GNIM College News : डेटा साइंस का बढ़ता प्रभाव, GNIM में कॉफोर्ज के विशेषज्ञों ने बताया करियर और इनोवेशन का भविष्य

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। आधुनिक दौर में डेटा साइंस एक ऐसा क्षेत्र बन चुका है, जो न केवल तकनीकी और व्यावसायिक दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए अपार करियर संभावनाएं भी खोल रहा है। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए, ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GNIM) के प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल ने 20 फरवरी को कॉफोर्ज (Coforge) आईटी कंपनी के सहयोग से डेटा साइंस पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किया।
डेटा साइंस: क्यों जरूरी है यह स्किल?
कार्यक्रम की शुरुआत में कॉफोर्ज के विशेषज्ञों ने डेटा साइंस की भूमिका, इसकी तकनीकी व विश्लेषणात्मक विशेषताओं, व्यावसायिक निर्णयों में इसके महत्व और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज के दौर में डेटा साइंस सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि एक नई क्रांति है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), बिग डेटा (Big Data), और बिजनेस एनालिटिक्स (Business Analytics) जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
GNIM में छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
इस सत्र का आयोजन माननीय अध्यक्ष श्री बी. एल. गुप्ता के आशीर्वाद से किया गया, जिसका संचालन श्री गौरव तोमर द्वारा किया गया। इस सत्र में बीसीए (BCA) और अन्य तकनीकी विषयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि डेटा साइंस न केवल एक तकनीकी और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करता है, बल्कि यह क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग, और डेटा ड्रिवन डिसीजन मेकिंग की क्षमता भी विकसित करता है।
कॉफोर्ज के विशेषज्ञों ने समझाया कि डेटा साइंस की मदद से कंपनियां ग्राहकों की जरूरतों को समझने, बाजार की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने, और व्यवसायिक रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सफल होती हैं।
डेटा साइंस का भविष्य: कौन-कौन से करियर विकल्प हैं उपलब्ध?
आज के समय में डेटा साइंटिस्ट (Data Scientist), डेटा एनालिस्ट (Data Analyst), मशीन लर्निंग इंजीनियर (Machine Learning Engineer), बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर (BI Developer) और बिग डेटा इंजीनियर (Big Data Engineer) जैसे करियर विकल्प बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।

कॉफोर्ज के विशेषज्ञों ने बताया कि डेटा साइंस केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हेल्थकेयर, फाइनेंस, मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, और ऑटोमेशन जैसे कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं लेकर आ रहा है।
विशेषज्ञों का सम्मान और छात्रों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के समापन के दौरान जीएनआईएम के प्रिंसिपल डॉ. सुशांत पांडे, सुश्री कृष्णा प्रिया और प्रोफेसर अन्नू बहल मेहरा ने श्री गौरव तोमर को उनके ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक सत्र के लिए सम्मानित किया।
छात्रों ने इस व्याख्यान को बेहद लाभदायक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें इंडस्ट्री के पेशेवरों से जुड़ने, डेटा साइंस की गहराई को समझने और अपने करियर के नए रास्ते तलाशने में मदद करते हैं।
GNIM का कदम: भविष्य में और भी ऐसे कार्यक्रम होंगे आयोजित
GNIM की ओर से यह संकेत दिया गया कि भविष्य में भी इस तरह के ज्ञानवर्धक और इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और नवीनतम टेक्नोलॉजी से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
इस कार्यक्रम ने न केवल डेटा साइंस की उपयोगिता को उजागर किया, बल्कि छात्रों को यह भी सिखाया कि वे कैसे इस क्षेत्र में अपने करियर को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं।
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