एएनआई, दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 27 Nov 2021 02:19 PM IST
सार
शुक्रवार को डॉक्टरों के अलग-अलग राष्ट्रीय संगठनों ने हड़ताल की घोषणा की थी। जिसके बाद सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज नहीं करने का फैसला लिया था।

हड़ताल पर डॉक्टर
– फोटो : ANI
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विस्तार
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है। इसी के तहत दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट-पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) के अध्यक्ष डॉ. रोहन कृष्णन ने बताया कि नीट पीजी की काउंसलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ा दिया है। केंद्र सरकार का यह फैसला एकदम गलत है। देश भर में युवा डॉक्टर पहले से ही अतिरिक्त बोझ और रात-दिन ड्यूटी दे रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी चिकित्सीय शिक्षा भी प्रभावित हुई है। ऐसे में चार सप्ताह और काउंसलिंग को आगे बढ़ाने का फैसला गलत है।
फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) भी हड़ताल कर रही है। फोर्डा का कहना है कि देश के रेजिडेंट डॉक्टर कोविड-19 महामारी के कारण पहले से ही बोझ से दबे और थके हुए हैं, इसके बावजूद वे आज तक पीजी 2021 काउंसलिंग की धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्हें शारीरिक और मानसिक संकट से कोई राहत नहीं मिल रही है।