और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के साथ साथ अस्पताल में भर्ती मरीज की दिनचर्या पर नजर डालें तो नया वैरिएंट का कोई गंभीर असर देखने को नहीं मिल रहा है। 

उन्होंने बताया कि विदेश से आए कुल 27 में से 17 संक्रमित और छह संदिग्ध हैं। 17 में से 12 लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आई है। इनमें से 11 लोग निगेटिव हैं। ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज बीते दो दिसंबर को ही अस्पताल में भर्ती हुआ था। उन्होंने बताया कि हमारे पास जीनोम जांच की क्षमता है और हम इसकी जांच की संख्या भी बढ़ा रहे हैं। तंजानिया से लौटे 33 वर्षीय युवक की हालत अब पहले से काफी बेहतर है। 

उन्होंने बताया कि अस्पताल में 40 बिस्तरों का एक वार्ड बना है जिसमें विदेश से आने वालों को रखा जा रहा है। यहां से संक्रमित रोगियों को दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। इसके अलावा 10 बेडस का अलग से आईसीयू भी है, जो सिर्फ इन मरीजों के लिए है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को ऑक्सिजन या आईसीयू की जरूरत नहीं हुई है। 

संक्रमण से प्रभावित देशों से आने वालों की टेस्टिंग 

स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ओमिक्रोन वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले सभी लोगों की टेस्टिंग करवा रही है। अभी तक कुल 27 लोग एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराये गए हैं। इनमें से 17 पॉजिटिव हैं। एक व्यक्ति में ही ओमिक्रोन वारिएंट मिलने की पुष्टि हुई है और बाकी लोगो की जांच जारी है। सभी मरीज अस्पताल में हैं। कई ऐसे भी हैं जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं।

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