अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 22 Nov 2021 11:19 PM IST
सार
परिवार ने पुलिस से मामले की जांच करवाने की मांग की है। लक्ष्मी नगर थाना पुलिस के अलावा क्राइम और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। उसके आधार पर आग के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित मकान की चौथी मंजिल पर आग लग गई। कमरे में रखा छोटा सिलिंडर फट गया। आग बढ़ी तो वहां मौजूद दंपती बचने के लिए बाहर भागा। पड़ोसियों ने किसी तरह महिला को तो बचा लिया लेकिन इस दौरान चौथी मंजिल से गिरकर युवक की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त रजत कुमार (28) के रूप में हुई है। हादसे में रजत की पत्नी लक्ष्मी मामूली रूप से झुलस गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। रजत के पिता ने बेटे के चौथी मंजिल से गिरने को साजिश बताया है। उनका कहना है कि जानबूझकर उनके बेटे को नीचे फेंका गया।
पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रजत अपने परिवार के साथ 3/76, किशनकुंज में रहता था। इसके परिवार में पिता बंसीलाल, मां सीया देवी, बड़ा भाई सोनू कुमार और पत्नी लक्ष्मी थी। इनका मकान ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिल और बना हुआ था। रजत मकान की टॉप फ्लोर पर रहता था। घर के पास ही परिवार की मिठाई की दुकान है। शनिवार शात करीब 6.10 बजे रजत की फ्लोर पर अचानक आग लग गई। तुरंत रजत ने पिता को कॉल कर इसकी सूचना दी।
बंसीलाल और सोनू तुरंत घर की ओर भागे। इसी दौरान रजत के कमरे में रखा छोटी एलपीजी सिलिंडर फट गया। पड़ोसियों ने रजत की पत्नी को बचा लिया, लेकिन रजत बचने के चक्कर में चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। बंसीलाल वहां पहुंचे तो बेटे को चौथी मंजिल से गली में गिरा पाया। फौरन परिवार रजत को लेकर हेड गेवार अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
आग लगने के दौरान रजत के नीचे गिरने पर परिवार ने संदेह जताया है। उनका कहना है कि जहां से रजत नीचे गिरा है, वहां से सामने वाले मकान में आसानी से जाया जा सकता है। ऐसे में रजत के खुद गिरने की संभावना बेहद कम है। परिवार ने पुलिस को दिए बयान में अपने संदेह की जांच करवाने की बात की है। पुलिस परिवारों के आरोप की जांच कर रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात की जा रही है। पुलिस को घर से एक छोटा सिलिंडर फटा हुआ मिला है।
विस्तार
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित मकान की चौथी मंजिल पर आग लग गई। कमरे में रखा छोटा सिलिंडर फट गया। आग बढ़ी तो वहां मौजूद दंपती बचने के लिए बाहर भागा। पड़ोसियों ने किसी तरह महिला को तो बचा लिया लेकिन इस दौरान चौथी मंजिल से गिरकर युवक की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त रजत कुमार (28) के रूप में हुई है। हादसे में रजत की पत्नी लक्ष्मी मामूली रूप से झुलस गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। रजत के पिता ने बेटे के चौथी मंजिल से गिरने को साजिश बताया है। उनका कहना है कि जानबूझकर उनके बेटे को नीचे फेंका गया।
पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रजत अपने परिवार के साथ 3/76, किशनकुंज में रहता था। इसके परिवार में पिता बंसीलाल, मां सीया देवी, बड़ा भाई सोनू कुमार और पत्नी लक्ष्मी थी। इनका मकान ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिल और बना हुआ था। रजत मकान की टॉप फ्लोर पर रहता था। घर के पास ही परिवार की मिठाई की दुकान है। शनिवार शात करीब 6.10 बजे रजत की फ्लोर पर अचानक आग लग गई। तुरंत रजत ने पिता को कॉल कर इसकी सूचना दी।
बंसीलाल और सोनू तुरंत घर की ओर भागे। इसी दौरान रजत के कमरे में रखा छोटी एलपीजी सिलिंडर फट गया। पड़ोसियों ने रजत की पत्नी को बचा लिया, लेकिन रजत बचने के चक्कर में चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। बंसीलाल वहां पहुंचे तो बेटे को चौथी मंजिल से गली में गिरा पाया। फौरन परिवार रजत को लेकर हेड गेवार अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
आग लगने के दौरान रजत के नीचे गिरने पर परिवार ने संदेह जताया है। उनका कहना है कि जहां से रजत नीचे गिरा है, वहां से सामने वाले मकान में आसानी से जाया जा सकता है। ऐसे में रजत के खुद गिरने की संभावना बेहद कम है। परिवार ने पुलिस को दिए बयान में अपने संदेह की जांच करवाने की बात की है। पुलिस परिवारों के आरोप की जांच कर रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात की जा रही है। पुलिस को घर से एक छोटा सिलिंडर फटा हुआ मिला है।
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