दादरीगौतमबुद्ध नगरताजातरीन

1857 Kranti Diwas : “दादरी की धरती फिर बनेगी क्रांति की ज्वाला, 10 मई को मशालों के साथ निकलेगा ऐतिहासिक जुलूस, गूंजेगा 1857 का गौरव!”, मशालों के साथ निकलेगा जुलूस, देशभक्ति से गूंजेगा दादरी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास जीवंत होने जा रहा है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की गौरवशाली वर्षगांठ के अवसर पर 10 मई 2026 को दादरी की क्रांतिकारी धरती देशभक्ति और शौर्य के रंग में रंगने वाली है। Jai Ho Ek Samajik Sanstha Trust के तत्वावधान में “क्रांति मशाल जुलूस” का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देगा बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम की नई ऊर्जा भी भरेगा।

मशालों के साथ निकलेगा जुलूस, देशभक्ति से गूंजेगा दादरी

संस्था के संस्थापक संयोजक Kapil Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐतिहासिक जुलूस 10 मई, रविवार को शाम 6:30 बजे दादरी नगर पालिका परिषद कार्यालय से प्रारंभ होगा। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक पहुंचेगा, जहां 1857 के अमर वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद यह यात्रा दादरी बस स्टैंड पर स्थित Rao Umrao Singh की प्रतिमा तक जाएगी, जहां कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि के साथ होगा।

1857 के वीरों को नमन: इतिहास को फिर से जीने का मौका

इस जुलूस की खास बात यह होगी कि इसमें 1857 के महान स्वतंत्रता सेनानियों जैसे Mangal Pandey, Dhan Singh Kotwal और राजा राव उमराव सिंह की झांकियां शामिल होंगी। ये झांकियां न केवल उस दौर की वीरता को दर्शाएंगी, बल्कि युवाओं को यह याद दिलाएंगी कि आजादी की यह नींव कितने बलिदानों के बाद रखी गई थी।

केसरिया झंडे और मशालें: जोश और जुनून का अनोखा संगम

जुलूस में बड़ी संख्या में लोग हाथों में जलती मशालें और केसरिया ध्वज लेकर शामिल होंगे। यह दृश्य दादरी की सड़कों पर एक अद्भुत ऊर्जा और उत्साह का माहौल पैदा करेगा। देशभक्ति के नारों और क्रांतिकारी गीतों के बीच यह जुलूस न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बनेगा, बल्कि एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुभव भी प्रदान करेगा।

युवाओं में राष्ट्रप्रेम जगाने का प्रयास

संस्था के संयोजक Sandeep Bhati ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपने इतिहास और शहीदों के बलिदान को समझना बेहद जरूरी है, ताकि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।

जन-जन से अपील: बनें इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा

आयोजकों ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं। यह आयोजन न केवल दादरी बल्कि पूरे गौतमबुद्ध नगर के लिए गर्व का विषय बनने जा रहा है, जहां एक बार फिर क्रांति की मशाल जलाकर शहीदों को याद किया जाएगा।

दादरी की क्रांति धरा पर फिर जलेगी देशभक्ति की लौ

दादरी, जिसे 1857 की क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है, एक बार फिर उसी ऐतिहासिक गौरव को दोहराने के लिए तैयार है। “क्रांति मशाल जुलूस” इस बात का प्रतीक होगा कि देशभक्ति की भावना आज भी उतनी ही जीवित है, जितनी स्वतंत्रता संग्राम के समय थी। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने और इतिहास को जीवित रखने का एक मजबूत प्रयास है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button