Noida Fire News : “नोएडा की पॉश सोसायटी में लगी भीषण आग, मिनटों में खाक हुआ फ्लैट, चार घंटे की मशक्कत के बाद बुझी लपटें, लोगों में दहशत, आग की वजह अब भी रहस्य”, आग का तांडव और अचानक मची भगदड़, लाखों का नुकसान, लेकिन गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा का सेक्टर-107 स्थित सनवर्ल्ड सोसायटी रविवार देर शाम अफरातफरी का केंद्र बन गया, जब अचानक टावर-11 के एक फ्लैट में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में पूरा फ्लैट जलकर राख हो गया। आग की भयावहता इतनी थी कि आसपास के फ्लैटों के निवासी भी दहशत में आ गए और आनन-फानन में अपने-अपने घर खाली कर बाहर सड़क पर आ गए। चार घंटे की लंबी जद्दोजहद और फायर ब्रिगेड की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका।
नोएडा जैसी आधुनिक सोसायटी में आग लगने की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। यह साबित करती है कि चाहे इमारत कितनी भी पॉश और हाई-टेक क्यों न हो, यदि फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया तो हादसा कभी भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि अब प्राधिकरण को भी सख्ती से सोसायटीज़ की फायर सेफ्टी ऑडिट करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
आग का तांडव और अचानक मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना अचानक हुई। पहले धुएं का गुबार दिखा और उसके बाद तेज़ लपटों ने पूरे फ्लैट को अपनी गिरफ्त में ले लिया। कुछ ही देर में आग की लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं और आसमान तक धुएं का गुबार छा गया। सोसायटी में रहने वाले लोग अचानक से घबराकर इधर-उधर दौड़ने लगे। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अफरातफरी मच गई।
मौके पर पहुंचीं चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
घटना की जानकारी मिलते ही फायर विभाग सक्रिय हो गया। तुरंत चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। फायरमैनों ने सीढ़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। हालांकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि चार घंटे तक लगातार पानी की बौछार करनी पड़ी। आखिरकार टीम की मेहनत रंग लाई और देर रात जाकर आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
खाली कराए गए आस-पास के फ्लैट
आग का खतरा इतना अधिक था कि अगल-बगल के फ्लैटों को तुरंत खाली कराया गया। निवासियों ने बच्चों और महिलाओं को पहले सुरक्षित निकाला। कई लोग घर से बाहर भागते समय अपने जरूरी सामान तक नहीं ले पाए। सोसायटी के गेट पर लोगों की भीड़ लग गई और हर कोई एक-दूसरे की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखा।
आग लगने के कारणों को लेकर अब भी सस्पेंस
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि फायर डिपार्टमेंट और पुलिस अभी पूरी तरह से कारण की पुष्टि नहीं कर पाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर से सोसायटी में फायर सेफ्टी इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लाखों का नुकसान, लेकिन गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं
फ्लैट के अंदर रखा हुआ पूरा सामान आग में जलकर राख हो गया। लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। महंगी इलेक्ट्रॉनिक चीज़ों से लेकर फर्नीचर और व्यक्तिगत दस्तावेज तक कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया और फायर विभाग ने आग को दूसरे फ्लैटों तक फैलने से रोक दिया।
सोसायटी मैनेजमेंट पर उठे सवाल
सोसायटी निवासियों का कहना है कि बार-बार मांग करने के बावजूद मैनेजमेंट ने फायर सेफ्टी इक्विपमेंट्स की नियमित जांच नहीं करवाई। कई लोगों का आरोप है कि इमरजेंसी अलार्म और फायर हाइड्रेंट सही तरीके से काम ही नहीं कर रहे थे। अगर वक्त पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंचतीं तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
दहशत के बाद भी लोग कर रहे चिंतन
इस हादसे के बाद सोसायटी में रहने वाले परिवार बेहद डरे हुए हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब हर किसी को अपने फ्लैट में फायर सेफ्टी उपकरण लगवाने चाहिए ताकि ऐसे हादसों से निपटा जा सके।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायज़ा लिया। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आग वास्तव में शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य वजह से।



